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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 153779 (ALL)
RUKHSAR AHMAD SHAH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.
/7156/2025 · 2025-08-05
body2025
[ 2025 DAILYLAW 153779 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:45509 Court No. - 13 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 7156 of 2025 Applicant :- Rukhsar Ahmad Shah Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Salman Abbas,Shahnaz Bano,Syd Shaheen Fatma,Syed Waqar Husain,Vijay Vikram Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री सलमप्रान अब्बप्रास तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धससिंह चचौहप्रान कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 भप्रारतश्रीय नप्रागररक ससुरकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मसुकदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 1072 सन 2017 अन्तगरत धिप्रारप्रा 420, 406, 467, 468, 471, 506 भप्रा०दसिं०ससिं० रप्रानप्रा गप्राजश्रीपसुर धजलप्रा लखनऊ मम जमप्रानत ककी पप्राररनप्रा ककी हहै।
3. उपरकोक पकरण वदनप्रासिंक 13.12.2017 कको पप्रारर्थी सवहत 6 व्यवकययों कके वविरुद धलखप्राई गई परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके आधिप्रार ससिंसस्रत हहआ धजसमम वशकप्रायतकतर्थी नके कहप्रा वक पप्रारर्थी ककी उम्मश्रीद रटकेवडसिंग कसिं पनश्री मम उसनके अच्छके लप्राभ कके लप्रालच मम तकेरह लप्राख रुपयप्रा अपनप्रा वनविकेवशत वकयप्रा तरप्रा अन्य अनकेक लकोगयों कप्रा रुपयप्रा वनविकेवशत वकयप्रा। कसिं पनश्री मम वनविकेवशत कसु ल धिनरप्रावश 6 करकोड़ 27 लप्राख रुपयके हह धजसके अवभयसुकगण नके हड़प धलयप्रा हहै। परम ससूचनप्रा ररपकोरर मम यह भश्री अनसुरकोधि वकयप्रा हहै वक उसकप्रा तरप्रा उसकके पररविप्रार विप्रालयों / वमतयों कप्रा 6 करकोड़ 27 लप्राख रुपयप्रा विप्रापस वदलविप्रायप्रा जप्राय।
4. परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके करनयों सके पतश्रीत हकोतप्रा हहै वक परम ससूचनप्रा ररपकोरर मप्रात एक कसिं पनश्री मम वनविकेवशत धिन ककी विससूलश्री कके धलए पस्तसुत ककी गयश्री हहै।
5. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार पस्तसुत शपर-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वनदर्दोष हहै। पप्राररनप्रा - पत कके पस्तर 20 मम समप्रान पकक वत कके 30 अन्य आपरप्राधधिक पकरणयों मम पप्रारर्थी ककी ससिंधलप्ततप्रा दशप्रारयश्री गयश्री हहै, धजसमम धिप्रारप्रा 138 परक्रप्राम्य धलखत अधधिवनयम कके 4 मसुकदमम ससम्मधलत हह धजनमम पप्रारर्थी दकोषमसुक हको चसुकप्रा हहै।
6. पप्रारर्थी ककी पत्नश्री सह-अवभयसुक वफिरदचौस कको इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत ससिंख्यप्रा 10546 सन 2023 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 10.05.2024 दप्रारप्रा जमप्रानत वमल चसुककी हहै तरप्रा एक अन्य अवभयसुक विसश्री रजप्रा कको सत न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा वदनप्रासिंक
10.09.2021 कको जमप्रानत पदप्रान ककी जप्रा चसुककी हहै।
7. उपरकोक तथ्ययों कको दृवष्टिगत रखतके हहए , न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हहै वक पप्रारर्थी भश्री जमप्रानत पर ररहप्रा वकयके जप्रानके कप्रा अधधिकप्रारश्री हहै।
8. तद्नसुसप्रार, जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै।
9.
आविकेदक कको वनम्नधलधखत शतर्दोसिं कके अधिश्रीन ससिंबसिंधधित मधजस्रटकेर / न्यप्रायप्रालय ककी ससिंतसुवष्टि कके अनसुसप्रार एक व्यवकगत बसिंधिपत और समप्रान रप्रावश ककी दको जमप्रानतम पस्तसुत करनके पर उपरकोक मप्रामलके मम जमप्रानत पर ररहप्रा वकयप्रा जप्राए: - (i) आविकेदक अवभयकोजन सप्राक्ष्य कके सप्रार छकेड़छप्राड़ नहहीं करकेगप्रा; (ii) आविकेदक अवभयकोजन पक कके गविप्राहयों पर दबप्रावि नहहीं डप्रालकेगप्रा; (iii) आविकेदक रटप्रायल ककोरर दप्रारप्रा तय ककी गई पत्यकेक तप्रारश्रीख पर उपसस्रत हकोगप्रा। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 5.8.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench