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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 158038 (ALL)

SANJEEV KUMAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 3 OTHERS

BAIL/7654/2025 · 2025-08-25

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:49641 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7654 of 2025 Applicant :- Sanjeev Kumar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Krishna Gopal,Arun Kumar,Prem Kumar Verma Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री कक ष्ण गगोपप्राल तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री रप्राजकेश कक मप्रार धससिंह कगो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 147 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 74, 333, 151(3), 352 बश्री०एन०एस० एविसिं धिप्रारप्रा 7/8 ललवगक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससिंरकण अधधिवनयम रप्रानप्रा उचचौधलयप्रा धजलप्रा खश्रीरश्री मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासिंक 15.06.2025 कगो धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपगोरर मम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक वदनप्रासिंक 14.06.2025 ककी रप्रात 1:00 बजके जब वशकप्रायतकतर्थी अपनश्री 13 विरर्थीयप्रा पकतश्री कके सप्रार घर कके भश्रीतर सगो रहश्री रश्री , तब पप्रारर्थी नके घर मम घकसकर उसककी पकतश्री कप्रा हप्रार पकड़ धलयप्रा और अश्लश्रील हरकतम करनके लगप्रा। लड़ककी ककी शगोर मचप्रानके पर , पप्रारर्थी गप्रालश्री-गलचौज कर धिमककी दकेतके हहए भप्राग गयप्रा। 4. धिप्रारप्रा 180 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत असिंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़तप्रा नके कहप्रा वक पप्रारर्थी नके रप्रात मम घर मम घकसकर उसकके सप्रार छकेड़छप्राड़ ककी एविसिं पकेर पर हप्रार रखप्रा। 5. धिप्रारप्रा 183 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत भश्री पश्रीवड़तप्रा नके यहश्री करन वकयप्रा। 6. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोर हहै और उसकप्रा कगोई पसूविर अपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। 7. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम नके भश्री पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरगोधि करतके हहए कहप्रा वक पश्रीवड़तप्रा एक अवियस्क बप्राधलकप्रा हहै, उन्हधोंनके कहप्रा वक पप्राररनप्रा-पत ककी ससूचनप्रा पकधलस कके मप्राध्यम सके वशकप्रायतकतर्थी / पश्रीवड़तप्रा कगो दके दश्री गई हहै। वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम नके यह भश्री कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरगोपधों ककी पकवष्टि हहई हहै और आरगोप पत वदनप्रासिंक 10.07.2025 कगो पस्तकत वकयप्रा जप्रा चककप्रा हहै। 8. उपरगोक तथ्यधों कगो दृवष्टिगत रखतके हहए, जबवक घरनप्रा वशकप्रायतकतर्थी / पश्रीवड़तप्रा कके घर कके असिंदर बश्रीच रप्रात हगोनके कप्रा करन वकयप्रा गयप्रा हहै , वकसिं तक पप्रारर्थी उसकके घर कके असिंदर कहै सके घकसप्रा और बप्राहर वनकलप्रा, यह नहहीं बतप्रायप्रा गयप्रा हहै; पश्रीवड़तप्रा नके पप्रारर्थी दप्रारप्रा मप्रात पकेर पर हप्रार रखनके कप्रा करन वकयप्रा हहै तरप्रा कगोई ललवगक दकष्कमर कप्रा आरगोप नहहीं लगप्रायप्रा गयप्रा हहै; पप्रारर्थी कप्रा कगोई पसूविर अपरप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै ; पप्रारर्थी वदनप्रासिंक 30.06.2025 सके कप्रारप्रागप्रार मम वनरुद्ध हहै; वविविकेचनप्रा पसूणर हगो चकककी हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकए जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 9. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 10. आविकेदक कगो वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दगो जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरगोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयगोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयगोजन पक कके गविप्राहधों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल कगोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हगोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 25.8.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench