Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 154873 (ALL)

VASEEM v. THE STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER

/941/2025 · 2025-08-04

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:45104 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 941 of 2025 Applicant :- Vaseem Opposite Party :- The State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Dhananjai Kumar Tripathi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश धिननंजय कक मप्रार वत्रिपप्राठश तरप्रा वविदप्रान अवतररक शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश अनकरप्राग विमप्रार्मा कको सकनप्रा तरप्रा पत्रिप्राविलश कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. भप्रारतशय नप्रागररक सकरकप्रा सनंवहितप्रा ककी धिप्रारप्रा 482/438 दनं०प०सनं० कके अनंतगर्मात पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा-पत्रि दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि सनंख्यप्रा 247 सन 2025 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 2/3, उ०प० वगरकोहिबन्द समप्राज वविरकोधिश वक्रियप्राकलप्राप (वनविप्रारण) अधधिवनयम, 1986, रप्रानप्रा सलकोन , धजलप्रा रप्रायबरकेलश मम अवग्रिम जमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिहै। 3. उपरकोक पकरण पकधलस कके पभप्रारश वनरशकक दप्रारप्रा वदनप्रानंक 16.06.2025 कको पप्रारर्थी तरप्रा सहि -अवभयकक मनशष विमप्रार्मा कके वविरुद धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा कके आधिप्रार पर सनंसस्रत हिहआ, धजसमम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी तरप्रा मनशष विमप्रार्मा नके एक सनंगवठत आपरप्राधधिक वगरकोहि बनप्रा रखप्रा हिहै तरप्रा सहि-अवभयकक मनशष विमप्रार्मा वगरकोहि कप्रा सरगनप्रा हिहै। 4. परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा कके सप्रार सनंलग्न गगग-चप्रारर्मा मम तशन आपरप्राधधिक पकरणण मम पप्रारर्थी तरप्रा सहि -अवभयकक मनशष विमप्रार्मा ककी सनंधलप्ततप्रा दशप्रार्माई गई हिहै , धजन तशनण मम हिश पप्रारर्थी कको जमप्रानत पर ररहिप्रा करनके कप्रा आदकेश हिको चककप्रा हिहै। 5. पप्रारर्मानप्रा पत्रि कके सप्रार पस्तकत शपर पत्रि मम कहिप्रा गयप्रा हिहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हिहै तरप्रा पस्तकत पकरण एविनं गहैग चप्रारर्मा मम दवशर्मात तशन पकरणण कके अवतररक पप्रारर्थी वकसश अन्य आपरप्राधधिक पकरण मम सनंधलप्त नहिहीं हिहै। 6. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा पत्रि कप्रा वविरकोधि वकयप्रा, वकन्तक विहि पकरण कके उपरकोक वबन्दकओनं पर तकर्मा नहिहीं कर सकके । 7. उपरकोक तथ्यण कके दृवष्टिगत, जबवक पप्रारर्थी कको मप्रात्रि तशन पकरणण मम सनंधलप्त हिकोनके कके आधिप्रार पर पस्तकत पकरण मम आरकोपश बनप्रायप्रा गयप्रा हिहै तरप्रा उपरकोक तशनण पकरणण मम पप्रारर्थी कको जमप्रानत वमल चकककी हिहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिहै वक पस्तकत पकरण मम पप्रारर्थी अवग्रिम जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश हिहै। 8. तदनकसप्रार, अवग्रिम जमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत्रि स्विशकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। 9. उपरकोक मककदमप्रा अपरप्राधि सनंख्यप्रा मम आविकेदक ककी वगरफ्तप्रारश /न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रवत ककी दशप्रा मम , उसके सनंबनंधधित रप्रानके कके भप्रारसप्राधिक अधधिकप्रारश/न्यप्रायप्रालय ककी सनंतकवष्टि कके अनकसप्रार व्यवकगत बनंधि पत्रि एविनं दको पवतभसू पस्तकत करनके पर परशकण कके अनंवतम रूप सके वनस्तप्रारण तक , वनम्न शतर्दोनं कके अधिशन अवग्रिम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्राएगप्राग- क- आविकेदक, यवद आविश्यक हिकोगप्रा तको पकधलस अधधिकप्रारश दप्रारप्रा जजॉच हिकेतक अपकेवकत समय पर उपसस्रत हिकोगप्रा। ख- आविकेदक मप्रामलके कके तथ्यण सके पररवचत वकसश व्यवक यप्रा पकधलस अधधिकप्राररयण कको पत्यक यप्रा परकोक रूप सके ककोई धिमककी , विप्रादप्रा यप्रा पलकोभन नहिहीं दकेगप्रा धजससके वक विहि ऐसके तथ्य कको न्यप्रायप्रालय कके समक यप्रा वकसश पकधलस अधधिकप्रारश कके समक पकर न करनके पर मप्रान जप्राए। ग- आविकेदक अदप्रालत ककी पसूविर्मा अनकमवत कके वबनप्रा भप्रारत नहिहीं छकोडकेगप्रा; घ- आविकेदक कको पत्यकेक वनधिप्रार्माररत वतधर पर रटप्रायल ककोरर्मा कके समक उपसस्रत हिकोनप्रा हिकोगप्रा, जब तक वक व्यवकगत उपसस्रवत सके छसू र न दश गयश हिको; ङ- आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहि पर दबप्रावि नहिहीं डप्रालकेगप्रा / धिमककी नहिहीं दकेगप्रा। च- आविकेदक वविविकेचनप्रा एविनं वविचप्रारण कके ददौरप्रान सहियकोग करमगके और जमप्रानत ककी स्वितनंत्रितप्रा कप्रा दकरुपयकोग नहिहीं करकेगप्रा। Order Date :- 4.8.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench