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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 155986 (ALL)
MAHESH DUTT SHUKLA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME U.P. LKO. AND ANOTHER
CRRA/4/2025 · 2025-08-14
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 155986 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC REVIEW APPLICATION No. - 4 of 2025 Applicant :- Mahesh Dutt Shukla Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home U.P. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Rohitash Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ररोवहितप्रास कक मप्रार धससिंहि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धससिंहि चचौहिप्रान करो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलरोकन वकयप्रा।
2. इस पकनरप्राविलरोकन दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके पप्राररनप्रा-पत असिंतररत धिप्रारप्रा 482 ससिंख्यप्रा 5299 सन 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 01.07.2025 कके पकनरप्राविलरोकन ककी पप्राररनप्रा ककी हिह , धजिसकके दप्रारप्रा पप्रारर्थी कप्रा पप्राररनप्रा-पत असिंतररत धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० वनरस्त कर वदयप्रा रयप्रा रप्रा।
3. पप्रारर्थी नके अपनके वविरुद्ध आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहिश्री ककी विहधितप्रा करो इस आधिप्रार पर चकनचौतश्री दश्री रश्री वक विहि एक लरोकसकेविक रप्रा तरप्रा धिप्रारप्रा 19 भ्रषप्राचप्रार वनविप्रारण अधधिवनयम कके पप्राविधिप्राननों कके अनकसप्रार उसकरो अवभियरोजिन ककी स्विश्रीकक वत नहिहीं लश्री रयश्री रश्री। आदकेश वदनप्रासिंक 01.07.2025 मम इस न्यप्रायप्रालय नके यहि असिंवकत वकयप्रा हिह वक वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके पप्रारर्थी ककी उपररोक आपधत्ति इस आधिप्रार पर वनरस्त कर दश्री वक पप्रारर्थी आररोप-पत पस्तकत हिरोनके कके लरभिर 10 मप्राहि पपूविर सकेविप्रावनविकत्ति हिरो चककप्रा हिह।
4. भ्रषप्राचप्रार वनविप्रारण अधधिवनयम ककी धिप्रारप्रा 19(1) कके सप्रार जिकडके हिहए स्पषश्रीकरण मम यहि असिंवकत हिह वक धिप्रारप्रा 19(1) कके उदकेश्यनों कके धलए "लरोकसकेविक मम ऐसके व्यवक समममधलत हिनोंरके जिरो अब ऐसप्रा पद धिप्राररत नहिहीं करतके हिह जिरो वक अपरप्राधि कप्राररत हिरोतके समय धिप्राररत करतके रके।"
5. पप्रारर्थी अपरप्राधि कप्राररत हिरोतके समय लरोक पद धिप्रारक रप्रा वकन्तक आररोप -पत पस्तकत करतके समय लरोक पद धिप्रारक नहिहीं रप्रा तरप्रा स्विप्राभिप्रावविक रुप सके ससिंजप्रान कके समय भिश्री लरोक पद धिप्रारक नहिहीं रप्रा।
6. एकेसश्री पररमस्रवत मम, जिबवक पप्रारर्थी अपरप्राधि कके समय लरोक पद धिप्राररत करतप्रा रप्रा, मप्रात इस आधिप्रार पर धिप्रारप्रा 482 कप्रा पप्राररनप्रा-पत वनरस्तश्रीकरण, वक पप्रारर्थी अब सकेविप्रावनविकत्ति हिरो चककप्रा हिह, आदकेश दकेखनके सके हिश्री तकवटिपपूणर पतश्रीत हिरोतप्रा हिह।
7. तद्नकसप्रार, पकनरप्राविलरोकन पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हिह। पप्राररनप्रा -पत असिंतसिंररत धिप्रारप्रा 482 ससिंख्यप्रा 5299 सन 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 01.07.2025 वनरस्त वकयप्रा जिप्रातप्रा हिह। पप्राररनप्रा-पत असिंतररत धिप्रारप्रा 482 सकनविप्राई हिकेतक वदनप्रासिंक 21.08.2025 करो एक नविश्रीन विप्राद (
) As Fresh कके रूप मम सपूचश्रीबद्ध हिरो। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 14.8.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench