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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 156681 (ALL)

AHMAD ALI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

BAIL/7380/2025 · 2025-08-19

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:48329 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7380 of 2025 Applicant :- Ahmad Ali Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Aziza Khan,Akash Tiwari,Devendra Kumar Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा ससुशश्री अजश्रीजप्राजा़ खप्रान तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अवभिषकेश कसु मप्रार धससिंह कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भिप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 190 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 8/22 स्विप्रापक औषधधि और मननःपभिप्राविश्री पदप्रारर अधधिवनयम रप्रानप्रा मकोहनगसिंज धजलप्रा अमकेठश्री मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. वदनप्रासिंक 25.06.2025 कको एक पसुधलस उपवनरश्रीकक दप्रारप्रा धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पसुधलस नके शक कके आधिप्रार पर पप्रारर्थी कको पकडप्रा और जप्रामप्रा तलप्राशश्री लश्री गयश्री तको उसनके बतप्रायप्रा वक उसकके पप्रास नप्राजप्रायज स्महैक हहै। पसुधलस नके पप्रारर्थी कको यह बतप्रायप्रा वक उसके अधधिकप्रार हहै वक विह अपनश्री जप्रामप्रा तलप्राशश्री वकसश्री मधजस्रटकेर यप्रा रप्राजपवतत पसुधलस अधधिकप्रारश्री कके समक दके सकतप्रा हहै वकन्तसु उसनके पसुधलस दप्रारप्रा हश्री अपनश्री तलप्राशश्री ककी सहमवत दश्री। पप्रारर्थी ककी पहनश्री हहई लसुसिंगश्री कके बप्राययीं फम र सके एक कप्रागज मम धलपरश्री हहई 55 गप्राम स्महैक बरप्रामद हहई धजसमम सके 2 गप्राम नमसूनप्रा मप्राल वनकप्रालकर पहैक वकयप्रा गयप्रा। 4. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तसुत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै। 5. एक पसूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके 10 अन्य आपरप्राधधिक पकरणणों मम पप्रारर्थी ककी ससिंधलप्ततप्रा दशरयश्री गयश्री हहै धजन सभिश्री पकरणणों मम पप्रारर्थी कको जमप्रानत वमल चसुककी हहै। 6. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा-पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक पप्रारर्थी कप्रा लसिंबप्रा आपरप्राधधिक इवतहप्रास हहै तरप्रा विह स्विप्रापक औषधधि और मननःपभिप्राविश्री पदप्रारर अधधिवनयम कके 2 अन्य पकरणणों मम भिश्री आरकोपश्री हहै। उन्हणोंनके कहप्रा वक वविविकेचनप्रा मम आरकोपणों ककी पसुवष्टि हहई हहै और आरकोप-पत वदनप्रासिंक 08.07.2025 कको पस्तसुत वकयप्रा जप्रा चसुकप्रा हहै। 7. उपरकोक तथ्यणों कको दृवष्टिगत रखतके हहए , जबवक पप्रारर्थी ककी जप्रामप्रा तलप्राशश्री वकसश्री मधजस्रटकेर अरविप्रा रप्राजपवतत पसुधलस अधधिकप्रारश्री कके समक नहयीं हहई हहै ; बरप्रामद मप्राल कप्रा नमसूनप्रा भिश्री मधजस्रटकेर कके समक नहयीं धलयप्रा गयप्रा हहै जप्रासिंच हकेतसु मप्रात एक नमसूनप्रा धलयप्रा गयप्रा हहै एविसिं 2 नमसूनप्रा नहयीं धलयके गयके हह; वविविकेचनप्रा पसूणर हको चसुककी हहै; पप्रारर्थी वदनप्रासिंक 25.06.2025 सके न्यप्रावयक अवभिरकप्रा मम वनरुद्ध हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक उपरकोक तथ्य पप्रारर्थी कको जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा समसुवचत आधिप्रार पदप्रान करतके हह। 8. तद्नसुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 9. आविकेदक कको वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभियकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेडछप्राड नहयीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभियकोजन पक कके गविप्राहणों पर दबप्रावि नहयीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 19.8.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench