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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 156760 (ALL)
GORE SINGH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME /ADDL. CHIEF SECY. HOME LKO.
BAIL/7375/2025 · 2025-08-12
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 156760 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:46956 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7375 of 2025 Applicant :- Gore Singh Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home /Addl. Chief Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Vishal Srivastava Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वविशप्राल शश्रीविप्रास्तवि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अवभिशकेष कक मप्रार धससिंह कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भिप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 21 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 3(1) उ०प० वगरकोहबन्द समप्राज वविरकोधिश्री वक्रियप्राकलप्राप (वनविप्रारण) अधधिवनयम रप्रानप्रा बघघौलश्री धजलप्रा हरदकोई मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. उपरकोक पकरण एक पकधलस रप्रानप्राध्यक दप्रारप्रा वदनप्रासिंक 28.01.2025 कको पप्रारर्थी तरप्रा एक अन्य अवभियकक अवनल कक मप्रार कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके आधिप्रार पर ससिंसस्रत हहआ, धजसमम कहप्रा गयप्रा वक अवभियककगण नके एक ससिंगवठित वगरकोह बनप्रा रखप्रा हहै। अवभियककगण दप्रारप्रा आपरप्राधधिक कक त्य उ०प० वगरकोहबसिंद एविसिं समप्राज वविरकोधिश्री वक्रियप्राकलप्राप (वनविप्रारण) अधधिवनयम 1986 ककी धिप्रारप्रा 2(ख) कके खण्ड (22) ककी पररधधि मम विवणरत अपरप्राधिधों कको कप्राररत करनके मम सवक्रिय हह तरप्रा जनतप्रा कप्रा ककोई भिश्री व्यवक उनकके वविरुद्ध गविप्राहश्री दकेनके सके डरतप्रा हहै। परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पसूविर मम तहैयप्रार एक गहग चप्रारर वदनप्रासिंक 25.01.2025 कप्रा अनकमकोदन हको चककप्रा हहै।
4. गहग चप्रारर मम मप्रात एक आपरप्राधधिक पकरण मम पप्रारर्थी ककी ससिंधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री गयश्री हहै धजसमम उसकको सत न्यप्रायलय सके जमप्रानत वमल चकककी हहै। इस पकरण मम कधरत वगरकोह कके दसूसरके सदस्य अवनल कक मप्रार कको वदनप्रासिंक 24.03.2025 कको इस पकरण मम पहलके सके हश्री जमप्रानत वमल चकककी हहै।
5. वपछलश्री वतधर कको वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके 16 अन्य आपरप्राधधिक पकरणधों मम पप्रारर्थी ककी ससिंधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री रश्री।
6. एक पसूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके यह कहप्रा गयप्रा हहै वक उनमम सके 8 पकरणधों मम पप्रारर्थी
कको जमप्रानत वमल चकककी हहै तरप्रा शकेष 11 पकरणधों कके बप्रारके मम पप्रारर्थी कको ककोई जप्रानकप्रारश्री पप्राप्त नहहीं हहै।
7. गहग चप्रारर मम मप्रात एक पकरण कके आधिप्रार पर पप्रारर्थी कको वगरकोहबन्द अधधिवनयम मम आरकोपश्री बनप्रायप्रा गयप्रा हहै तरप्रा अन्य आपरप्राधधिक पकरण मम वगरकोहबन्द अधधिवनयम मम पप्रारर्थी कको आरकोपश्री बनप्रायके जप्रानके कप्रा आधिप्रार नहहीं रके।
8.
उपरकोक तथ्यधों कको दृवष्टिगत रखतके हहए, जबवक गहग चप्रारर मम असिंवकत एक मप्रात पकरण मम पप्रारर्थी कको जमप्रानत वमल चकककी हहै तरप्रा इस पकरण कके दसूसरके सह -अवभियकक कको भिश्री जमप्रानत वमल चकककी हहै, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी कको भिश्री जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा आधिप्रार पयप्रारप्त हहै।
9. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
10. आविकेदक गकोरके धससिंह कको वनम्नधलधखत शतरसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभियकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभियकोजन पक कके गविप्राहधों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 12.8.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench