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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 156951 (ALL)
AJAY KUMAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME LKO. AND ANOTHER
NABAIL/1014/2025 · 2025-08-18
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 156951 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:48180 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 1014 of 2025 Applicant :- Ajay Kumar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Of Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Ram Singh Counsel for Opposite Party :- G.A.,S.R. Rai Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री रप्राम धससिंह , वविदप्रान अवतिररक शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धससिंह चचौहप्रान तिरप्रा वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 (वशकप्रायतिकतिर्थी) कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री एस०आर०रप्राय कको ससुनप्रा तिरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. भप्रारतिश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतिप्रा ककी धिप्रारप्रा 482/438 दसिं०प०ससिं० कके असिंतिगरति पस्तिसुति इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 563 सन 2025 अन्तिगरति धिप्रारप्रा 498 , 323, 504, 313 A भप्रा०द०ववि०, रप्रानप्रा अवहरचौलश्री, धजिलप्रा अम्बकेडकर नगर मम अवग्रिम जिमप्रानति ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. पस्तिसुति पकरण वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 दप्रारप्रा वदनप्रासिंक 29.08.2023 कको धिप्रारप्रा 156(3) दसिं०प०ससिं० कके अन्तिगरति पप्रारर्थी तिरप्रा उसककी मप्रामाँ कके वविरुद्ध पस्तिसुति वकए गए पप्राररनप्रा पत कके आधिप्रार पर ससिंसस्रति हहआ , धजिसके एक पररविप्राद कके रूप मम पसिंजिश्रीकक ति वकयप्रा गयप्रा हहै। पप्राररनप्रा पत मम वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 नके कहप्रा वक पप्रारर्थी उसकप्रा पवति हहै , धिप्रारप्रा 125 दसिं०प०ससिं० कके अन्तिगरति एक मसुकदमके मम पकक्षों कके मध्य ससुलह हकोनके पर पप्रारर्थी वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 कको वदनप्रासिंक
01.05.2023 कको वविदप्रा करप्रा कर अपनके घर लके गयप्रा रप्रा , वकन्तिसु उसकके बप्राद अवभयसुकगण पसुननः उसके पतिप्रावड़िति करनके लगके तिरप्रा वदनप्रासिंक 12.07.2023 ककी रप्राति अवभयसुकगण नके उसके बसुरश्री तिरह सके मप्रारप्रा -पश्रीटप्रा एविसिं घर सके भगप्रा वदयप्रा , धजिससके उसकके पकेट मम पल रहके दको मप्राह कके बच्चके कप्रा गभरपप्राति हको गयप्रा। वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 नके वदनप्रासिंक 13.07.2023 कको रप्रानके पर पप्राररनप्रा पत वदयप्रा , धजिस पर ककोई कप्रायरविप्राहश्री नहहीं हहई। इसकके पश्चप्राति उसनके वदनप्रासिंक 17.08.2023 एक पसुधलस अधिश्रीकक कको रधजिस्टडर डप्राक कके मप्राध्यम सके पप्राररनप्रा पत वदयप्रा, वकन्तिसु उस पर भश्री ककोई कप्रायरविप्राहश्री नहहीं हहई।
4. वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 मवहलप्रा एविसिं बप्राल वचवकत्सप्रालय मम वदनप्रासिंक 02.08.2023 कको उपचप्रार हकेतिसु गई तिरप्रा उसकके इलप्राजि कके पचर मम रकसप्रावि हकोनप्रा असिंवकति हहै।
5. धिप्रारप्रा 200 दसिं०प०ससिं० कके अन्तिगरति असिंवकति बयप्रान मम वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 नके कहप्रा वक उसककी ककोई डप्राक्टरश्री जिप्रामाँच नहहीं हहई रश्री।
6. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तिसुति शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै और उसकप्रा ककोई आपरप्राधधिक इवतिहप्रास नहहीं हहै।
7.
वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा एविसिं वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतिके हहए कहप्रा वक अवभयसुकगण नके वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 कप्रा गभरपप्राति कप्राररति वकयप्रा हहै तिरप्रा उसके अवग्रिम जिमप्रानति नहहीं दश्री जिप्रानश्री चप्रावहए।
8. उपरकोक तिथ्यक्षों कको दृवष्टिगति रखतिके हहए , यद्यवप पप्राररनप्रा पत मम वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 नके यह कहप्रा हहै वक वदनप्रासिंक 12.07.2023 ककी रप्राति उसके मप्रारपश्रीट कर अवभयसुकगण नके घर सके भगप्रा वदयप्रा, विह उपचप्रार हकेतिसु वदनप्रासिंक 02.08.2023 कको गई; उपचप्रार कके पचर मम अल्टटप्रासकोनकोग्रिप्राफकी जिप्रामाँच करप्रानके ककी रप्राय दश्री गई , वकन्तिसु धिप्रारप्रा 200 दसिं०प०ससिं० कके अन्तिगरति असिंवकति अपनके बयप्रान मम वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 नके कहप्रा वक उसनके ककोई डप्राक्टरश्री जिप्रामाँच नहहीं करप्राई हहै ;पकक्षों कके मध्य विहैविप्रावहक वविविप्राद हहै तिरप्रा पप्रारर्थी कप्रा ककोई पपूविर आपरप्राधधिक इवतिहप्रास नहहीं हहै , न्यप्रायप्रालय
कप्रा मति हहै वक पप्रारर्थी अवग्रिम जिमप्रानति पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
9. तिदनसुसप्रार, अवग्रिम जिमप्रानति पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातिप्रा हहै।
10.
उपरकोक मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा मम आविकेदक ककी वगरफ्तिप्रारश्री/न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रवति ककी दशप्रा मम , उसके ससिंबसिंधधिति रप्रानके कके भप्रारसप्राधिक अधधिकप्रारश्री/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतिसुवष्टि कके अनसुसप्रार व्यवकगति बसिंधि पत एविसिं दको पवतिभपू पस्तिसुति करनके पर परश्रीकण कके असिंवतिम रूप सके वनस्तिप्रारण तिक , वनम्न शतिर्दोसिं कके अधिश्रीन अवग्रिम जिमप्रानति पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राएगप्रानः- क- आविकेदक, यवद आविश्यक हकोगप्रा तिको पसुधलस अधधिकप्रारश्री दप्रारप्रा जिजॉच हकेतिसु अपकेवकति समय पर उपसस्रति हकोगप्रा। ख- आविकेदक मप्रामलके कके तिथ्यक्षों सके पररवचति वकसश्री व्यवक यप्रा पसुधलस अधधिकप्राररयक्षों कको पत्यक यप्रा परकोक रूप सके ककोई धिमककी , विप्रादप्रा यप्रा पलकोभन नहहीं दकेगप्रा धजिससके वक विह ऐसके तिथ्य कको न्यप्रायप्रालय कके समक यप्रा वकसश्री पसुधलस अधधिकप्रारश्री कके समक पकट न करनके पर मप्रान जिप्राए। ग- आविकेदक अदप्रालति ककी पपूविर अनसुमवति कके वबनप्रा भप्रारति नहहीं छकोड़िकेगप्रा; घ- आविकेदक कको पत्यकेक वनधिप्रारररति वतिधर पर टटप्रायल ककोटर कके समक उपसस्रति हकोनप्रा हकोगप्रा, जिब तिक वक व्यवकगति उपसस्रवति सके छपू ट न दश्री गयश्री हको; ङ- आविकेदक अवभयकोजिन पक कके गविप्राह पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा / धिमककी नहहीं दकेगप्रा। च- आविकेदक वविविकेचनप्रा एविसिं वविचप्रारण कके दचौरप्रान सहयकोग करमगके और जिमप्रानति ककी स्वितिसिंततिप्रा कप्रा दसुरुपयकोग नहहीं करकेगप्रा। Order Date :- 18.8.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench