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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 156358 (ALL)

MOHARRAM ALI @ SHABIR ALI THRU. HIS WIFE SMT. CHANDA @ CHANDNI BEGUM v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 6 OTHERS

/284/2025 · 2025-08-06

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:45759 Court No. - 13 Case :- HABEAS CORPUS WRIT PETITION No. - 284 of 2025 Petitioner :- Moharram Ali @ Shabir Ali Thru. His Wife Smt. Chanda @ Chandni Begum Respondent :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 6 Others Counsel for Petitioner :- Mohd.Murtaza Khan Counsel for Respondent :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. ययाचचिकयाकरयार्ता कके चविदयान अधधिविकया शश्री ममोहम्मद ममुरर्ताजया खयान रथया चविदयान अचरररिक शयासककीय अधधिविकया प्रथम शश्री रियाजकेश कमु मयारि धससिंह कमो समुनया रथया पतयाविलश्री कया अविलमोकन चकयया। 2. भयारिरश्रीय ससिंचविधियान कके अनमुच्छकेद 226 कके अन्ररर्तार प्रस्रमुर यह बसिंदश्री प्रत्यकश्रीकरिण ययाचचिकया कधथर चनरुद्ध व्यचक ककी ररिफ सके उसककी पत्नश्री नके प्रस्रमुर ककी हहै रथया ययाचचिकया मम यह कहया रयया हहै चक चविपकश्री ससिंख्यया 4 सके 7, जमो कधथर चनरुद्ध व्यचक ककी मयाम , बहनम एविसिं बहनमोई हह नके ययाचचिकयाकरर्ती कके पचर कमो अविहैधि रूप सके चनरुद्ध करि रिखया हहै। ययाचचिकया मम कहया रयया हहै चक कधथर चनरुद्ध व्यचक कया चविवियाह ययाचचिकयाकरर्ती कके सयाथ चदनयासिंक 18.04.2016 कमो हहआ थया। इस चविवियाह सके कमोई बच्चिके नहहीं पहैदया हहए रथया ययाचचिकयाकरर्ती कया भयाई उसकके इलयाज एविसिं भरिणपमोषण कया खचियार्ता उठया रिहया हहै। ययाचचिकयाकरर्ती कया पचर उसकके मयायकके वियाललों सके धिन उरयाहश्री कके धलए दबयावि डयालरया हहै रथया उसके छमोड़ दकेनके ककी धिमककी चदयया करिरया थया। मयाह जजून 2025 कमो कधथर चनरुद्ध व्यचक ककी बहन नके बरयायया चक उसनके लरभर 5 विषर्ता पजूविर्ता दजूसरिश्री शयादश्री करि लश्री हहै। ययाचचिकया मम यह आरिमोप लरयायया रयया हहै चक चविपकश्री ससिंख्यया 4, 5 रथया 6 ययाचचिकयाकरर्ती कके घरि मम रिहनके लरके हह औरि उनसके उसके जयान कया खररिया हहै , चकन्रमु इस ससिंबसिंधि मम ययाचचिकयाकरयार्ता नके पमुधलस मम कमोई चशकयायर नहहीं दश्री। 3. ययाचचिकया मम कहके रए कथनलों सके प्रथम -दृष्टयया यह प्ररश्रीर हमोरया हहै चक ययाचचिकयाकरर्ती सके चविवियाह कके पश्चियार कमोई ससिंरयान न हमोनके ककी सस्थचर मम उसकके पचर नके लरभर 5 विषर्ता पजूविर्ता दजूसरिया चविवियाह करि धलयया हहै औरि अब विह पहलश्री पत्नश्री कके सयाथ नहहीं रिह रिहया हहै। ऐसश्री पररिसस्थचर मम ययाचचिकयाकरर्ती कके पचर कमो बलपजूविर्ताक अविहैधि अचभरिकया रिखया जयानया प्ररश्रीर नहहीं हमो रिहया हहै , जहयाम रक पकलों कके विहैवियाचहक चविवियादलों कया ससिंबसिंधि हहै , ययाचचिकयाकरर्ती इस ससिंबसिंधि मम सकम न्ययाययालय कके समक चनयचमर वियाद सके अनमुरमोष प्रयाप्त करि सकरश्री हह। 4. उपरिमोक कयारिणलों सके यह ययाचचिकया असिंरश्रीकरिण कके स्ररि परि चनरिस्र ककी जयारश्री हहै। Order Date :- 6.8.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench