Research › Search › Judgment

Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 154184 (ALL)

SYED MOHD.IMRAN v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO AND ANOTHER

A482/6114/2025 · 2025-07-29

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:43816 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 6114 of 2025 Applicant :- Syed Mohd.Imran Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko And Another Counsel for Applicant :- Pranav Pandey,Anand Mishra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री पणवि पप्राण्डकेय, वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री सतकेन्द्र शश्रीविप्रास्तवि एविवं वविपकश्री सवंख्यप्रा 2 कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री आशश्रीष कक मप्रार अस्रप्रानप्रा ककी तरफ सके उपसस्रत वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वविविकेक चन्द्रप्रा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा सवंवहितप्रा कके अन्तररत पस्तकत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर सवंख्यप्रा 0089 सन 2023 अन्तररत धिप्रारप्रा 498- , 323, A 504, 506 भप्रा०दवं०सवं०, रप्रानप्रा ककोतविप्रालश्री नरर , जनपद सकल्तप्रानपकर कके अनकक्रिम मम पस्तकत आरकोप पत सवंख्यप्रा 01 सन 2023 वदनप्रावंवकत 20.08.2023 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर विप्राद सवंख्यप्रा 887 सन 2024 मम वविदप्रान वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रावंक 16.02.2024 धजससके उक अपरप्राधि कप्रा सवंजप्रान धलयप्रा एविवं पप्रारर्थी कको वविचप्रारण कके धलए तलब वकयप्रा रयप्रा, कके वनरस्तश्रीकरण ककी पप्राररनप्रा इस आधिप्रार पर ककी रई हिहै वक पकक्षों कके मध्य समझझौतप्रा हिको रयप्रा हिहै। 3. उपरकोक पकरण वविपकश्री सवंख्यप्रा 2 दप्रारप्रा वदनप्रावंक 01.02.2023 कको पप्रारर्थी तरप्रा 3 अन्य व्यवकयक्षों कके वविरुद्ध धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके आधिप्रार पर सवंसस्रत हिहआ धजसमम कहिप्रा रयप्रा वक वशकप्रायतकतर्थी कप्रा वविविप्राहि वदनप्रावंक 02.04.2015 कको हिहआ रप्रा तरप्रा उसकको दहिकेज कके धलए पतप्रावड़ितप्रा वकयप्रा जप्रातप्रा रप्रा। 4. वविविकेचनप्रा कके उपरप्रान्त वविविकेचक दप्रारप्रा मप्रात पप्रारर्थी कके वविरुद्ध वदनप्रावंक 20.08.2023 कको धिप्रारप्रा 498-A, 323, 504, 506 भप्रा०दवं०सवं० कके अपरप्राधि कके धलए आरकोप-पत पस्तकत हिहआ। 5. पकरण कके लवंवबत रहिनके कके दझौरप्रान पकक्षों कके मध्य सकलहि हिको रयश्री तरप्रा इस आधिप्रार पर वविपकश्री सवंख्यप्रा 2 दप्रारप्रा धिप्रारप्रा- 12 घरकेलसू वहिवंसप्रा अधधिवनयम कके अवंतररत पस्तकत आपरप्राधधिक विप्राद सवंख्यप्रा 61 सन 2023 न्यप्रायप्रालय धसवविल जज (अ०ख०) / एफ०रश्री०सश्री० / न्यप्रावयक मधजस्रटकेर, मवहिलप्राओवं कके वविरुद्ध अपरप्राधि कप्रा वविचप्रारण, सकल्तप्रानपकर दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रावंवकत 08.11.2023 कके दप्रारप्रा वनरस्त हिको रयश्री। 6. पकक्षों कके मध्य वनष्पप्रावदत एक सकलहिनप्रामप्रा वदनप्रावंवकत 22.07.2025 पप्राररनप्रा-पत कके सवंलग्न वकयप्रा रयप्रा हिहै धजसमम यहि अवंवकत हिहै वक वविपकश्री सवंख्यप्रा 2 एविवं पप्रारर्थी पवत-पत्नश्री हिह। विहि दकोनक्षों खकशश्रीपसूविरक रहि रहिके हिह तरप्रा उन्हिम एक -दसूसरके सके ककोई वशकप्रायत नहिहीं हिहै। अब वविपकश्री सवंख्यप्रा 2 पप्रारर्थी कके वविरुद्ध ककोई मककदमप्रा नहिहीं चप्राहितश्री हिहै। 7. वविपकश्री सवंख्यप्रा 2 नके एक लघक पवतशपर-पत पस्तकत करकके सकलहिनप्रामप्रा कको स्विश्रीकप्रार वकयप्रा एविवं आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहिश्री कके वनरस्तश्रीकरण ककी पप्राररनप्रा ककी रयश्री हिहै। 8. इस तथ्य कको ध्यप्रान मम रखतके हिहए वक पकक्षों कके बश्रीच वविविप्राद व्यवकरत पकक वत कप्रा हिहै और सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा बश्री.एस. जकोशश्री एविवं अन्य बनप्राम हिररयप्राणप्रा रप्राज्य एविवं अन्य (2003) 4 एससश्रीसश्री 675, वनधखल मचरवंर बनप्राम सश्रीबश्रीआई एविवं अन्य (2008) 9 एससश्रीसश्री 677, मनकोज शमप्रार बनप्राम रप्राज्य एविवं अन्य (2008) 16 एससश्रीसश्री 1, जप्रान धसवंहि बनप्राम पवंजप्राब स्रकेशन (2010) 15 एससश्रीसश्री 118 और नररवंदर धसवंहि एविवं अन्य बनप्राम पवंजप्राब रप्राज्य एविवं अन्य (2014) 6 एससश्रीसश्री 466 कके पकरणक्षों मम वनधिप्रारररत अनकपप्रात कके अनकसप्रार , पकरण कके तथ्यक्षों एविवं पररसस्रवतयक्षों कको दृवष्टिरत रखतके हिहए आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहिश्री कको रद्द करनप्रा उवचत हिकोरप्रा क्यक्षोंवक आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहिश्री कको जप्रारश्री रखनप्रा वनरररक हिकोरप्रा। 9. तदनकसप्रार, पप्राररनप्रा पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हिहै। परम ससूचनप्रा ररपकोरर सवंख्यप्रा 0089 सन 2023 अन्तररत धिप्रारप्रा 498- , 323, A 504, 506 भप्रा०दवं०सवं०, रप्रानप्रा ककोतविप्रालश्री नरर, जनपद सकल्तप्रानपकर कके अनकक्रिम मम पस्तकत आरकोप पत सवंख्यप्रा 01 सन 2023 वदनप्रावंवकत 20.08.2023 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर विप्राद सवंख्यप्रा 887 सन 2024 मम वविदप्रान वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रावंक 16.02.2024 धजससके उक अपरप्राधि कप्रा सवंजप्रान धलयप्रा एविवं पप्रारर्थी कको वविचप्रारण कके धलए तलब वकयप्रा रयप्रा तरप्रा उपरकोक आपरप्राधधिक विप्राद ककी सवंपसूणर कप्रायरविप्राहिश्री पप्रारर्थी कके वविरुद्ध वनरस्त ककी जप्रातश्री हिहै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 29.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench