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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 158110 (ALL)
MOHD. SAHID ALI @ MOHD. SAJID v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. HOME U.P. LKO.
BAIL/7608/2025 · 2025-08-19
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 158110 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:48483
Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7608 of 2025 Applicant :- Mohd. Sahid Ali @ Mohd. Sajid Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Home U.P. Lko. Counsel for Applicant :- Jay Krishna Shukla,Avaneesh Sharma Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री जय कक ष्ण शशुक्लप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री पशप्राशांत वत्रिपप्राठश्री कको सशुनप्रा तरप्रा पत्रिप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 439 दशां०प०सशां० दप्रारप्रा पस्तशुत पप्राररनप्रा-पत्रि दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मशुकदमप्रा अपरप्राधि सशांख्यप्रा 107 सन 2025 अन्तररत धिप्रारप्रा 2/3 उ०प० वररकोहबन्द समप्राज वविरकोधिश्री वक्रियप्राकलप्राप (वनविप्रारण) अधधिवनयम रप्रानप्रा हधररविप्राशां धजलप्रा पतप्रापरढ़ मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. उपरकोक पकरण एक पशुधलस पभप्रारश्री वनरश्रीक्षक दप्रारप्रा वदनप्राशांक 16.06.2025 कको पप्रारर्थी सवहत 4 अन्य नप्रावमत व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके आधिप्रार पर सशांसस्रत हहआ, धजसमम कहप्रा रयप्रा वक अवभयशुकरण नके एक सशांरवठत वररकोह बनप्रा रखप्रा हहै। इस वररकोह दप्रारप्रा वकयके रयके आपरप्राधधिक कक त्य उ०प० वररकोहबन्द एविशां समप्राज वविरकोधि वक्रियप्रा कलप्राप वनविप्रारण अधधिवनयम ककी धिप्रारप्रा 2(ख) ककी उपधिप्रारप्रा (1) वि 11 ककी पररधधि मम आतप्रा हहै।
4. पप्राररनप्रा-पत्रि कके सप्रार पस्तशुत शपर-पत्रि मम कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै और उसकप्रा ककोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै।
5. परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके सप्रार सशांलग्न रगर चप्रारर मम 2 आपरप्राधधिक पकरणयों मम पप्रारर्थी ककी सशांधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री रयश्री हहै धजनमम पप्रारर्थी कको जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा आदकेश हको चशुकप्रा हहै।
6. उपरकोक तथ्ययों कको दृवष्टिरत रखतके हहए , जबवक रगर चप्रारर मम विवणरत दको आपरप्राधधिक पकरणयों मम पप्रारर्थी कको जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्रा चशुकप्रा हहै ; पप्रारर्थी कप्रा ककोई पसूविर आपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै; पप्रारर्थी वदनप्राशांक 27.06.2025 सके न्यप्रावयक अवभरक्षप्रा मम वनरुद्ध हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
7. तद्नशुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत्रि स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
8.
आविकेदक मको० शप्रावहद अलश्री उरर मको० सप्राधजद कको वनम्नधलधखत शतर्दोशां कके अधिश्रीन सशांबशांधधित मधजस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी सशांतशुवष्टि कके अनशुसप्रार एक व्यवकरत बशांधिपत्रि और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तशुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए : - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेरप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक्ष कके रविप्राहयों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी रई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोरप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 19.8.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench