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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 154078 (ALL)

SYED ABID ALI v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER

/932/2025 · 2025-08-04

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:44986 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 932 of 2025 Applicant :- Syed Abid Ali Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Arti Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी ककी तरफ ससे एक पपूरक शपर पत्र पस्ततुत ककयप्रा गयप्रा, जजिससे अकभिलसेख पर जलयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 2. पप्रारर्थी ककी कविदप्रान अजधिविकप्रा सतुशश्री आरतश्री शतुक्लप्रा तरप्रा कविदप्रान अकतररक शप्रासककीय अजधिविकप्रा परम शश्री रप्राजिसेश कतु मप्रार जससिंह कको सतुनप्रा तरप्रा पत्रप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन ककयप्रा। 3. भिप्रारतश्रीय नप्रागररक सतुरकप्रा ससिंकहतप्रा ककी धिप्रारप्रा 482/438 दसिं०प०ससिं० कसे असिंतगरत पस्ततुत इस पप्राररनप्रा-पत्र दप्रारप्रा पप्रारर्थी नसे मतुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 47 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारप्रा 3/5A/8 गकोविधि कनविप्रारण अजधिकनयम वि धिप्रारप्रा 11 पशतु कपू रतप्रा अजधिकनयम, वि धिप्रारप्रा 109, 324 बश्री०एन०एस०, रप्रानप्रा जियजससिंहपतुर, जजिलप्रा सतुल्तप्रापतुर मम अकग्रिम जिमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 4. कदनप्रासिंक 17.02.2025 कको एक पतुजलस उप-कनरश्रीकक दप्रारप्रा विप्राहन स्विप्रामश्री, विप्राहन चप्रालक तरप्रा अन्य अजप्रात व्यककययों कसे कविरुद्ध जलखप्राई गई परम सपूचनप्रा ररपकोरर मम कहप्रा गयप्रा हहै कक मतुखकबर खप्रास/गगौ रकप्रा दल गप्राजजियप्राबप्राद ककी सपूचनप्रा कसे आधिप्रार पर एक बसिंद -बप्राडश्री कसिं रसेनर विप्राहन कको रकोकप्रा गयप्रा। गप्राडश्री कप्रा चप्रालक असिंधिसेरप्रा कप्रा फप्रायदसे उठप्रातसे हहए मगौकसे ससे भिप्राग गयप्रा। कसिं रसेनर मम 32 गकोविसिंश लदसे रसे। गगौ रकक दल कसे सदस्ययों नसे तहरश्रीर पस्ततुत करनसे कको कहप्रा रप्रा, ककन्ततु तहरश्रीर पस्ततुत नहहीं ककयप्रा। विप्राहन स्विप्रामश्री सह-अकभियतुक तमसश्रील कको इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा अकग्रिम जिमप्रानत पप्राररनप्रा पत्र ससिंख्यप्रा 321/2025 मम पप्राररत आदसेश कदनप्रासिंक 15.04.2025 दप्रारप्रा अकग्रिम जिमप्रानत दश्री जिप्रा चतुककी हहै। 5. पप्रारर्थी ककी कविदप्रान अजधिविकप्रा नसे तकर कदयप्रा कक पप्रारर्थी कप्रा नप्राम सह-अकभियतुक तमसश्रील कसे बयप्रान कसे आधिप्रार पर पकप्राश मम आयप्रा, जजिसमम कहप्रा गयप्रा हहै कक पप्रारर्थी पश्नगत विप्राहन कप्रा चप्रालक रप्रा तरप्रा एक पपूरक पप्राररनप्रा पत्र पस्ततुत करकसे 10 अन्य आपरप्राजधिक पकरणयों मम पप्रारर्थी ककी ससिंजलप्ततप्रा दशप्रारई गई हहै , जजिन सभिश्री मम उसकको जिमप्रानत पर ररहप्रा करनसे कप्रा आदसेश हको चतुकप्रा हहै। 6. कविदप्रान अपर शप्रासककीय अजधिविकप्रा परम नसे पप्राररनप्रा पत्र कप्रा कविरकोधि करतसे हहए कहप्रा कक परम सपूचनप्रा ररपकोरर कसे अनतुसप्रार पप्रारर्थी एक जिघन्य अपरप्राधि कप्रा आरकोपश्री हहै तरप्रा उससे अकग्रिम जिमप्रानत नहहीं दश्री जिप्रानश्री चप्राकहए। 7. उपरकोक तथ्य कको दृकष्टिगत रखतसे हहए, जिबकक पप्रारर्थी कप्रा नप्राम मप्रात्र एक सह-अकभियतुक कसे बयप्रान कसे आधिप्रार पर पकप्राश मम आयप्रा हहै तरप्रा पश्नगत विप्राहन कसे चप्रालक कको इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा पहलसे हश्री अकग्रिम जिमप्रानत दश्री जिप्रा चतुककी हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै कक सप्राम्यतप्रा कसे जसद्धप्रासिंत पर पप्रारर्थी भिश्री अकग्रिम जिमप्रानत पप्रानसे कप्रा अजधिकप्रारश्री हहै। 8. तदनतुसप्रार, अकग्रिम जिमप्रानत पप्राररनप्रा-पत्र स्विश्रीकप्रार ककयप्रा जिप्रातप्रा हहै। 9. उपरकोक मतुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा मम आविसेदक ककी कगरफ्तप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय कसे समक उपसस्रकत ककी दशप्रा मम, उससे ससिंबसिंजधित रप्रानसे कसे भिप्रारसप्राधिक अजधिकप्रारश्री/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंततुकष्टि कसे अनतुसप्रार व्यककगत बसिंधि पत्र एविसिं दको पकतभिपू पस्ततुत करनसे पर परश्रीकण कसे असिंकतम रूप ससे कनस्तप्रारण तक, कनम्न शतरसिं कसे अधिश्रीन अकग्रिम जिमप्रानत पर ररहप्रा ककयप्रा जिप्राएगप्राग- क- आविसेदक, यकद आविश्यक हकोगप्रा तको पतुजलस अजधिकप्रारश्री दप्रारप्रा जिजॉच हसेततु अपसेककत समय पर उपसस्रत हकोगप्रा। ख- आविसेदक मप्रामलसे कसे तथ्ययों ससे पररकचत ककसश्री व्यकक यप्रा पतुजलस अजधिकप्राररययों कको पत्यक यप्रा परकोक रूप ससे ककोई धिमककी , विप्रादप्रा यप्रा पलकोभिन नहहीं दसेगप्रा जजिसससे कक विह ऐससे तथ्य कको न्यप्रायप्रालय कसे समक यप्रा ककसश्री पतुजलस अजधिकप्रारश्री कसे समक पकर न करनसे पर मप्रान जिप्राए। ग- आविसेदक अदप्रालत ककी पपूविर अनतुमकत कसे कबनप्रा भिप्रारत नहहीं छकोडसेगप्रा; घ- आविसेदक कको पत्यसेक कनधिप्रारररत कतजर पर रटप्रायल ककोरर कसे समक उपसस्रत हकोनप्रा हकोगप्रा, जिब तक कक व्यककगत उपसस्रकत ससे छपू र न दश्री गयश्री हको; ङ- आविसेदक अकभियकोजिन पक कसे गविप्राह पर दबप्रावि नहहीं डप्रालसेगप्रा / धिमककी नहहीं दसेगप्रा। च- आविसेदक कविविसेचनप्रा एविसिं कविचप्रारण कसे दगौरप्रान सहयकोग करमगसे और जिमप्रानत ककी स्वितसिंत्रतप्रा कप्रा दतुरुपयकोग नहहीं करसेगप्रा। Order Date :- 4.8.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench