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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 153861 (ALL)

MAKSOOD @ MO. MAKSOOD v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER

/849/2025 · 2025-08-05

body2025

Judgment text

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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:45480 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 438 CR.P.C. No. - 849 of 2025 Applicant :- Maksood @ Mo. Maksood Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Arti Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा ससुशश्री आरतश्री शसुक्लप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अभय कसु मप्रार धससिंह कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 438 दसिं०प०ससिं० दप्रारप्रा पस्तसुत पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 109 सन 2018 अन्तररत धिप्रारप्रा 3(1) उ०प० वररकोहबन्द समप्राज वविरकोधिश्री वक्रियप्राकलप्राप (वनविप्रारण) अधधिवनयम रप्रानप्रा कसु ड़विप्रार धजलप्रा ससुल्तप्रानपसुर मम अवग्रिम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै। 3. उपरकोक पकरण एक पसुधलस वनरश्रीक्षक दप्रारप्रा वदनप्रासिंक 19.04.2018 कको पप्रारर्थी तरप्रा एक अन्य नप्रावमत अवभयसुक अरमप्रान कके वविरुद्ध धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके आधिप्रार पर ससिंसस्रत हहआ धजसमम यह कहप्रा रयप्रा हहै वक रश्त कके ददौरप्रान जनतप्रा कके लकोरगों सके पसुधलस वनरश्रीक्षक कको जप्रात हहआ वक अवभयसुकरण नके एक ससिंरवठित आपरप्राधधिक वररकोह बनप्रा रखप्रा हहै। 4. यह वविवचत हहै जब परम ससूचनप्रा ररपकोरर वदनप्रासिंक 19.04.2018 मम पसुधलस वनरश्रीक्षक नके कहप्रा वक उसके उसश्री वदनप्रासिंक कको रश्त कके ददौरप्रान जनतप्रा कके लकोरगों सके पतप्रा चलप्रा वक अवभयसुकरण नके एक आपरप्राधधिक वररकोह बनप्रा रखप्रा हहै और रप्रानप्राध्यक्ष नके रगर चप्रारर वदनप्रासिंक 25.03.2018 कको हश्री तहैयप्रार कर धलयप्रा रप्रा धजसकप्रा अनसुमकोदन वविवभन्न अधधिकप्राररयगों नके वविवभन्न वतधरयगों कको वकयप्रा रयप्रा तरप्रा पसुधलस अधिश्रीक्षक नके वदनप्रासिंक 09.04.2018 कको इसके धजलप्रा मधजस्रटकेर कको पकेवषित कर वदयप्रा रप्रा। 5. रगर चप्रारर मम चप्रार आपरप्राधधिक पकरणगों मम पप्रारर्थी ककी ससिंधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री रयश्री हहै , धजन सभश्री मम उसके जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा आदकेश हको चसुकप्रा हहै। 6. एक पसूरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके 13 अन्य आपरप्राधधिक पकरणगों मम पप्रारर्थी ककी ससिंधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री रयश्री हहै धजन सभश्री मम उसके जमप्रानत वमल चसुककी हहै। 7. उपरकोक तथ्यगों कके दृवष्टिरत न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी अवग्रिम जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै। 8. तद्नसुसप्रार अवग्रिम जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। 9. उपरकोक मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा मम आविकेदक ककी वररफ्तप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय कके समक्ष उपसस्रवत ककी दशप्रा मम , उसके ससिंबसिंधधित रप्रानके कके भप्रारसप्राधिक अधधिकप्रारश्री /न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार व्यवकरत बसिंधि पत एविसिं दको पवतभसू पस्तसुत करनके पर परश्रीक्षण कके असिंवतम रूप सके वनस्तप्रारण तक, वनम्न शतरसिं कके अधिश्रीन अवग्रिम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राएरप्राग- क- आविकेदक, यवद आविश्यक हकोरप्रा तको पसुधलस अधधिकप्रारश्री दप्रारप्रा जजॉच हकेतसु अपकेवक्षत समय पर उपसस्रत हकोरप्रा; ख- आविकेदक मप्रामलके कके तथ्यगों सके पररवचत वकसश्री व्यवक यप्रा पसुधलस अधधिकप्राररयगों कको पत्यक्ष यप्रा परकोक्ष रूप सके ककोई धिमककी , विप्रादप्रा यप्रा पलकोभन नहहीं दकेरप्रा धजससके वक विह ऐसके तथ्य कको न्यप्रायप्रालय कके समक्ष यप्रा वकसश्री पसुधलस अधधिकप्रारश्री कके समक्ष पकर न करनके पर मप्रान जप्राए; र- आविकेदक अदप्रालत ककी पसूविर अनसुमवत कके वबनप्रा भप्रारत नहहीं छकोड़केरप्रा; घ- आविकेदक कको पत्यकेक वनधिप्रारररत वतधर पर रटप्रायल ककोरर कके समक्ष उपसस्रत हकोनप्रा हकोरप्रा, जब तक वक व्यवकरत उपसस्रवत सके छसू र न दश्री रयश्री हको; ङ- आविकेदक अवभयकोजन पक्ष कके रविप्राह पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेरप्रा / धिमककी नहहीं दकेरप्रा; च- आविकेदक वविविकेचनप्रा एविसिं वविचप्रारण कके ददौरप्रान सहयकोर करमरके और जमप्रानत ककी स्वितसिंततप्रा कप्रा दसुरुपयकोर नहहीं करकेरप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 5.8.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench