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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 156662 (ALL)

TRIBHUVAN MAURYA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. LKO. AND ANOTHER

ABAIL/874/2025 · 2025-08-18

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:48075 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 874 of 2025 Applicant :- Tribhuvan Maurya Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Sameer Singh,Sakshi Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी ककी तरफ ससे एक पपूरक शपर पत्र पस्ततुत ककयप्रा गयप्रा , जजिससे अकभिलसेख पर जलयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 2. पप्रारर्थी कसे कविदप्रान अजधिविकप्रा शश्री समश्रीर जससिंह तरप्रा कविदप्रान अकतररक शप्रासककीय अजधिविकप्रा शश्री अभिय कतु मप्रार जससिंह कको सतुनप्रा तरप्रा पत्रप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन ककयप्रा। 3. भिप्रारतश्रीय नप्रागररक सतुरकप्रा ससिंकहतप्रा ककी धिप्रारप्रा 482/438 दसिं०प०ससिं० कसे असिंतगरत पस्ततुत इस पप्राररनप्रा-पत्र दप्रारप्रा पप्रारर्थी नसे मतुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 59 सन 2003 अन्तगरत धिप्रारप्रा 409, 420, 467, 468, 471, 120-B भिप्रा०द०कवि०, रप्रानप्रा जिहप्राहाँगश्रीरगसिंजि, जजिलप्रा अम्बसेडकर नगर मम अकग्रिम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 4. कदनप्रासिंक 9.07.2003 कको पप्रारश्री सकहत दको नप्राकमत व्यककययों कसे कविरुद जलखप्राई गई परम सपूचनप्रा ररपकोरर मम यह कहप्रा गयप्रा हहै कक सह अकभियतुक दयप्रारप्राम विमप्रार जिको सप्राधिन सहकप्रारश्री सकमकत मप्राडरमऊ/कविकप्रास कसेत्र मम सकचवि कसे पद पर कप्रायररत रसे, नसे अपनसे जलकपक कत्रभितुविन ममौयप्रार (पप्रारर्थी) कसे सप्रार कमलकर गबन ककयप्रा हहै। 5. पप्राररनप्रा पत्र कसे सप्रार पस्ततुत शपर पत्र मम कहप्रा गयप्रा हहै कक पप्रारर्थी एक 62 विरर्थीय कनदर्दोर व्यकक हहै। पप्राररनप्रा पत्र कसे सप्रार पस्ततुत शपर पत्र कसे पस्तर 24 मम एक अन्य पकरण धिप्रारप्रा 409 भिप्रा०दसिं०स० कसे अपरप्राधि मम पप्रारर्थी ककी ससिंजलप्ततप्रा दशप्रारई गई हहै, जजिसमम उसकको अकग्रिम ज़मप्रानत कमल चतुककी हहै। 6. एक पपूरक शपर पत्र कसे मप्राध्यम ससे कविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कसे आदसेश पत्र ककी पकत पस्ततुत ककी गई हहै, जजिसससे यह पतश्रीत हकोतप्रा हहै कक दपूसरसे नप्राकमत सह अकभियतुक कको कहरप्रासत मम जलयप्रा गयप्रा रप्रा , ककसिं ततु पप्रारर्थी कसे कविरुद बप्रार -बप्रार विप्रारसिंर कनगरत हकोतप्रा रहप्रा। 7. यद्यकप आदसेश पत्र ककी रसिंककत पकत मम यह असिंककत हहै कक कदनप्रासिंक 25.02.2005 कको पप्रारर्थी 'ज़सेरसे कहरप्रासत हप्राकज़र' रप्रा, ककसिं ततु पप्राजरर कसे कविदप्रान अजधिविकप्रा नसे कहप्रा हहै कक यह रसिंकण त्रतुकर कसे कप्रारण रसिंककत हको गयप्रा हहै तरप्रा पप्रारर्थी कको ककोई समन अरविप्रा विप्रारसिंर पप्राप्त नहहीं हहआ। विरर 2025 मम कविचप्रारण ककी कप्रायरविप्राहश्री फहै ज़प्राबप्राद ससे असिंबसेडकर नगर स्रप्रानप्रासिंतररत हको गई तरप्रा उसकसे बप्राद पकरण ककी जिप्रानकप्रारश्री हकोनसे पर पप्रारर्थी नसे अकग्रिम ज़मप्रानत पप्राररनप्रा पत्र पस्ततुत ककयप्रा हहै। 8. कजरत घरनप्रा कसे समय पप्रारर्थी जलकपक कसे पद पर कप्रायररत रप्रा तरप्रा उसकसे उपरप्रासिंत उससे पदकोन्नकत कमल गई और विह सकचवि कसे पद ससे ससेविप्रा - कनविवृत्त हको चतुकप्रा हहै। 9. कविदप्रान अपर शप्रासककीय अजधिविकप्रा नसे पप्राररनप्रा पत्र कप्रा कविरकोधि करतसे हहए कहप्रा कक पप्रारर्थी लकोक धिन कसे गबन कप्रा आरकोपश्री हहै एविसिं उससे ज़मप्रानत नहहीं कमलनश्री चप्राकहए। 10. उपरकोक तथ्ययों कको दृकष्टिगत रखतसे हहए , जिबकक कजरत पकरण विरर 2003 मम घकरत हहआ, जजिसमम मतुख्य आरकोपश्री सह-अकभियतुक कको कहप्रा गयप्रा हहै; घरनप्रा कको 22 विरर व्यतश्रीत हको चतुकसे हह। इस बश्रीच पप्रारर्थी पदकोन्नकत हकोकर ससेविप्रा-कनविवृत्त हको चतुकप्रा हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै कक पप्राजरर अकग्रिम ज़मप्रानत पप्रानसे कप्रा अजधिकप्रारश्री हहै। 11. तदनतुसप्रार, अकग्रिम जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत्र स्विश्रीकप्रार ककयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 12. उपरकोक मतुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा मम आविसेदक ककी कगरफ्तप्रारश्री/न्यप्रायप्रालय कसे समक उपसस्रकत ककी दशप्रा मम , उससे ससिंबसिंजधित रप्रानसे कसे भिप्रारसप्राधिक अजधिकप्रारश्री/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंततुकष्टि कसे अनतुसप्रार व्यककगत बसिंधि पत्र एविसिं दको पकतभिपू पस्ततुत करनसे पर परश्रीकण कसे असिंकतम रूप ससे कनस्तप्रारण तक , कनम्न शतर्दोसिं कसे अधिश्रीन अकग्रिम जिमप्रानत पर ररहप्रा ककयप्रा जिप्राएगप्राग- क- आविसेदक, यकद आविश्यक हकोगप्रा तको पतुजलस अजधिकप्रारश्री दप्रारप्रा जिजॉच हसेततु अपसेककत समय पर उपसस्रत हकोगप्रा। ख- आविसेदक मप्रामलसे कसे तथ्ययों ससे पररकचत ककसश्री व्यकक यप्रा पतुजलस अजधिकप्राररययों कको पत्यक यप्रा परकोक रूप ससे ककोई धिमककी , विप्रादप्रा यप्रा पलकोभिन नहहीं दसेगप्रा जजिसससे कक विह ऐससे तथ्य कको न्यप्रायप्रालय कसे समक यप्रा ककसश्री पतुजलस अजधिकप्रारश्री कसे समक पकर न करनसे पर मप्रान जिप्राए। ग- आविसेदक अदप्रालत ककी पपूविर अनतुमकत कसे कबनप्रा भिप्रारत नहहीं छकोडसेगप्रा; घ- आविसेदक कको पत्यसेक कनधिप्रारररत कतजर पर रटप्रायल ककोरर कसे समक उपसस्रत हकोनप्रा हकोगप्रा, जिब तक कक व्यककगत उपसस्रकत ससे छपू र न दश्री गयश्री हको; ङ- आविसेदक अकभियकोजिन पक कसे गविप्राह पर दबप्रावि नहहीं डप्रालसेगप्रा / धिमककी नहहीं दसेगप्रा। च- आविसेदक कविविसेचनप्रा एविसिं कविचप्रारण कसे दमौरप्रान सहयकोग करमगसे और जिमप्रानत ककी स्वितसिंत्रतप्रा कप्रा दतुरुपयकोग नहहीं करसेगप्रा। Order Date :- 18.8.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench