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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 154163 (ALL)

BHARAT SINGH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

A482/6095/2025 · 2025-07-29

Subhash Vidyarthi

Special Leave Petitionbody2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:43728 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 6095 of 2025 Applicant :- Bharat Singh Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Himanshu Suryavanshi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वहिमप्रामांशशु ससूररविमांशश्री तरप्रा रप्राज्र सरकप्रार कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धसमांहि चचौहिप्रान कको सशुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकरप्रा। 2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्ररप्रा समांवहितप्रा कके अन्तररत पस्तशुत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके वनम्नधलधखित 3 मप्रामललों मम अलर -अलर वनजश्री बमांधिपत पस्तशुत करनके कके बजप्रार एक वनजश्री बमांधिपत पस्तशुत वकरके जप्रानके ककी पप्राररनप्रा ककी हिह:- (i) . 584 2019, 406, 419, Case Crime No of Under Section 420, 467, 468, 471, 506, 120- , , , B IPC Police Station PGI - District Lucknow (ii) . 585 2019, 406, 419, Case Crime No of Under Section 420, 467, 468, 471, 427, 447, 506, 323, 120- , 147, 504 B , , - IPC Police Station PGI District Lucknow (iii) . 589 2019, 406, 419, Case Crime No of Under Section 420, 467, 468, 471, 506, 504, 120- , B IPC , Police Station PGI - District Lucknow 3. मप्राननश्रीर सविर्वोच्च न्रप्रारप्रालर दप्रारप्रा पप्राररत वनररर Hani Nishad @ Mohammad Imran @ Vikky Vs. The State of Uttar Praesh [SLP (Crl.) No.8914-8915/2018] कप्रा अविलमांब लकेतके हिहए पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके कहिप्रा वक पप्रारर्थी कको भश्री समस्त मप्रामललों मम एक व्रवकरत बमांधिपत तरप्रा दको पवतभसू दप्राधखिल करनके पर जमप्रानत पर ररहिप्रा वकरप्रा जप्रानप्रा चप्रावहिए। 4. पप्रारर्थी कको सभश्री 3 मप्रामललों मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकरके जप्रानके कप्रा आदकेश हिको चशुकप्रा हिह तरप्रा उसकके पक्ष मम अमांवतम जमप्रानत आदकेश वदनप्रामांक 16.07.2025 कको हिहआ रप्रा वकन्तशु अब तक विहि अपनके समांसप्राधिनलों कके अभप्रावि कके कप्रारर बमांधिपत एविमां पवतभसू पस्तशुत नहिहीं कर पप्रारप्रा हिह। 5. उपरकोक तथ्रलों कको दृवष्टिरत रखितके हिहए Hani Nishad @ Mohammad Imran @ Vikky Vs. The State of Uttar Praesh [SLP (Crl.) No.8914-8915/2018] मप्रामलके मम मप्राननश्रीर उच्चतम न्रप्रारप्रालर दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश कके दृवष्टिरत रहि पप्राररनप्रा-पत इस वनदरश कके सप्रार वनस्तप्राररत वकरप्रा जप्रातप्रा हिह वक पप्रारर्थी दप्रारप्रा रुपरके 40,000/- कप्रा एक व्रवकरत बमांधिपत तरप्रा उसश्री धिनरप्रावश कके दको पवतभसू पस्तशुत वकरके जप्रानके पर उसके ऊपर धिप्रारप्रा 3 मम विवररत सभश्री 3 पकररलों मम जमप्रानत पर ररहिप्रा कर वदरप्रा जप्रारकेरप्रा तरप्रा पप्रारर्थी कको पत्रकेक पकरर कके धलए अलर बमांधिपत एविमां पवतभसू दकेनके ककी आविश्रकतप्रा नहिहीं हिकोरश्री। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 29.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench