Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 155939 (ALL)
MOHAMMAD IRSAD v. STATE OF U.P. THRU. ADDL. CHIEF SECY. DEPTT. OF HOME U.P. LKO.
BAIL/7198/2025 · 2025-08-07
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 155939 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 155939 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:46050 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7198 of 2025 Applicant :- Mohammad Irsad Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Addl. Chief Secy. Deptt. Of Home U.P. Lko. Counsel for Applicant :- Arti Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा ससुशश्री आरतश्री शसुक्लप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अभय कसु मप्रार धससिंह कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 0454 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 3(1) उ०प० वगरकोहबन्द समप्राज वविरकोधिश्री वक्रियप्राकलप्राप (वनविप्रारण) अधधिवनयम रप्रानप्रा ककोतविप्रालश्री नगर धजलप्रा ससुल्तप्रानपसुर मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. उपरकोक पकरण एक पसुधलस पभप्रारश्री वनरश्रीकक दप्रारप्रा वदनप्रासिंक 09.06.2025 कको पप्रारर्थी तरप्रा वविशप्राल ककोरश्री कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके आधिप्रार पर ससिंसस्रत हहआ, धजसमम कहप्रा गयप्रा वक अवभयसुकगण नके एक ससिंगवठित वगरकोह बनप्रा रखप्रा हहै। अवभयसुकगण नके पसूविर मम अध्यप्राय 2(ख)(2) मम विवणरत अपरप्राधि वकयके हह तरप्रा जनतप्रा कप्रा ककोई व्यवक उनकके वविरुद्ध गविप्राहश्री दकेनके सके डरतप्रा हहै। परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पसूविर मम तहैयप्रार एक गहग चप्रारर वदनप्रासिंक 06.06.2025 कप्रा अनसुमकोदन हको चसुकप्रा हहै।
4. गहग चप्रारर मम मप्रात स्विप्रापक औषधधि और मननः पभप्राविश्री पदप्रारर अधधिवनयम कके मप्रात एक पकरण मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 97 सन 2025 कके अपरप्राधि मम पप्रारर्थी ककी ससिंधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री गयश्री हहै धजसमम उसकको इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वदनप्रासिंक 24.07.2025 कको जमप्रानत वमल चसुककी हहै।
5. जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत एविसिं पसूरक शपर -पत कके मप्राध्यम सके 18 अन्य आपरप्राधधिक पकरणणों मम पप्रारर्थी ककी ससिंधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री गयश्री हहै धजन सभश्री मम उसकको जमप्रानत वमल चसुककी हहै।
6. उपरकोक तथ्यणों कको दृवष्टिगत रखतके हहए , जबवक पप्रारर्थी कको वगरकोहबन्द अधधिवनयम कके पकरण मम मप्रात इस आधिप्रार पर दकोषश्री कहप्रा गयप्रा हहै वक विह स्विप्रापक औषधधि एविसिं मननःपभप्राविश्री पदप्रारर अधधिवनयम कके असिंतगरत मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 97 सन 2025 कप्रा आरकोपश्री हहै; उक अपरप्राधि मम पप्रारर्थी कको जमप्रानत वमल चसुककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
7. तद्नसुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
8.
आविकेदक मको० इरशप्राद कको वनम्नधलधखत शतरसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहणों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 7.8.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench