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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 153928 (ALL)
FAYYAZ AHMED AND 6 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER
A482/6096/2025 · 2025-07-29
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 153928 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:43733 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 6096 of 2025 Applicant :- Fayyaz Ahmed And 6 Others Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- S Malik E Ashtar Rizvi,Mohd Zameer Abbas,Syed Ajaz Haider Rizvi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससैय्यद मधलिक ई अश्तर ररज़विश्री, वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धससिंह चचौहप्रान एविसिं वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री हसश्रीन अब्बप्रास कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलिश्री कप्रा अविलिकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रयप्रा ससिंवहतप्रा कके अन्तगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थीगण नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 236 सन 2007 अन्तगरत धिप्रारप्रा 379, 411, 34 भप्रा०दसिं०ससिं०, रप्रानप्रा वविकप्रास नगर, जनपद लिखनऊ कके अनसुक्रम मम पस्तसुत आरकोप पत वदनप्रासिंवकत 10.04.2008 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर आपरप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 2417 सन 2013 मम वविदप्रान वविचप्रारण न्यप्रायप्रालिय दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 30.07.2008 धजससके उक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलियप्रा एविसिं पप्रारर्थीगण कको वविचप्रारण कके धलिए तलिब वकयप्रा गयप्रा, कके वनरस्तश्रीकरण ककी पप्राररनप्रा इस आधिप्रार पर ककी गई हसै वक पकक्षों कके मध्य समझचौतप्रा हको गयप्रा हसै।
3. पप्रारर्थीगण ससिंख्यप्रा 1 सके 7 तरप्रा वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 कके दप्रारप्रा वनष्पप्रावदत मसूलि ससुलिहनप्रामप्रा पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार ससिंलिग्न हसै धजसमम यह कहप्रा गयप्रा हसै वक परम पक अपनप्रा मसुकदमप्रा ससुलिह समझचौतके कके आधिप्रार पर विप्रापस लिकेकर समप्राप्त करविप्रानप्रा चप्राहतप्रा हसै। परम पक पर वकसश्री भश्री पकप्रार कप्रा ककोई जकोर दबप्रावि नहहीं हसै अपनके स्विस्र मन मसस्तष्क सके खसुशश्री मन सके समझचौतप्रा वकयप्रा हसै। उभयपकक्षों नके खसूब सकोच समझकर वबनप्रा वकसश्री जकोर दबप्रावि रूबरू गविप्राहप्रान अपनके हस्तप्राकर बनप्राकर इस समझचौतप्रा पत कको वनष्पप्रावदत कर वदयप्रा हसै। तप्रावक सनद रहके और विक जरुरत कप्राम आविके।
4. वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 नके एक पवतशपर-पत पस्तसुत करकके पप्राररनप्रा-पत कप्रा समररन वकयप्रा हसै।
5. इस तथ्य कको ध्यप्रान मम रखतके हहए वक पकक्षों कके बश्रीच वविविप्राद व्यवकगत पकक वत कप्रा हसै और सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालिय दप्रारप्रा बश्री.एस.
जकोशश्री एविसिं अन्य बनप्राम हररयप्राणप्रा रप्राज्य एविसिं अन्य (2003) 4 एससश्रीसश्री 675, वनधखलि मचरसिंर बनप्राम सश्रीबश्रीआई एविसिं अन्य (2008) 9 एससश्रीसश्री 677, मनकोज शमप्रार बनप्राम रप्राज्य एविसिं अन्य (2008) 16 एससश्रीसश्री 1, जप्रान धससिंह बनप्राम
पसिंजप्राब स्रकेशन (2010) 15 एससश्रीसश्री 118 और नररसिंदर धससिंह एविसिं अन्य बनप्राम पसिंजप्राब रप्राज्य एविसिं अन्य (2014) 6 एससश्रीसश्री 466 कके पकरणक्षों मम वनधिप्रारररत अनसुपप्रात कके अनसुसप्रार, पकरण कके तथ्यक्षों और पररसस्रवतयक्षों कको दृवष्टिगत रखतके हहए आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री कको रद्द करनप्रा उवचत हकोगप्रा क्यक्षोंवक आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री कको जप्रारश्री रखनप्रा वनरररक हकोगप्रा।
6. तदनसुसप्रार, पप्राररनप्रा पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हसै। परम ससूचनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 236 सन 2007 अन्तगरत धिप्रारप्रा 379, 411, 34 भप्रा०दसिं०ससिं०, रप्रानप्रा वविकप्रास नगर, जनपद लिखनऊ कके अनसुक्रम मम पस्तसुत आरकोप पत वदनप्रासिंवकत 10.04.2008 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर आपरप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 2417 सन 2013 मम वविदप्रान वविचप्रारण न्यप्रायप्रालिय दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 30.07.2008 धजससके उक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलियप्रा एविसिं पप्रारर्थीगण कको वविचप्रारण कके धलिए तलिब वकयप्रा गयप्रा तरप्रा उपरकोक आपरप्राधधिक विप्राद ककी ससिंपसूणर कप्रायरविप्राहश्री पप्रारर्थीगण कके वविरुद्ध वनरस्त ककी जप्रातश्री हसै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 29.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench