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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 153940 (ALL)
HAKEEK KHAN @ HAKEEM v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO.
/935/2025 · 2025-08-06
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 153940 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:45879 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 935 of 2025 Applicant :- Hakeek Khan @ Hakeem Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. Counsel for Applicant :- Pawan Kumar Sharma Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री पविन कक मप्रार शमप्रार्मा तरप्रा वविदप्रान अवतररक शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धससिंह चचौहप्रान कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससिंवहतप्रा ककी धिप्रारप्रा 482/438 दसिं०प०ससिं० कके असिंतगर्मात पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 178 सन 2025 अन्तगर्मात धिप्रारप्रा 3/5/8 उत्तर पदकेश गकोविधि वनविप्रारण अधधिवनयम, 1955, रप्रानप्रा रप्रामगप्रासिंवि, धजिलप्रा बहरप्राइच मम अवग्रिम जिमप्रानत ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हहै।
3. वदनप्रासिंक 31/05/2025 कको एक व्यवक जिप्राविकेद नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा असिंवकत करप्राई, धजिसमम कहप्रा हहै वक उसके कक छ गप्रासिंवि कके लकोगगों कके दप्रारप्रा ससूचनप्रा वमलश्री वक गप्रासिंवि कके हनश्रीफ वि हककीम (अवभयककगण) वक गप्रासिंवि कके बप्राहर सड़क कके वकनप्रारके बनश्री झकोपड़श्री मम मप्रासिंस पड़प्रा हहआ हहै तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार्मा कको शसिंकप्रा रप्रा वक यह मप्रासिंस गचौमप्रासिंस हको सकतप्रा हहै।
4. वविविकेचक नके घरनप्रा स्रल पर वनरश्रीकण कर कके यह पप्रायप्रा वक पप्रारर्थी ककी झकोपड़श्री मम लगभग 500 ग्रिप्राम अविहैधि मश्रीर कप्रा वमलनप्रा बतप्रायप्रा गयप्रा , वकसिं तक
अन्य सप्राक्ष्य नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा। घरनप्रा स्रल सके लगभग 250 मश्रीरर पसूविर्मा, उत्तर वदशप्रा मम एक बप्राग मम खकेत मम करके हहए गचौविसिंश कप्रा धसर तरप्रा चप्रार खकर बरप्रामद हहए। पकधलस नके पप्रारर्थी कके वपतप्रा , सह-अवभयकक हनश्रीफ कको पकड़ धलयप्रा तरप्रा अवभरकप्रा मम वदए गए बयप्रान मम उसनके अपनके पकत हककीम (पप्रारर्थी) वि तश्रीन अन्य व्यवकयगों कके सप्रार वमलकर एक गप्राय कप्रा मप्रासिंस खप्रानके कके धलए उसकको झकोपड़श्री मम कप्रारकर पसूरश्री गप्राय कप्रा मप्रासिंस खप्रा जिप्रानके कप्रा करन वकयप्रा हहै। हनश्रीफ ककी वनशप्रानदकेहश्री पर पकधलस नके एक खकलके स्रप्रान सके एक चप्राकसू बरप्रामद वकयप्रा।
5. पप्रारर्मानप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै।
6. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारर्मानप्रा पत कप्रा वविरकोधि करतके हहए कहप्रा वक सह -अवभयकक हनश्रीफ नके अपनके बयप्रान मम पप्रारर्थी ककी घरनप्रा मम ससिंधलप्ततप्रा कहश्री हहै, हनश्रीफ तरप्रा अन्य तश्रीनगों सह-अवभयककगण कको वनयवमत जिमप्रानत दश्री गई हहै तरप्रा पप्रारर्थी कको अवग्रिम जिमप्रानत नहहीं दश्री जिप्रानश्री चप्रावहए।
7.
उपरकोक तथ्यगों कको दृवष्टिगत रखतके हहए , जिबवक परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा मप्रात शक कके आधिप्रार पर दजिर्मा करप्राई गई हहै ;वविविकेचक नके असिंवकत वकयप्रा हहै वक वनरश्रीकण घरनप्रा स्रल पर यप्रावचकप्राकतप्रार्मा दप्रारप्रा अविहैधि मश्रीर वमलनप्रा बतप्राए जिप्रानके कके अवतररक अन्य ककोई सप्राक्ष्य नहहीं पप्रायप्रा गयप्रा हहै। कधरत मप्रासिंस ककी ककोई जिप्रासिंच नहहीं हहई हहै, धजिससके यह धसद्ध हको वक विह गचौमप्रासिंस रप्रा एविसिं मप्रात सह - अवभयकक हनश्रीफ कके अवभरकप्रा मम वदए गए बयप्रान कके आधिप्रार पर पप्रारर्थी कको आरकोपश्री बनप्रायप्रा गयप्रा हहै , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी इस पकरण मम
अवग्रिम जिमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
8. तदनकसप्रार, अवग्रिम जिमप्रानत पप्रारर्मानप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
9. उपरकोक मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा मम आविकेदक ककी वगरफ्तप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रवत ककी दशप्रा मम , उसके ससिंबसिंधधित रप्रानके कके भप्रारसप्राधिक अधधिकप्रारश्री/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रार व्यवकगत बसिंधि पत एविसिं दको पवतभसू पस्तकत करनके पर परश्रीकण कके असिंवतम रूप सके वनस्तप्रारण तक , वनम्न शतर्दोसिं कके अधिश्रीन अवग्रिम जिमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जिप्राएगप्राग- क- आविकेदक, यवद आविश्यक हकोगप्रा तको पकधलस अधधिकप्रारश्री दप्रारप्रा जिजॉच हकेतक अपकेवकत समय पर उपसस्रत हकोगप्रा। ख- आविकेदक मप्रामलके कके तथ्यगों सके पररवचत वकसश्री व्यवक यप्रा पकधलस अधधिकप्राररयगों कको पत्यक यप्रा परकोक रूप सके ककोई धिमककी , विप्रादप्रा यप्रा पलकोभन नहहीं दकेगप्रा धजिससके वक विह ऐसके तथ्य कको न्यप्रायप्रालय कके समक यप्रा वकसश्री पकधलस अधधिकप्रारश्री कके समक पकर न करनके पर मप्रान जिप्राए। ग- आविकेदक अदप्रालत ककी पसूविर्मा अनकमवत कके वबनप्रा भप्रारत नहहीं छकोड़केगप्रा; घ- आविकेदक कको पत्यकेक वनधिप्रार्माररत वतधर पर रटप्रायल ककोरर्मा कके समक उपसस्रत हकोनप्रा हकोगप्रा, जिब तक वक व्यवकगत उपसस्रवत सके छसू र न दश्री गयश्री हको; ङ- आविकेदक अवभयकोजिन पक कके गविप्राह पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा / धिमककी नहहीं दकेगप्रा। च- आविकेदक वविविकेचनप्रा एविसिं वविचप्रारण कके दचौरप्रान सहयकोग करमगके और जिमप्रानत ककी स्वितसिंततप्रा कप्रा दकरुपयकोग नहहीं करकेगप्रा। Order Date :- 6.8.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench