PRATAP (IN AADHAR PRATAP SINGH) v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 2 OTHERS
ABAIL/1100/2025 · 2025-09-26
Subhash Vidyarthi
body2025
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 154559 (ALL) · dailylaw.ai ]
DailyLaw.ai
[ 2025 DAILYLAW 154559 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
HIGH COURT OF JUDICATURE AT ALLAHABAD LUCKNOW CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 1100 of 2025 Court No. - 13 HON'BLE SUBHASH VIDYARTHI, J.
1. प्राथीर् के िवद्वान अिधवक्ता श्री अमन कु मार श्रीवास्तव तथा िवद्वान अपर शासकीय अिधवक्ता श्री सत्येन्द्र श्रीवास्तव को सुना तथा पत्रावली का अवलोकन िकया।
2. धारा 438 दं०प्र०सं० द्वारा प्रस्तुत प्राथर्ना-पत्र द्वारा प्राथीर् ने रेन्ज के स नं०- 01 सन 2017- 18 अन्तगर्त धारा 2, 9, 27, 30, 31, 32, 35(6), 51(1) वन्य जीव संरक्षण अिधिनयम एवं धारा 26 भारतीय वन अिधिनयम, रेन्ज बनकटी िजला लखीमपुर खीरी में अिग्रम जमानत की प्राथर्ना की है।
3. उपरोक्त प्रकरण िदनांक 28.04.2017 को प्राथीर् सिहत 7 व्यिक्तयों के िवरुद्ध िलखाई गई एक रेंज के स के आधार पर प्रारंभ हुआ िजसमें कहा गया िक अिभयुक्तगण ने कु ल्हाड़ी से पेड़ काट िलए एवं मना करने पर मिहलाएँ आगे आकर गालीगलौज करने पर आमादा हो गयीं।
4. प्राथर्ना-पत्र के साथ प्रस्तुत शपथ-पत्र में कहा गया िक प्राथीर् िनदोर्ष है। शपथ-पत्र के प्रस्तर 32 में 28 अन्य प्रकरणों में प्राथीर् की संिलप्तता दशार्यी गयी है, जो सभी रेन्ज के स हैं तथा िजनमें से िकसी भी प्रकरण में प्राथीर् को समन प्राप्त नहीं हुआ है।
5. एक सह-अिभयुक्ता गुिड़या को इस न्यायालय की एक अन्य पीठ द्वारा अिग्रम जमानत प्राथर्ना- पत्र संख्या 802 सन 2025 में पािरत आदेश िदनांिकत 22.07.2025 द्वारा अिग्रम जमानत प्रदान की जा चुकी है।
6. उपरोक्त तथ्यों को दृिष्टगत रखते हुए, न्यायालय का मत है िक प्राथीर् भी अिग्रम जमानत पाने का अिधकारी है।
7. तद्नुसार अिग्रम जमानत प्राथर्ना-पत्र स्वीकार िकया जाता है।
8. उपरोक्त मुकदमा अपराध संख्या में आवेदक की िगरफ्तारी/न्यायालय के समक्ष उपिस्थित की दशा में, उसे संबंिधत थाने के भारसाधक अिधकारी/न्यायालय की संतुिष्ट के अनुसार व्यिक्तगत बंध पत्र एवं दो प्रितभू प्रस्तुत करने पर परीक्षण के अंितम रूप से िनस्तारण तक, िनम्न शतोर्ं के अधीन Versus Counsel for Applicant(s) : Aman Kumar Shrivastav Counsel for Opposite Party(s) : G.A. Pratap (In Aadhar Pratap Singh) .....Applicant(s) State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko.
And 2 Others .....Opposite Party(s)
अिग्रम जमानत पर िरहा िकया जाएगाः- क- आवेदक, यिद आवश्यक होगा तो पुिलस अिधकारी द्वारा जॉच हेतु अपेिक्षत समय पर उपिस्थत होगा। ख- आवेदक मामले के तथ्यों से पिरिचत िकसी व्यिक्त या पुिलस अिधकािरयों को प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई धमकी, वादा या प्रलोभन नहीं देगा िजससे िक वह ऐसे तथ्य को न्यायालय के समक्ष या िकसी पुिलस अिधकारी के समक्ष प्रकट न करने पर मान जाए। ग- आवेदक अदालत की पूवर् अनुमित के िबना भारत नहीं छोड़ेगा; घ- आवेदक को प्रत्येक िनधार्िरत ितिथ पर ट्रायल कोटर् के समक्ष उपिस्थत होना होगा, जब तक िक व्यिक्तगत उपिस्थित से छू ट न दी गयी हो; ङ- आवेदक अिभयोजन पक्ष के गवाह पर दबाव नहीं डालेगा / धमकी नहीं देगा। च- आवेदक िववेचना एवं िवचारण के दौरान सहयोग करेंगे और जमानत की स्वतंत्रता का दुरुपयोग नहीं करेगा। September 26, 2025 Ankit ABAIL No. 1100 of 2025 2 (Subhash Vidyarthi,J.) Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench