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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 156439 (ALL)
BACCHU PATEL @ VISHWAS v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. HOME PRIN. SECY. HOME LKO
BAIL/7484/2025 · 2025-08-14
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 156439 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:47744 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7484 of 2025 Applicant :- Bacchu Patel @ Vishwas Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Home Prin. Secy. Home Lko Counsel for Applicant :- Avneesh Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अविनश्रीश धससिंह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अवभिशकेष कक मप्रार धससिंह कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भिप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 077 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 2/3 उ०प० वगरकोहबन्द समप्राज वविरकोधिश्री वक्रियप्राकलप्राप (वनविप्रारण) अधधिवनयम रप्रानप्रा महकेशगसिंज धजलप्रा पतप्रापगढ़ मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. उपरकोक पकरण एक पकधलस हकेड मकोहरररर दप्रारप्रा वदनप्रासिंक 23.04.2025 कको अजप्रात व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके आधिप्रार पर ससिंसस्रत हहआ , धजसमम कहप्रा गयप्रा वक अवभियककगण नके एक ससिंगवठित वगरकोह बनप्रा रखप्रा हहै। उक वगरकोह दप्रारप्रा वकयके गयके आपरप्राधधिक कक त्य उ०प० वगरकोहबसिंद एविसिं समप्राज वविरकोधिश्री वक्रियप्रा कलप्राप वनविप्रारण अधधिवनयम 1986 ककी धिप्रारप्रा 2(ख) ककी उपधिप्रारप्रा (एक) और (ग्यप्रारह) सके आच्छप्रावदत हहै तरप्रा जनतप्रा कप्रा ककोई व्यवक उनकके वविरुद्ध गविप्राहश्री दनके सके डरतप्रा हहै।
4. परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके सप्रार ससिंलग्न गगग चप्रारर मम मप्रात एक आपरप्राधधिक पकरण मम पप्रारर्थी ककी ससिंधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री गयश्री हहै धजसमम उसकको जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा आदकेश हको चककप्रा हहै।
5. एक पसूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके 2 अन्य आपरप्राधधिक पकरणयों मम पप्रारर्थी ककी ससिंधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री गयश्री रश्री।
6. एक अन्य पसूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके पप्रारर्थी ककी तरफ सके यह कहप्रा गयप्रा वक उन दकोनयों हश्री पकरणयों मम पप्रारर्थी कको अभिश्री तक ककोई समन पप्राप्त नहहीं हहआ हहै।
7. उपरकोक तथ्ययों कको दृवष्टिगत रखतके हहए , जबवक गगग चप्रारर मम एकमप्रात आपरप्राधधिक पकरण मम पप्रारर्थी कको जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्रा चककप्रा हहै ; कधरत दको अन्य पकरणयों मम
पप्रारर्थी कको अभिश्री तक ककोई समन पप्राप्त नहहीं हहआ हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
8. तद्नकसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
9.
आविकेदक बच्चसू परकेल उफर वविश्विप्रास कको वनम्नधलधखत शतरसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तकत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभियकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभियकोजन पक कके गविप्राहयों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 14.8.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench