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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 153852 (ALL)
AWANKIT @ DURGESH SRIVASTAVA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER
/931/2025 · 2025-08-06
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 153852 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:45866 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. ANTICIPATORY BAIL APPLICATION U/S 482 BNSS No. - 931 of 2025 Applicant :- Awankit @ Durgesh Srivastava Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Gyanendra Pathak,Adarsh Kumar Tripathi Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश जप्राननद्र पप्राठक तरप्रा वविदप्रान अवतररिक शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश रिप्राजकेश कक मप्रारि धससिंह कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. भप्रारितशय नप्रागररिक सकरिकप्रा ससिंवहतप्रा ककी धिप्रारिप्रा 482/438 दसिं०प०ससिं० कके असिंतगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारिप्रा पप्रारर्थी नके मककदमप्रा अपरिप्राधि ससिंख्यप्रा 0098 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारिप्रा 420 भप्रा०द०ववि०, रप्रानप्रा ककोतविप्रालश नगरि, धजलप्रा बहरिप्राइच, मन अवग्रिम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. उपरिकोक पकरिण वविपकश ससिंख्यप्रा दप्रारिप्रा वदनप्रासिंक 19/05/2025 कको धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररिपकोरर कके आधिप्रारि परि ससिंसस्रत हहआ, धजसमन कहप्रा गयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतर्थी नके पप्रारर्थी कको दको वकस्ततों मन ₹ 4,00,000 वि ₹2,50,000 सप्राविधधि जमप्रा औरि अन्य यकोजनप्राओसिं मन वनविकेश करिनके हकेतक नगद सनन् 2022 मन वदयप्रा रप्रा, वकसिं तक पप्रारर्थी नके यह पहैसप्रा कहहीं जमप्रा नहहीं वकयप्रा। परम ससूचनप्रा ररिपकोरर मन यह भश कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी नके मल्रश स्रकेर एग्रिको कको -ऑपरिकेवरवि सकोसप्राइरश धलवमरकेड ककी एक सप्राविधधि जमप्रा रिसशद ₹4,00,000 ककी दश हहै तरप्रा बसिंधिन बबक मन एक खप्रातप्रा खकोलकरि महशनके दरि महशनके कक छ पहैसके डप्रालन हहै। पप्रारर्थी नके वशकप्रायतकतर्थी कको दको चकेक वदए रके , जको बबक मन जमप्रा करिनके परि अनप्रादररित
हको गए। परम ससूचनप्रा ररिपकोरर मन, वशकप्रायतकतर्थी नके अपनप्रा सप्रारिप्रा पहैसप्रा कवतपसूवतर सवहत वदलप्रानके कप्रा अनकरिकोधि वकयप्रा हहै।
4. पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तकत शपर पत मन कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै तरप्रा उसकप्रा ककोई आपरिप्राधधिक इवतहप्रास नहहीं हहै। वविदप्रान अपरि शप्रासककीय अधधिविकप्रा दप्रारिप्रा एक अन्य आपरिप्राधधिक पकरिण ककी ससिंधलप्ततप्रा दशप्रारए जप्रानके परि, पप्रारर्थी नके एक पसूरिक शपर पत पस्तकत वकयप्रा , धजसमन कहप्रा हहै वक पप्रारर्थी कको उस दसूसरिके पकरिण मन वदनप्रासिंक 29/10/2024 कको मकख्य न्यप्रावयक मधजस्रटकेर बहरिप्राइच दप्रारिप्रा जमप्रानत परि ररिहप्रा वकयप्रा जप्रा चककप्रा हहै।
5. वविदप्रान अपरि शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके जमप्रानत पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरिकोधि वकयप्रा, वकन्तक विह पकरिण कके उपरिकोक वबन्दकओसिं परि तकर नहहीं करि सकके ।
6.
उपरिकोक तथ्यतों कको दृवष्टिगत रिखतके हहए , यद्यवप परम ससूचनप्रा ररिपकोरर एक कसिं पनश मन वकए गए वनविकेवशत धिनरिप्रावश कप्रा लप्राभ न वमलनके कके कप्रारिण पस्तकत ककी गई हहै तरप्रा वशकप्रायतकतप्रार नके यह स्विशकप्रारि वकयप्रा हहै वक उसकको पप्रारर्थी नके एक कसिं पनश ककी सप्राविधधि जमप्रा रिसशद दश रश, तरप्रा यह भश कहप्रा हहै वक उसकको दको चकेक वदए गए रके, जको बबक नके अनप्रादररित करि वदए तरप्रा ऐसप्रा ककोई करन नहहीं हहै वक वशकप्रायतकतर्थी नके धिप्रारिप्रा 138 धलखत परिकप्राम्य अधधिवनयम कके असिंतगरत ककोई पररिविप्राद पस्तकत वकयप्रा एविसिं ऐसप्रा करन भश नहहीं हहै वक पप्रारर्थी उक कसिं पनश मन वनदकेशक अरविप्रा ककोई अन्य पमकख पद धिप्रारिक रप्रा, न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी अवग्रिम जमप्रानत पप्रानके कप्रा अधधिकप्रारिश हहै।
7. तदनकसप्रारि, अवग्रिम जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विशकप्रारि वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
8. उपरिकोक मककदमप्रा अपरिप्राधि ससिंख्यप्रा मन आविकेदक ककी वगरिफ्तप्रारिश/न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रवत ककी दशप्रा मन , उसके ससिंबसिंधधित रप्रानके कके भप्रारिसप्राधिक अधधिकप्रारिश/न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतकवष्टि कके अनकसप्रारि व्यवकगत बसिंधि पत एविसिं दको पवतभसू पस्तकत करिनके परि परिशकण कके असिंवतम रूप सके वनस्तप्रारिण तक, वनम्न शतर्दोसिं कके अधिशन अवग्रिम जमप्रानत परि ररिहप्रा वकयप्रा जप्राएगप्राग- क- आविकेदक, यवद आविश्यक हकोगप्रा तको पकधलस अधधिकप्रारिश दप्रारिप्रा जजॉच हकेतक
अपकेवकत समय परि उपसस्रत हकोगप्रा। ख- आविकेदक मप्रामलके कके तथ्यतों सके पररिवचत वकसश व्यवक यप्रा पकधलस अधधिकप्राररियतों कको पत्यक यप्रा परिकोक रूप सके ककोई धिमककी , विप्रादप्रा यप्रा पलकोभन नहहीं दकेगप्रा धजससके वक विह ऐसके तथ्य कको न्यप्रायप्रालय कके समक यप्रा वकसश पकधलस अधधिकप्रारिश कके समक पकर न करिनके परि मप्रान जप्राए। ग- आविकेदक अदप्रालत ककी पसूविर अनकमवत कके वबनप्रा भप्रारित नहहीं छकोडकेगप्रा; घ- आविकेदक कको पत्यकेक वनधिप्रारररित वतधर परि रटप्रायल ककोरर कके समक उपसस्रत हकोनप्रा हकोगप्रा, जब तक वक व्यवकगत उपसस्रवत सके छसू र न दश गयश हको; ङ- आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राह परि दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा / धिमककी नहहीं दकेगप्रा। च- आविकेदक वविविकेचनप्रा एविसिं वविचप्रारिण कके ददौरिप्रान सहयकोग करिनगके औरि जमप्रानत ककी स्वितसिंततप्रा कप्रा दकरुपयकोग नहहीं करिकेगप्रा। Order Date :- 6.8.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench