Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 156487 (ALL)

NOOR HASAN KHAN v. UNION OF INDIA THRU. CENTRAL BUREAU OF NARCOTICS, LKO.

BAIL/7434/2025 · 2025-08-22

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:49400 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7434 of 2025 Applicant :- Noor Hasan Khan Opposite Party :- Union Of India Thru. Central Bureau Of Narcotics, Lko. Counsel for Applicant :- Suhail Kashif Counsel for Opposite Party :- S M Singh Royekwar Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. प्राथीर् की तरफ से प्रत्युत्तर शपथ पत्र तथा िवपक्षी कें द्रीय नारकोिटक्स ब्यूरो की तरफ से प्रित शपथ पत्र प्रस्तुत िकया गया, िजन्हें अिभलेख पर िलया जाता है। 2. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री सुहैल कािशफ़ तथा िवपक्षी कें द्रीय नारकोिटक्स ब्यूरो के िवद्वान अिधवक्ता श्री सूयर् मिण िसह रायकवार को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया। 3. धारा 439 दं०प्र०सं०/483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता (B.N.S.S.) में प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने अपराध संख्या 03 सन् 2025, अन्तगर्त धारा 8/21 स्वापक औषिध और मन: प्रभावी पदाथर् अिधिनयम, चालानी-कें द्रीय नारकोिटक्स ब्यूरो, िजला-बाराबंकी, में जमानत की प्राथर्ना की है। 4. उपरोक्त प्रकरण एक गुप्त सूचना के आधार पर कें द्रीय नारकोिटक्स ब्यूरो द्वारा प्राथीर् से िदनांक 18.06.2025 को की गई बरामदगी के आधार पर संिस्थत हुआ। फदर् बरामदगी में यह अंिकत है िक प्राथीर् को कें द्रीय नारकोिटक्स ब्यूरो के एक िनवारक दल ने रोका। प्राथीर् को धारा 50 स्वापक औषिध और मन: प्रभावी पदाथर् अिधिनयम के प्रावधानों से अवगत कराते हुए बताया िक यिद वह चाहे तो अपनी तलाशी िकसी नज़दीकी मिजस्ट्रेट अथवा सक्षम राजपित्रत अिधकारी के समक्ष दे सकता है, िकन्तु प्राथीर् ने अपनी तलाशी कें द्रीय नारकोिटक्स ब्यूरो के उप-िनरीक्षक को देने की स्वीकृ ित दी। तलाशी में प्राथीर् की कमर में फं से हुए एक काले बैग में काली पालीथीन में रखा हुआ भूरे रंग का पाउडरनुमा पदाथर् पाया गया, िजसको प्राथीर् ने हेरोइन होना बताया एवं रसायिनक िकट से जाँचने पर भी पदाथर् हेरोइन पाया गया। यह बरामदगी 16:30 बजे एक पेट्रोल पम्प पलहरी के पास हुई तथा इसके पश्चात सुरक्षा की दृिष्ट से आगे की कायर्वाही 17:30 बजे चलकर 18 बजे िजला अफीम अिधकारी कायार्लय बाराबंकी में की गई, जहाँ बरामद पदाथर् का वजन 260 ग्राम मय वारदाना पाया गया। 5. प्राथर्ना पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है तथा उसका कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है। 6. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने तकर् िदया िक प्रस्तुत प्रकरण में धारा 50 स्वापक औषिध और मन: प्रभावी पदाथर् अिधिनयम के प्रावधानों का अनुपालन नहीं हुआ है क्योंिक तलाशी िकसी मिजस्ट्रेट अथवा राजपित्रत अिधकारी के समक्ष नहीं हुई है। उन्होंने कहा िक प्राथीर् फदर् बरामदगी, बरामदगी के स्थान पर तैयार न होकर डेढ़ घंटे बाद िजला अफीम कायार्लय में तैयार की गई, जो घटनास्थल से काफी दूरी पर िस्थत है। 7. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने शफीक अहमद बनाम उत्तर प्रदेश राज्य 1989 ALJ 999 के िनणर्य का आश्रय िलया, िजसमें एन०डी०पी०एस० के अन्तगर्त दोषिसिद्ध के आदेश को इस आधार पर अपास्त कर िदया गया िक फदर् बरामदगी, बरामदगी के स्थान से िभन्न स्थान पर तैयार की गई थी और इस संबंध में कोई उिचत स्पष्टीकरण नहीं िदया गया था। 8. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता ने फतेह खान बनाम उत्तर प्रदेश राज्य में जमानत प्राथर्ना पत्र संख्या 3538 सन् 2020 में पािरत आदेश िदनांक 27.07.2020 के िनणर्य का आश्रय िलया, िजसमें प्राथीर् को इस आधार पर जमानत दी गई थी िक बरामद स्वापक सामग्री वािणिज्यक मात्रा से मात्र थोड़ी सी ज्यादा थी तथा इसकी तौल उस पालीथीन के साथ की गई थी, िजसमें वह रखी गई थी। प्रस्तुत प्रकरण में भी सामग्री का अलग से वजन फदर् बरामदगी में नहीं िलखा गया है। 9. िवपक्षी कें द्रीय नारकोिटक्स ब्यूरो ने प्राथर्ना पत्र का िवरोध करते हुए प्रित शपथ पत्र प्रस्तुत िकया, िजसमें यह कहा गया है िक प्राथीर् की तलाशी धारा 50 स्वापक औषिध और मन: प्रभावी पदाथर् अिधिनयम के प्रावधानों के अनुसार उसके द्वारा िलिखत सहमित देने के पश्चात ही की गई है। मुख्य न्याियक मिजस्ट्रेट बाराबंकी को प्राथर्ना पत्र देकर बरामद हुई सामग्री के नमूने को जाँच हेतु भेजा गया है तथा जाँच िरपोटर् अभी प्रतीिक्षत है। 10. कें द्रीय नारकोिटक्स ब्यूरो के िवद्वान अिधवक्ता ने माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा खेत िसह बनाम भारत संघ (2002) 4 SCC 380 के िनणर्य का आश्रय िलया, िजसमें यह कहा गया है िक यिद प्रकरण की पिरिस्थितयों को देखते हुए बरामदगी के स्थल पर फदर् बरामदगी तैयार करना किठन है तो ऐसी पिरिस्थित में फदर् बरामदगी अन्य स्थान पर तैयार करने में कोई अवैधािनकता नहीं होगी। BAIL No. 7434 of 2025 2 11. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक किथत बरामदगी िकसी राजपित्रत अिधकारी अथवा मिजस्ट्रेट की उपिस्थित में नहीं हुई है; बरामदगी की मात्रा वािणिज्यक मात्रा से 10 ग्राम अिधक है, िकन्तु यह मात्रा पैिकग सामग्री के साथ बताई गई है तथा पैिकग सामग्री का अलग से वजन नहीं बताया गया है; प्राथीर् का कोई पूवर् आपरािधक इितहास नहीं है और वह िदनांक 19.06.2025 से जेल में िनरुद्ध है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पाने का अिधकारी है। 12. तदनुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 13. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के सािक्षयों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक िवचारण न्यायालय द्वारा िनयत की गई प्रत्येक ितिथ पर उपिस्थत होगा। Order Date :- 22.8.2025 Himanshu BAIL No. 7434 of 2025 3 Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench