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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 154520 (ALL)
RIJWAN KHAN AND ANOTHER v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME U.P. GOVT. LKO. U.P. AND ANOTHERS
/945/2025 · 2025-08-04
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 154520 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:45195 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 945 of 2025 Applicant :- Rijwan Khan And Another Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home U.P. Govt. Lko. U.P. And Anothers Counsel for Applicant :- Santosh Kumar Yadav,Dinesh Pratap Verma,Virendra Vikram Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससंततोष कक मप्रार यप्रादवि तरप्रा वविदप्रान अवतररक शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री मतोहम्मद आवशफ खप्रान कतो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलतोकन वकयप्रा।
2. पस्तकत पप्राररनप्रा-पत पप्रारर्थीगण नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 0053 सनन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 115(2), 127(7), 191(2), 308(5), 351(3) बश्री०एन०एस०, रप्रानप्रा महप्रारप्राजगसंज तरप्राई , धजलप्रा बलरप्रामपकर , मम अवग्रिम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. उपरतोक पकरण वदनप्रासंक 03.07.2025 कतो पप्रारर्थीगण सवहत पप्रापाँच व्यवकयय कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपतोरर कके आधिप्रार पर ससंसस्रत हहआ , धजसमम यह कहप्रा गयप्रा हहै वक सभश्री अवभयककगण नके वशकप्रायतकतप्रार दप्रारप्रा गलत हरकत वकए जप्रानके कप्रा आरतोप लगप्रा कर उसके मप्रारप्रा -पश्रीरप्रा, एक पकेड़ सके बप्रासंधि वदयप्रा तरप्रा बसंधिक बनप्रानके कके बप्राद रु० 2,50,000/- ककी मप्रासंग ककी। वशकप्रायतकतप्रार कके भप्राई दप्रारप्रा रु० 40,000/- दकेनके पर उन लतोगय नके और रुपयके ककी मप्रासंग ककी तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार कके हप्रार पहैर कप्रार दकेनके ककी धिमककी दश्री।
4. परम ससूचनप्रा ररपतोरर मम लगप्राए गए आरतोपय कतो दृवष्टिगत रखतके हहए , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थीगण अवग्रिम जमप्रानत पप्रानके कके अधधिकप्रारश्री नहह हहै।
5. तदनकसप्रार, अवग्रिम जमप्रानत पप्राररनप्रा पत वनरस्त वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
6. यवद पप्रारर्थीगण वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक्ष उपसस्रत हतोकर वनयवमत
जमप्रानत हकेतक पप्राररनप्रा-पत पस्तकत करतप्रा हहै ततो उसके अवग्रिम जमप्रानत पप्राररनप्रा - पत कके वनरस्तश्रीकरण सके पभप्राववित हहए वबनप्रा , गकण-दतोष कके आधिप्रार वविधधि अनकसप्रार शश्रीघप्रातपसूविरक वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्राएगप्रा। Order Date :- 4.8.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench