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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 155136 (ALL)

JUBAIR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER

/848/2025 · 2025-08-05

body2025

Judgment text

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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:45455 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 848 of 2025 Applicant :- Jubair Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Secy. Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Sachin Verma,Praveen Kumar Pandey Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री सवचिन विरप्रार्मा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अभय कक रप्रार धससिंह कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 438 दसिं०प०ससिं० दप्रारप्रा पस्तकत पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके रककदरप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 1126 सन 2016 अन्तरर्मात धिप्रारप्रा 3 / 5 A / 8 रकोविधि वनविप्रारण अधधिवनयर एविसिं धिप्रारप्रा 11 पशक कक रतप्रा अधधिवनयर रप्रानप्रा वशविरतनरसिंज धजलप्रा अरकेठश्री रम अवग्रिर जरप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै। 3. उपरकोक पकरण वदनप्रासिंक 16.08.2016 कको उप वनरश्रीक्षक दप्रारप्रा पप्रारर्थी सवहत 4 व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई रई परर सकचिनप्रा ररपकोरर्मा कके आधिप्रार पर ससिंसस्रत हहआ धजसरम कहप्रा रयप्रा वक चिप्रार अवभयककयों नके चिप्रार रकोविसिंशश्रीय पशकओसिं कको कक रतप्रापकविर्माक बप्रासिंधिप्रा हहआ रप्रा तरप्रा पकधलस कके पहहसिंचिनके पर सभश्री अवभयककरण भप्रार रयके। 4. इसकके पकविर्मा पप्रारर्थी दप्रारप्रा इस न्यप्रायप्रालय कके सरक्ष आपरप्राधधिक पककीणर्मा यप्रावचिकप्रा ससिंख्यप्रा 21369 सन 2016 पस्तकत ककी रयश्री रश्री धजसरम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 07.09.2016 सके पप्रारर्थी कको धिप्रारप्रा 41A दसिं०प०ससिं० कके पप्रावविधिप्रानयों कप्रा लप्राभ दकेनके कप्रा वनदरश हको रयप्रा रप्रा। 5. पप्रारर्थी दप्रारप्रा वविविकेचिनप्रा रम सहयकोर वकयप्रा रयप्रा हहै तरप्रा उसकके उपरप्रान्त आरकोप -पत पस्तकत वकयप्रा जप्रा चिककप्रा हहै एविसिं वविचिप्रारण न्यप्रायप्रालय नके वदनप्रासिंक 28.06.2025 कको अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान लके धलयप्रा हहै। 6. उपरकोक तथ्ययों कको दृवष्टिरत रखतके हहए, जबवक पप्रारर्थी रमौकके पर नहहीं पकडप्रा रयप्रा; उसनके वविविकेचिनप्रा रम सहयकोर वकयप्रा हहै तरप्रा वविविकेचिनप्रा पकणर्मा हको चिकककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा रत हहै वक पप्रारर्थी अवग्रिर जरप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 7. तद्नकसप्रार अवग्रिर जरप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 8. उपरकोक रककदरप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा रम आविकेदक ककी वररफ्तप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय कके सरक्ष उपसस्रवत ककी दशप्रा रम , उसके ससिंबसिंधधित रप्रानके कके भप्रारसप्राधिक अधधिकप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार व्यवकरत बसिंधि पत एविसिं दको पवतभक पस्तकत करनके पर परश्रीक्षण कके असिंवतर रूप सके वनस्तप्रारण तक, वनम्न शतरसिं कके अधिश्रीन अवग्रिर जरप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राएरप्राग- क- आविकेदक, यवद आविश्यक हकोरप्रा तको पकधलस अधधिकप्रारश्री दप्रारप्रा जजॉचि हकेतक अपकेवक्षत सरय पर उपसस्रत हकोरप्रा। ख- आविकेदक रप्रारलके कके तथ्ययों सके पररवचित वकसश्री व्यवक यप्रा पकधलस अधधिकप्राररययों कको पत्यक्ष यप्रा परकोक्ष रूप सके ककोई धिरककी , विप्रादप्रा यप्रा पलकोभन नहहीं दकेरप्रा धजससके वक विह ऐसके तथ्य कको न्यप्रायप्रालय कके सरक्ष यप्रा वकसश्री पकधलस अधधिकप्रारश्री कके सरक्ष पकर न करनके पर रप्रान जप्राए। र- आविकेदक अदप्रालत ककी पकविर्मा अनकरवत कके वबनप्रा भप्रारत नहहीं छकोडकेरप्रा। घ- आविकेदक कको पत्यकेक वनधिप्रार्माररत वतधर पर रटप्रायल ककोरर्मा कके सरक्ष उपसस्रत हकोनप्रा हकोरप्रा, जब तक वक व्यवकरत उपसस्रवत सके छक र न दश्री रयश्री हको। ङ- आविकेदक अवभयकोजन पक्ष कके रविप्राह पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा / धिरककी नहहीं दकेरप्रा। चि- आविकेदक वविविकेचिनप्रा एविसिं वविचिप्रारण कके दमौरप्रान सहयकोर करमरके और जरप्रानत ककी स्वितसिंततप्रा कप्रा दकरुपयकोर नहहीं करकेरप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 5.8.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench