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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 154983 (ALL)

ANJULIKA ARYA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER

CRLRD/499/2025 · 2025-09-26

Saurabh Lavania

Criminal Appealbody2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL REVISION DEFECTIVE No. - 499 of 2025 Court No. - 11 HON'BLE SAURABH LAVANIA, J. (Crl. Misc. Application for Condonation of Delay/I.A. No.2 of 2025) 1. Considering the fact as indicated in the affidavit filed in support of the application for condonation of delay as also that the subject matter of the present revision relates to enlargement of the revisionist on bail, the application seeking condonation of delay is allowed. 2. The delay is condoned. (Order on the Memo of Revision) 1. Heard Shri Ramakar Shukla, learned counsel for the revisionist, Shri Badrul Hasan, learned A.G.A. for the State and perused the record. 2. This Criminal Revision under Section 102 of the Juvenile Justice (Care and Protection of Children) Act, 2015 (in short "Act of 2015") has been filed impeaching the order dated 01.06.2024, passed by learned Children Court/Additional District & Sessions Judge/Special Judge, POCSO Act, Court No.3, Lucknow (in short "Appellate Court") in Criminal Appeal No.300 of 2023 by which the appeal filed against the order dated 30.10.2023, passed by the Juvenile Justice Board, Lucknow (in short "J.J.B.") by which the opposite party No.2 was declared juvenile on the date of incident, has been rejected by the Appellate Court. The order dated 30.10.2023, passed by the J.J.B is extracted herein under :- Versus Counsel for Revisionist(s) : Ramakar Shukla Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Anjulika Arya .....Revisionist(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another .....Opposite Party(s) "Order dated 30.10.2023 पत्रावली पेश हुई। उम्र िनधार्रण के िबन्दु पर अपचारी कु ० भव्यांशी राज िसह उफर् पंखुडी के िवद्वान अिधवक्ता को सुना तथा पत्रायली पर उपलब्ध समस्त प्रपत्रों का सम्यक अवलोकन िकया। अपचारी की ओर से जिरए अिधवक्ता उम्र िनधार्रण हेतु प्राथर्ना पत्र प्रस्तुत िकये जाने के उपरान्त वादी मुकदमा नोिटस प्रेिषत की गयी। िजस पर वादी मुकदमा मय िवद्वान अिधवक्ता उपिस्थत आये तथा अपना पक्ष रखा। अपचारी की संरिक्षका / माता सुधा िसह ने बोडर् के समक्ष उपिस्थत होकर सशपथ कथन िकया है िक भव्यांशी राज िसह मेरी पुत्री है। मेरी पुत्री का जन्म 18.08.2004 को हुआ था। मेरी पुत्री वतर्मान समय में बी०काम कर रही है। मेरी पुत्री कक्षा 01 से कक्षा 05 तक कै िरयर कान्वेण्ट कालेज िवकासनगर लखनऊ में पढ़ी है। कक्षा 06 से कक्षा 10 तक सी०एम०एस० इण्टर कालेज महानगर, लखनऊ में पढ़ी है। बोडर् द्वारा प्रेिषत नोिटस पर िसटी माण्टेसरी स्कू ल महानगर लखनऊ से हेड क्लकर् श्री संदीप अग्रवाल बोडर् के समक्ष उपिस्थत होकर सशपथ कथन िकया है िक पंखुडी उफर् भव्यांशी राज िसह मेरे िवद्यालय से कक्षा 06 से कक्षा 10 तक पढ़ी है। मेरे िवद्यालय के अिभलेखों में छात्रा की जन्मितिथ 18.08.2004 अंिकत है। िजसके संबंध में साक्षी द्वारा प्रवेश फामर्, एसआर रिजस्टर, टीसी, पूवर् िवद्यालय का अंकपत्र एवं नाम में संशोधन कराने का शपथ पत्र बोडर् के समक्ष अवलोकनाथर् प्रस्तुत िकया है तथा िजसकी स्वप्रमािणत दािखल िकया है। िजस पर कमशः प्रदशर् क 01 लगायत प्रदशर् क 05 डाला गया। इसके अितिरका साक्षी द्वारा स्कू ल की मान्यता, अथाटीर् पत्र एवं आईडी की स्वप्रमािणत प्रित दािखल िकया। इस साक्षी ने अपनी प्रित परीक्षा में कथन िकया िक मेरे िवद्यालय के अिभलेखों में छात्रा की जन्मितिथ पूवर् िवद्यालय के अंकपत्र के आधार पर िलखी गयी थी। प्रवेश के समय छात्रा का नाम पंखुडी िलखाया था बाद में अिभभावक द्वारा शपथ पत्र देकर छात्रा का नाम पंखुडी की जगह भव्यांशी राज िसह करा िदया गया। बोडर् द्वारा प्रेिषत नोिटस पर कै िरयर कान्वेण्ट कालेज िवकासनगर लखनऊ से कायार्लय सहायक श्री िगरीश चन्द्र उपाध्याय बोडर् के समक्ष उपिस्थत होकर सशपथ कथन िकया है िक पंखुडी उफर् भव्यांशी राज िसह मेरे िवद्यालय से कक्षा 02 से कक्षा 05 तक पढी है। मेरे िवद्यालय के अिभलेखों में छात्रा की जन्मितिथ 18.08.2004 अंिकत है। िजसके संबंध में साक्षी द्वारा प्रवेश फामर्, कक्षा 02 से कक्षा 05 का एसआर, पूवर् िवद्यालय की टीसी बोडर् के समक्ष अवलोकनाथर् प्रस्तुत िकया है तथा िजसकी स्वप्रमािणत दािखल िकया है। िजरा पर क्रमशः प्रदशर् क- 06 लगायत प्रदशर् क - 08 डाला गया। इसके अितिरक्त साक्षी द्वारा स्कू ल की मान्यता, अथाटीर् पत्र एवं आईडी की स्वप्रमािणत प्रित दािखल िकया। इस साक्षी ने अपनी प्रित परीक्षा में कथन िकया िक मेरे िवद्यालय के अिभलेखों में छात्रा की जन्मितिथ पूवर् िवद्यालय की टीसी के आधार पर िलखी गयी थी। उपरोक्त साक्षी द्वारा प्रस्तुत अिभलेखों के आधार पर बोडर् की सवर्सम्मत राय में अपचारी को िकशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अिधिनयम 2015 की धारा 94 के खण्ड (2) के उपखण्ड (1) के अनुसार स्कू ल से जन्म प्रमाण पत्र अथवा सम्बद्ध परीक्षा बोडर् से मैिट्रक अथवा समकक्ष प्रमाण पत्र, को वरीयता देते हुए अपचारी कु ० भव्यांशी राज िसह उफर् पंखुडी की जन्मितिथ 18.08.2004 िनधार्िरत की जाती है। जबिक प्रस्तुत मामले की प्रथम सूचना िरपोटर् के अनुसार घटना की 20.11.2021 अंिकत है। ऐसी िस्थित में अपचारी कु ० भव्यांशी राज िसह उफर् पंखुडी की उम्र घटना की ितिथ पर 17 वषर् 03 माह 02 िदन होती है। अतः अपचारी कु ० भव्यांशी राज िसह उफर् पंखुडी घटना की ितिथ पर िकशोर अपचािरणी घोिषत िकये जाने योग्य है। आदेश अपचारी कु ० भव्यांशी राज िसह उफर् पंखुडी को घटना की ितिथ को िकशोर अपचािरणी घोिषत िकया जाता है। CRLRD No. 499 of 2025 2 आदेश की एक-एक प्रित अधीक्षक, िजला कारागार, लखनऊ / अधीक्षक, राजकीय सम्प्रेक्षण गृह (िकशोर), लखनऊ तथा एक प्रित सम्बिन्धत िववेचक को प्रेिषत की जायें।" 3. A perusal of the above order of the J.J.B. indicates that same is based upon the date of birth of the juvenile i.e. 18.08.2004 mentioned in the records of school namely City Montessory School, Mahanagar, Lucknow and the same was established/proved by the head clerk of the said school Shri Sandeep Agarwal, according to which the opposite party No.2/juvenile studied in the School from Class VI to Class X. 4. From the order impugned dated 30.10.2023 as also from the record available before this Court it is apparent that the opposite party No.2/juvenile, prior to taking admission in City Montessory School, Mahanagar, Lucknow studied at Career Convent College, Vikas Nagar, Lucknow from Class I to Class V and the date of birth mentioned in the records of City Montessory School, Mahanagar, Lucknow is based on the records of the Career Convent College, Vikas Nagar, Lucknow. 5. The School records relating to the Career Convent College, Vikas Nagar, Lucknow was proved/established by the Office Assistant of the said School namely Shri Girish Chandra Upadhyay, according to which the date of birth of the Juvenile/opposite party No.2 is 18.08.2004 and she studied in the said school from Class II to Class V. 6. Based upon the aforesaid as also the date of incident indicated in the F.I.R. i.e. 20.11.2021, the J.J.B. came to the conclusion that on the date of the incident, the opposite party No.2/Juvenile was aged about 17 years 03 months and 02 days. 7. Being aggrieved by the order dated 30.10.2023 of the J.J.B., the opposite party No.2/Juvenile filed an Appeal No.300 of 2023. This appeal has been rejected by the Appellate Court by the order dated 01.06.2024 which has been impeached, as indicated above. The relevant portion of the impugned order dated 01.06.2024 is extracted herein under :- "15. धारा-94 जे०जे०एक्ट में िजस प्रकार से पीिड़त या पीिड़ता की आयु िनधार्रण का प्रावधान िविहत िकया गया है, ठीक उसी प्रकार से िकसी व्यिक्त को िकशोर अपचारी घोिषत िकये जाने हेतु िविध एवं प्रिक्रया अपनाये जाने का िनयम है। जे० जे०एक्ट 2015, की धारा-94 के अनुसार िकसी पीिडत अथवा िकशोर की आयु िनधार्रण िकये जान हेतु सवर्प्रथम उसका मैिट्रकु लेशन प्रमाणपत्र में दजर् जन्मितिथ का देखा जाना होता है, और मेिट्रकु लेशन प्रमाणपत्र में दजर् जन्मितिथ को आधार मानकर आयु िनधार्रण िकया जाता है। यिद कोई िकशोर मैिट्रकु लेशन स्तर तक िशिक्षत CRLRD No. 499 of 2025 3 नहीं है, तब ऐसी दशा में उसके अन्य स्कू ल प्रमाणपत्रों में अिभिलिखत जन्मितिथ के आधार पर आयु िनधार्रण िकया जाता है, और यिद कोई िकशोर या िकशोरी िकसा भो स्तर तक िशिक्षत नहीं है, तब ऐसी दशा में िकसी म्युिनिसपल बोडर्, िनगम नगर पंचायत या िकसी भी प्रकार की पंचायत रिजस्टर में दजर् जन्मितिथ को आधार मानकर आयु िनधार्िरत िकये जान का िनयम है। यिद ऐसा कोई जन्मितिथ का अिभलेख उपलब्ध नहीं है तब मेिडकल बोडर् द्वारा बतायी गयी अनुमािनत आयु के आधार पर िकशोर या िकशोरी की आयु िनधार्िरत िकये जाने का िनयम है। 16. वतर्मान मामले में साफ-साफ उिल्लिखत है िक, िकशोरी कु ० भव्यांशी राज िसह उफर् पंखुडी ने मेिट्रकु लेशन परीक्षा उतीणर् की हैं, और उसके मैिट्रकु लेशन प्रमाणपत्र में उसकी जन्मितिथ िदनांक-18.08.2004 अिभिलिखत है, िजसे संबंिधत िवद्यालय के अिधकृ त कमर्चारी ने िवद्यालय अिभलेखों के आधार पर मैिट्रकु लेशन प्रमाणपत्र में दजर् जन्मितिथ को प्रमािणत िकया है, तब मैिट्रकु लेशन प्रमाणपत्र उपलब्ध रहत अपचािरणी का िकसी अन्य िवद्यालय में पूवर् में िशक्षा ग्रहण िकया जाना, व वहां के अिभलेखों में कोई अन्य जन्मितिथ दजर् होना सुसगत नहीं रह गया है। 17. जहां तक अपीलान्ट के िवद्वान अिधवक्ता का यह तकर् है िक, अपीलान्ट की माता द्वारा बतायी गयी जन्मितिथ व सेंट टेरेसा कॉन्वेंट िवद्यालय के अिभलेखों में दजर् जन्मितिथ में िभन्नता है, या दानों के बयानों में िवरोधाभास या िवसंगितयां है तो दस्तावेजी साक्ष्य के रहते मौिखक बयानों का कोई महत्व नहीं होता है। 18. जे० जे०एक्ट 2015, के अिधिनयम के समय भारतीय संसद में सांसदों ने इस बात पर पयार्प्त िवचार-िवमशर् कर के ही धारा-94 जे०जे०एक्ट को आधिनयिमत िकया है, तािक आयु िनधार्रण में एक आने वाली िविभन्न िवसंगितयों का िनवारण िकया जा सकें । यिद धारा-94 जे० जे०एक्ट में क्रमवार आयु िनधार्रण का िनयम िनिमत करते हुए िविभन्न स्कू ली एवं पांचायती दस्तावेजों के महत्व को न बताया गया होता तो न जाने िकतने प्रकार के जन्मितिथ के दस्तावेज प्रस्तुत िकये जाते और न्यायालय को भ्रिमत िकया जाता। 19. धारा-94 जे०जे०एक्ट ने आयु िनधार्रण संबंधी समस्त िवसंगितयों को दरिकनार कर िदया है और सवर्मान्य िनयम प्रितपािदत कर िदया है, जो धारा-94 के पिरशीलन से स्वयमेव स्पष्ट हो जाता है। स्पष्ट है िक, मैिट्रकु लेशन प्रमाणपत्र को अन्य स्कू ली प्रमाणपत्रों पर अिधभावी िकया है, और इसी प्रकार से मेिट्रकु लेशन प्रमाणपत्र के अभाव में अन्य स्कू ली दस्तावेजों को अिधभावी िस्थित प्रदान करते हुए पांचायत द्वारा जारी प्रमाणपत्रों को न्यून महत्व िदया गया है। अथार्त मैिटकु लेशन प्रमाणपत्र के रहते अन्य स्कू ली प्रमाणपत्र का महत्व गौड़ है और इसी प्रकार अन्य स्कू ली प्रमाणपत्र के रहते पांचायत द्वारा जारी प्रमाणपत्र गौड हो जाए करते है। 20. अगले तकर् में िकशोरी अपचािरणी के िवद्वान अिधवक्ता ने कहा है िक िवद्वान बोडर् ने धारा-94 जे०जे०एक्ट, में िविहत प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए आयु िनधारण में न्याियक िववेक का सम्यक प्रयोग करते हुए प्रश्नगत आदेश पािरत करने में िकसी प्रकार की अवैधािनकता अिनयिमतता अथवा अशुद्धता कािरत नहीं की गयी है, िजसकी वजह से अपील गुणहीन है, और हर हाल में िनरस्त िकये जाने योग्य है। 21. िवद्वान बोडर् ने पत्रावली पर उपलब्ध समस्त साक्ष्य सामग्री व िवशेष रूप से ज०जे०एक्ट की धारा-94 में आयु िनधार्रण संबंधी िविहत प्रावधानों के प्रकाश में िकशोर अपचािरणी की मैिट्रकु लेशन प्रमाणपत्र में अिभिलिखत जन्मितिथ के आधार पर अपने संपूणर् न्याियक मिस्तष्क का प्रयोग करते हुए प्रश्नगत आदेश पािरत करने में िकसी प्रकार की तथ्यात्मक या िविधक अवैधािनकता कािरत नहीं की है। िवद्वान बोडर् द्वारा पािरत प्रश्नगत आदेश िदनांिकत -30.10.2023 तथ्यों एवं सुसंगत िविधयों पर पािरत एक न्यायसंगत आदेश है, िजसमें दखल की जरूरत पिरलिक्षत नहीं होती है। तद्नुसार न्याय िवचार में फौजदारी अपील सं0-300/2023 गुणहीन होने के कारण िनरस्त एवं िवद्वान बोडर् द्वारा पािरत प्रश्नगत आदेश िदनांिकत - 30.10.2023 पुष्ट िकये जाने योग्य है। आदेश फौजदारी अपील सं0-300/2023 िनरस्त की जाती है। िवद्वान िवचारण न्यायालय द्वारा पािरत प्रश्नगत आदेश िदनांिकत 30.10.2023 पुष्ट िकया जाता है। जे०जे०बोडर् की पत्रावली अिवलंब जे०जे०बोडर् मय आदेश की प्रित भेजी जाए।" 8. It is to be noted that the claim of the revisionist is based upon the CRLRD No. 499 of 2025 4 entries made in the Family Register, according to which the opposite party No.2/Juvenile was born on 18.08.2002, as appears from the record as also which has been argued by the learned counsel for the revisionist before this Court. 9. Upon due consideration of the aforesaid, this court finds no force in the instant revision. It is for the reason that the impugned order dated 30.10.2023 passed by the J.J.B. and the order dated 01.06.2024 passed by the Appellate Court are not in contravention to the Section 94 of the Act of 2015. 10. In view of the aforesaid, the criminal revision is dismissed. September 26, 2025 ML/- CRLRD No. 499 of 2025 5 (Saurabh Lavania,J.) Digitally signed by :- MUNNA LAL High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench