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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 155484 (ALL)

ARVIND VERMA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.

BAIL/7385/2025 · 2025-08-27

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7385 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J. 1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री राहुल श्रीवास्तव तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री अभय कु मार िसह को सुना तथा पत्रावली का पिरशीलन िकया। 2. धारा 483 भारतीय नागिरक सुरक्षा संिहता के अंतगर्त प्रस्तुत इस प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने मुकदमा अपराध संख्या 132 सन 2025 अन्तगर्त धारा 217, 229(1), 231, 248Kh बी०एन०एस० एवं धारा 3/25/27 आयुध अिधिनयम थाना कोतवाली टाण्डा िजला अम्बेडकरनगर में जमानत की प्राथर्ना की है। 3. उपरोक्त प्रकरण िदनांक 04.05.2025 को सूरज पुत्र अच्छेलाल द्वारा अजय वमार् के िवरुद्ध िलखाई गई प्रथम सूचना िरपोटर् के आधार पर संिस्थत हुआ िजसमें कहा गया िक िदनांक 04.05.2025 को िशकायतकतार्, राजेश व अरिवन्द (प्राथीर्) के साथ जब एक िमठाई की दुकान पर मौजूद था तो वहाँ पहले से मौजूद नािमत अिभयुक्त अजय वमार् पुराने िववाद को लेकर लड़ाई-झगड़ा, मारपीट करने लगा। इसके बाद िशकायतकतार् सिहत तीनों व्यिक्त घर चले गये। जब िशकायतकतार् घर से अके ला शराब के ठेके पर शराब पीकर लौट रहा था, रास्ते में नािमत अिभयुक्त अजय वमार् ने जान से मारने की िनयत से िशकायतकतार् को गोली मार दी। 4. िववेचना के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया िक िशकायतकतार् ने स्वयं ही नािमत अिभयुक्त को फं साने के िलए घटना कािरत करवायी थी तथा प्राथीर् इस घटना के िलए षड्यंत्र में सिम्मिलत था। 5. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया है िक प्राथीर् िनदोर्ष है और उसका कोई आपरािधक इितहास नहीं है। 6. एक पूरक शपथ-पत्र के माध्यम से 18 अन्य आपरािधक प्रकरणों में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्यी गयी है िजसमें से एक में प्राथीर् दोषमुक्त हो चुका है, 10 प्रकरणों में प्राथीर् को जमानत िमल चुकी है और अन्य प्रकरणों में प्राथीर् को समन प्राप्त नहीं हुआ है। 7. िशकायतकतार् सूरज, जो बाद में अिभयुक्त बना िदया गया है, को इस न्यायालय की एक अन्य पीठ द्वारा जमानत प्राथर्ना-पत्र संख्या 6359 सन 2025 में पािरत आदेश िदनांक 10.07.2025 से जमानत प्राप्त हो चुकी है। Versus Counsel for Applicant(s) : Ankur Kumar Panday, Rahul Srivastava, Subham Srivastava Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Arvind Verma .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. .....Opposite Party(s) 8. िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता ने प्राथर्ना-पत्र का िवरोध करते हुए कहा िक प्रकरण में िववेचना अभी लंिबत है। 9. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, जबिक घटना िशकायतकतार् द्वारा स्वयं कािरत कराना कहा गया है एवं प्राथीर् को मात्र षड्यंत्र में शािमल होना कहा गया है; िशकायतकतार् को जमानत पर िरहा करने का आदेश हो चुका है; जबिक प्राथीर् िदनांक 07.05.2025 से कारागार में िनरुद्ध है, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् जमानत पर िरहा िकये जाने का अिधकारी है। 10. तद्नुसार, जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है। 11. आवेदक को िनम्निलिखत शतोर्ं के अधीन संबंिधत मिजस्ट्रेट / न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार एक व्यिक्तगत बंधपत्र और समान रािश की दो जमानतें प्रस्तुत करने पर उपरोक्त मामले में जमानत पर िरहा िकया जाए: - (i) आवेदक अिभयोजन साक्ष्य के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा; (ii) आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाहों पर दबाव नहीं डालेगा; (iii) आवेदक ट्रायल कोटर् द्वारा तय की गई प्रत्येक तारीख पर उपिस्थत होगा। August 27, 2025 Ankit BAIL No. 7385 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench