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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 157747 (ALL)
GUNDA PAASI @ ABHISHEK v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.
BAIL/7574/2025 · 2025-08-19
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 157747 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:48418 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7574 of 2025 Applicant :- Gunda Paasi @ Abhishek Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Ravi Shankar Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री रवविशशंकर वमिशप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मिनश्रीष वविक्रमि धसशंह चचौहप्रान कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 438 दशं०प०सशं० दप्रारप्रा पस्तसुत पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मिसुकदमिप्रा अपरप्राधि सशंख्यप्रा 077 सन 2025 अन्तररत धिप्रारप्रा 2/3 उ०प० वररकोहबन्द समिप्राज वविरकोधिश्री वक्रयप्राकलप्राप (वनविप्रारण) अधधिवनयमि रप्रानप्रा मिहकेशरशंज धजलप्रा पतप्रापरढ़ मिम जमिप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. उपरकोक पकरण एस.ओ. शश्री मिसुकके श कसु मिप्रार धसशंह दप्रारप्रा वदनप्राशंक 23.04.2025 कको पप्रारर्थी सवहत 4 अन्य नप्रावमित व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई रई परमि ससूचनप्रा ररपकोरर कके आधिप्रार पर सशंसस्रत हहआ, धजसमिम कहप्रा रयप्रा वक अवभियसुकरण नके एक सशंरवठित वररकोह बनप्रा रखप्रा हहै। इस वररकोह दप्रारप्रा कप्राररत उक घरनप्राओशं सके जनतप्रा मिम दहशत सशंतप्रास वि आतशंक व्यप्राप्त हको रयप्रा हहै धजससके सप्रामिप्राधजक, आधररक समिरसतप्रा बसुरश्री तरह सके पभिप्राववित हको रहश्री हहै। इस वररकोह कके भिय एविशं आतशंक सके जनतप्रा कप्रा ककोई भिश्री व्यवक सप्रामिप्रान्य क्रमि मिम रप्रानके मिम इनकके वविरुद्ध मिसुकदमिप्रा धलखविप्रानके वि रविप्राहश्री दकेनके कप्रा सप्राहस नहहीं कर पप्रातप्रा हहै। उक वररकोह दप्रारप्रा वकयके रयके आपरप्राधधिक कक त्य उ०प० वररकोहबन्द एविशं समिप्राज वविरकोधि वक्रयप्रा कलप्राप वनविप्रारण अधधिवनयमि, 1986 ककी धिप्रारप्रा 2(ख) ककी उपधिप्रारप्रा (एक) और (ग्यप्रारह) सके आच्छप्रावदत हहै।
4. परमि ससूचनप्रा ररपकोरर कके सप्रार सशंलग्न रगर चप्रारर मिम मिप्रात एक आपरप्राधधिक पकरण मिम पप्रारर्थी ककी सशंधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री रयश्री हहै धजसमिम उसकको वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा जमिप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्रा चसुकप्रा हहै एविशं इसकके अलप्राविप्रा पप्रारर्थी कके वविरुद्ध दको अन्य आपरप्राधधिक पकरण मिम धलप्त हकोनके कप्रा आरकोप हहै, धजनमिम सके एक मिम उसके वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा जमिप्रानत वमिल चसुककी हहै एविशं दसूसरके मिसुकदमिम मिम अशंवतमि आख्यप्रा पस्तसुत कर दश्री रयश्री हहै।
5. उपरकोक तथ्ययों कको दृवष्टिरत रखतके हहए , जबवक रगर चप्रारर मिम एकमिप्रात आपरप्राधधिक
पकरण मिम पप्रारर्थी कको जमिप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्रा चसुकप्रा हहै; कधरत दको अन्य पकरणयों मिम सके एक मिम पप्रारर्थी कको जमिप्रानत वमिल चसुककी हहै एविशं एक पकरण मिम अशंवतमि आख्यप्रा पस्तसुत हको चसुककी हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मित हहै वक पप्रारर्थी जमिप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
6. तद्नसुसप्रार, जमिप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
7.
आविकेदक रसुण्डप्रा पप्रासश्री उरर अवभिषकेक कको वनम्नधलधखत शतरशं कके अधिश्रीन सशंबशंधधित मिधजस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी सशंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकरत बशंधिपत और समिप्रान रप्रावश ककी दको जमिप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मिप्रामिलके मिम जमिप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभियकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेरप्रा; (ii) आविकेदक अवभियकोजन पक्ष कके रविप्राहयों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी रई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोरप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 19.8.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench