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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 155925 (ALL)

MANOJ KUMAR @ OMKAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

BAIL/7228/2025 · 2025-08-07

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:46093 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7228 of 2025 Applicant :- Manoj Kumar @ Omkar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Rampyare Singh,Reshma Khatoon,Shiv Shankar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री पशप्राशांत धसशांह तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धसशांह चचौहप्रान कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा सशांवहतप्रा कके अशांतगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि सशांख्यप्रा 184 सन 2002 अन्तगरत धिप्रारप्रा 394, 412 भप्रा०दशां०सशां० रप्रानप्रा अजगगैन धजलप्रा उनप्रावि मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हगै। 3. जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वनगरत एक पश्नकोत्तरश्री सशांलग्न हगै धजसमम यह अशांवकत हगै वक उपरकोक पकरण ककी परम ससूचनप्रा ररपकोरर वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय ककी पतप्राविलश्री मम दप्राधखिल नहहीं ककी गयश्री हगै वकन्तसु पप्रारर्थी कके वविरुद्ध आरकोप -पत पस्तसुत हको चसुकप्रा हगै। 4. आरकोप-पत वदनप्राशांक 25.10.2002 मम अशांवकत हगै वक पप्रारर्थी कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 394, 412 भप्रा०दशां०सशां० कप्रा अपरप्राधि पमप्रावणत हगै। 5. एक पसूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके एक अन्य आपरप्राधधिक पकरण मम पप्रारर्थी ककी सशांधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री गयश्री हगै धजसमम वदनप्राशांक 19.05.2025 कको पप्राररत वनणरय दप्रारप्रा उसके दकोषमसुक वकयप्रा जप्रा चसुकप्रा हगै। 6. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा कप्रा करन हगै वक इस मसुकदमम ककी जप्रानकप्रारश्री हकोनके पर उसनके स्वियशां हश्री वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक वदनप्राशांक 09.06.2025 कको आत्मसमपरण वकयप्रा। इसकके पसूविर पप्रारर्थी नके इस न्यप्रायप्रालय कके समक धिप्रारप्रा 482 दशां०प०सशां० कके अशांतगरत पप्राररनप्रा- पत सशांख्यप्रा 3903 सन 2025 पस्तसुत करकके उसकके वविरुद्ध वनगरत गगैर जमप्रानतश्रीय विप्रारण्र ककी विगैधितप्रा कको चसुनचौतश्री दश्री हगै जको पप्राररनप्रा -पत इस न्यप्रायप्रालय नके वदनप्राशांक 21.05.2025 कको इस आदकेश सके वनस्तप्राररत कर वदयप्रा गयप्रा रप्रा वक पप्रारर्थी आदकेश सके 30 वदन कके अशांदर जमप्रानत हकेतसु पप्राररनप्रा-पत पस्तसुत करके और तब तक उसकको वगरफ्तप्रार नहहीं वकयप्रा जप्रायकेगप्रा। इसकके पश्चप्रात पप्रारर्थी नके वदनप्राशांक 09.06.2025 कको आत्मसमपरण वकयप्रा एविशां सत न्यप्रायप्राधिश्रीश , उनप्रावि दप्रारप्रा उसकप्रा जमप्रानत पप्राररनप्रा -पत वदनप्राशांक 16.06.2025 कको वनरस्त कर वदयप्रा गयप्रा। 7. उपरकोक तथ्ययों कको दृवष्टिगत रखितके हहए, जबवक पकरण विषर 2002 कप्रा हगै; पप्रारर्थी कप्रा करन हगै वक उसकको इस पकरण ककी ककोई जप्रानकप्रारश्री नहहीं हको पप्रायश्री एविशां जप्रानकप्रारश्री हकोतके हश्री उसनके इस न्यप्रायप्रालय कके समक धिप्रारप्रा 482 दशां०प०सशां० कके अशांतगरत पप्राररनप्रा-पत सशांख्यप्रा 3903 सन 2025 पस्तसुत वकयप्रा रप्रा एविशां इस न्यप्रायप्रालय नके वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत पस्तसुत करनके कके धलए पप्रारर्थी कको एक महश्रीनके कप्रा समय दकेतके हहए उस अविधधि मम उसककी वगरफ्तप्रारश्री पर रकोक लगप्रायश्री गयश्री एविशां इसकके उपरप्रान्त पप्रारर्थी नके सम्यक तत्परतप्रा सके वदनप्राशांक 09.06.2025 कको स्वियशां आत्मसमपरण कर वदयप्रा , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हगै वक पप्रारर्थी जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हगै। 8. तद्नसुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हगै। 9. आविकेदक मनकोज कसु मप्रार उरर ओमकप्रार कको वनम्नधलधखित शतरशां कके अधिश्रीन सशांबशांधधित मधजस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी सशांतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बशांधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए:- (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहयों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीखि पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 7.8.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench