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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 156556 (ALL)
SURAJ SONI @ SURAJ KUMAR SONI v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIF SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER
NABAIL/1002/2025 · 2025-08-14
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 156556 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:47685 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 1002 of 2025 Applicant :- Suraj Soni @ Suraj Kumar Soni Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chif Secy. Home Deptt. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Arti Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा ससुशश्री आरतश्री शसुक्लप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धससिंह चचौहप्रान कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 438 दसिं०प०ससिं० दप्रारप्रा पस्तसुत पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 129 सन 2025 अन्तररत धिप्रारप्रा 303(2), 336(2), 317(2), 319(2), 318(4) बश्री०एन०एस० रप्रानप्रा अमकेठश्री धजिलप्रा अमकेठश्री मम अवग्रिम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. उपरकोक पकरण वदनप्रासिंक 28.05.2025 कको एक अधधिविकप्रा दप्रारप्रा धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके आधिप्रार पर ससिंसस्रत हहआ धजिसमम कहप्रा रयप्रा वक तहसश्रील अमकेठश्री पररसर सके उनककी मकोरर सप्राइवकल रप्रायब हहई हहै।
4. एक पसूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके फदर बरप्रामदरश्री ककी एक पवत ससिंलग्न ककी रयश्री हहै धजिसमम असिंवकत हहै वक मसुखवबर सके पप्राप्त ससूचनप्रा कके आधिप्रार पर पसुधलस नके दको व्यवकयय - वशविपसूजिन चचौरधसय और अतसुल कसु मप्रार यप्रादवि कको पकडप्रा, उन व्यवकयय सके चकोरश्री ककी मकोरर सप्राइवकल बरप्रामद हहई तरप्रा अवभिरकप्रा मम वदयके रयके अपनके बयप्रान मम उन्हयनके चकोरश्री कप्राररत वकयके जिप्रानके मम अन्य व्यवकयय कके सप्रार पप्रारर्थी ककी भिश्री ससिंधलप्ततप्रा हकोनके कप्रा करन वकयप्रा।
5. एक अन्य पसूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके 21 अन्य आपरप्राधधिक पकरणय मम पप्रारर्थी ककी ससिंधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री रयश्री हहै धजिसमम सके 2 पकरणय मम पप्रारर्थी कको दकोषमसुक वकयप्रा जिप्रा चसुकप्रा हहै तरप्रा शकेष 19 पकरणय मम पप्रारर्थी कको जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जिप्रानके कप्रा आदकेश हको चसुकप्रा हहै।
6. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक पकरण ककी वविविकेचनप्रा अभिश्री पचधलत हहै।
7. वशविपसूजिन चचौरधसयप्रा तरप्रा अतसुल कसु मप्रार यप्रादवि, धजिनसके मकोरर सप्राइवकल बरप्रामद हहई
उनकके दप्रारप्रा अवभिरकप्रा मम वदयके रयके बयप्रान कके आधिप्रार पर पप्रारर्थी कको आरकोपश्री बनप्रायप्रा रयप्रा हहै , कको सत न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा पसूविर मम हश्री पप्रारर्थी कको जिमप्रानत वमल चसुककी हहै।
8. उपरकोक तथ्यय कको दृवष्टिरत रखतके हहए, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी अवग्रिम जिमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
9. तद्नसुसप्रार अवग्रिम जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
10.
उपरकोक मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा मम आविकेदक ककी वररफ्तप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रवत ककी दशप्रा मम , उसके ससिंबसिंधधित रप्रानके कके भिप्रारसप्राधिक अधधिकप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार व्यवकरत बसिंधि पत एविसिं दको पवतभिसू पस्तसुत करनके पर परश्रीकण कके असिंवतम रूप सके वनस्तप्रारण तक, वनम्न शतरसिं कके अधिश्रीन अवग्रिम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राएरप्राग- क- आविकेदक, यवद आविश्यक हकोरप्रा तको पसुधलस अधधिकप्रारश्री दप्रारप्रा जिजॉच हकेतसु अपकेवकत समय पर उपसस्रत हकोरप्रा; ख- आविकेदक मप्रामलके कके तथ्यय सके पररवचत वकसश्री व्यवक यप्रा पसुधलस अधधिकप्राररयय कको पत्यक यप्रा परकोक रूप सके ककोई धिमककी , विप्रादप्रा यप्रा पलकोभिन नहहीं दकेरप्रा धजिससके वक विह ऐसके तथ्य कको न्यप्रायप्रालय कके समक यप्रा वकसश्री पसुधलस अधधिकप्रारश्री कके समक पकर न करनके पर मप्रान जिप्राए; र- आविकेदक अदप्रालत ककी पसूविर अनसुमवत कके वबनप्रा भिप्रारत नहहीं छकोडकेरप्रा; घ- आविकेदक कको पत्यकेक वनधिप्रारररत वतधर पर रटप्रायल ककोरर कके समक उपसस्रत हकोनप्रा हकोरप्रा, जिब तक वक व्यवकरत उपसस्रवत सके छसू र न दश्री रयश्री हको; ङ- आविकेदक अवभियकोजिन पक कके रविप्राह पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा / धिमककी नहहीं दकेरप्रा; च- आविकेदक वविविकेचनप्रा एविसिं वविचप्रारण कके दचौरप्रान सहयकोर करमरके और जिमप्रानत ककी स्वितसिंततप्रा कप्रा दसुरुपयकोर नहहीं करकेरप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 14.8.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench