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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 154201 (ALL)
ARUN KUMAR v. STATE OF U.P. THRU. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER
/82/2025 · 2025-08-06
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 154201 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:46131 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL CANCELLATION APPLICATION No. - 82 of 2025 Applicant :- Arun Kumar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Secy. Home Deptt. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Vimlesh Kumar Kashyap,Dharmendra Kumar Bhatt,Rudra Pratap Pal Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वविमलकेश कक मप्रार कश्यप ककी अस्विस्रतप्रा कके आधिप्रार पर स्रगन कप्रा अनकररोधि वकयप्रा गयप्रा हहै। विप्राद ससूचश्री मम शश्री धिमररद्र कक मप्रार भट्ट तरप्रा शश्री रुद्र पतप्राप पप्राल कके नप्राम भश्री पप्रारर्थी कके अधधिविकप्रा कके रूप मम दवशरत हह, वकर तक न तरो विके दरोननों न्यप्रायप्रालय मम उपसस्रत हह और न हश्री उनककी तरफ सके स्रगन ककी करोई पप्राररनप्रा ककी गई हहै।
2. यह पप्राररनप्रा पत्र वदनप्रारक 26/07/2025 करो पस्तकत वकयप्रा गयप्रा तरप्रा इसकके पसूविर भश्री दरो वतधरयनों करो पप्रारर्थी कके अधधिविकप्रा ककी अनकपसस्रवत कके कप्रारण पप्राररनप्रा पत्र ककी सकनविप्राई नहहीं ककी गई रश्री। ऐसश्री पररसस्रवत मम न्यप्रायप्रालय , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री वदविप्राकर धसरह ककी सहप्रायतप्रा सके अवभलकेख कप्रा परश्रीक्षण करतके हहए पप्राररनप्रा पत्र वनणर्थीत कर रहप्रा हहै।
3. इस पप्राररनप्रा पत्र दप्रारप्रा न्यप्रायप्रालय अपर सत्र न्यप्रायप्राधिश्रीश , कक्ष सरख्यप्रा-2, सश्रीतप्रापकर दप्रारप्रा जमप्रानत पप्राररनप्रा पत्र सरख्यप्रा 1567 सन 2024 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रारक 30/01/2025 कके वनरस्तश्रीकरण ककी पप्राररनप्रा ककी हहै , धजसकके दप्रारप्रा वविपक्षश्री सरख्यप्रा 2 करो मककदमप्रा अपरप्राधि सरख्यप्रा 382 सन 2020, अरतगरत धिप्रारप्रा 147, 148, 308, 394, 452, 504 भप्रारतश्रीय दरड सरवहतप्रा, रप्रानप्रा वपसप्राविप्रार, जनपद सश्रीतप्रापकर मम जमप्रानत दश्री गई हहै।
4. जमप्रानत आदकेश एक वविस्ततृत आदकेश हहै, धजसमम अपर सत्र न्यप्रायप्राधिश्रीश नके समस्त सरगत तथ्यनों कप्रा अरकन करतके हहए यह कहप्रा हहै वक घटनप्रा मम पश्रीवड़ित व्यवकयनों करो कप्राररत चरोटम सप्राधिप्रारण पकतृ वत ककी हह , ददौरप्रान वविविकेचनप्रा वविपक्षश्री
सरख्यप्रा 2 करो वगरफ्तप्रार नहहीं वकयप्रा गयप्रा रप्रा ; चप्रार सह-अवभयककगण कके जमप्रानत पप्राररनप्रा पत्र सत्र न्यप्रायप्रालय सके वनरस्त हहए रके, वकर तक उन सभश्री सह- अवभयककगण करो उच्च न्यप्रायप्रालय सके जमप्रानत दश्री जप्रा चकककी हहै एविर वविपक्षश्री सरख्यप्रा 2 करो वदनप्रारक 26/11/2024 करो अरतररम जमप्रानत दश्री गई रश्री , जरो वविवभन्न वतधरयनों पर बढप्राई जप्रातश्री रहश्री। वविपक्षश्री सरख्यप्रा 2 न्यप्रायप्रालय मम उपसस्रत हरोतप्रा रहप्रा तरप्रा उसनके अरतररम जमप्रानत कप्रा दकरुपयरोग नहहीं वकयप्रा। वविपक्षश्री सरख्यप्रा 2 कके वविरुद्ध पहलके सके चल रहके आपरप्राधधिक मककदमके वकसश्री गरभश्रीर अपरप्राधि कके सरबरधि मम नहहीं हह तरप्रा विके सप्राधिप्रारण पकतृ वत कके हह। अवभयकक ककी अपरप्राधि मम मकख्य भसूवमकप्रा नहहीं हहै।
5.
उपररोक आदकेश कके वनरस्तश्रीकरण ककी पप्राररनप्रा करतके हहए पप्रारर्थी नके कहप्रा हहै वक जमप्रानत पर ररहप्रा हरोनके कके बप्राद सके वविपक्षश्री सरख्यप्रा 2 लगप्रातप्रार पप्रारर्थी तरप्रा उसकके पररविप्रारश्रीजननों करो धिमकप्रा रहप्रा हहै तरप्रा इस सरबरधि मम पकधलस अधिश्रीक्षक लखनऊ करो वदनप्रारक 10/02/2025 करो एक पप्राररनप्रा पत्र वदयप्रा गयप्रा रप्रा, धजस पर करोई कप्रायरविप्राहश्री नहहीं हहई।
6. पकधलस अधिश्रीक्षक करो वदए गए पप्राररनप्रा पत्र वदनप्रारक 10/02/2025 ककी पवतधलवप पप्राररनप्रा पत्र कके सप्रार सरलग्नक सरख्यप्रा 4 कके रूप मम सरलग्न हहै, धजसमम यह कहप्रा गयप्रा हहै वक जमप्रानत वमलनके कके बप्राद सके वविपक्षश्री सरख्यप्रा 2 पप्रारर्थी एविर उसकके पररविप्रार करो धिमककी दकेतके हहए गप्रालश्री गलदौज कर रहप्रा हहै , वकर तक उक पप्राररनप्रा पत्र मम वकसश्री घटनप्रा ककी वतधर अरविप्रा स्रप्रान अरवकत नहहीं हहै तरप्रा लगप्राए गए आररोप अस्पष्ट हह।
7. न्यप्रायप्रालय आजकल यह एक चलन कके रूप मम दकेख रहप्रा हहै वक वकसश्री भश्री अवभयकक करो जमप्रानत वमलनके कके पश्चप्रात उसकके वनरस्तश्रीकरण कके धलए अस्पष्ट करननों कके आधिप्रार पर वशकप्रायत करकके जमप्रानत वनरस्तश्रीकरण कप्रा आधिप्रार बनप्रायप्रा जप्रातप्रा हहै, धजन करननों कके सरबरधि मम करोई सप्रामगश्री उपलब्धि नहहीं हरोतश्री हहै। पस्तकत पकरण भश्री एक ऐसप्रा हश्री पकरण पतश्रीत हरोतप्रा हहै।
8. उपररोक समश्रीक्षप्रा कके आलरोक मम न्यप्रायप्रालय कप्रा स्पष्ट मत हहै वक पस्तकत पकरण मम वविपक्षश्री सरख्यप्रा 2 करो सत्र न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा दश्री गई ज़मप्रानत करो वनरस्त वकए जप्रानके कप्रा समकवचत आधिप्रार नहहीं हहै।
9. पप्राररनप्रा पत्र बलहश्रीन हहै, तदनकसप्रार वनरस्त वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। Order Date :- 6.8.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench