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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 153639 (ALL)
ANOOP KUMAR SINGH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER
A482/6093/2025 · 2025-07-29
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 153639 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:43690 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 6093 of 2025 Applicant :- Anoop Kumar Singh Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Nisha Srivastava Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्रीमतश्री वनशप्रा शश्रीविप्रास्तवि तरप्रा वविदप्रान अवतररिक शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धससिंह चचौहप्रान कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारिप्रा 482 दण्ड पवक्रयप्रा ससिंवहतप्रा कके अन्तररत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारिप्रा पप्रारर्थी नके परम ससूचनप्रा ररिपकोरर ससिंख्यप्रा 0321 सन 2022 अन्तररत धिप्रारिप्रा 419, 420 भप्रा०दसिं०ससिं० रप्रानप्रा मकोहम्मदपसुरि खप्रालप्रा जनपद बप्रारिप्राबसिंककी कके अनसुक्रम मम पस्तसुत आरिकोप पत ससिंख्यप्रा 01 सन 2022 वदनप्रासिंक 16.09.2022 तरप्रा उसकके आधिप्रारि परि वविदप्रान धसवविल जज (सश्री०वड०) एफ०रश्री०सश्री०, कक्ष ससिंख्यप्रा 38, बप्रारिप्राबसिंककी दप्रारिप्रा आपरिप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 21065 सन 2024 मम पप्राररित आदकेश वदनप्रासिंक 16.11.2023 धजसकके दप्रारिप्रा उपरिकोक अपरिप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा तरप्रा पप्रारर्थी कको वविचप्रारिण हकेतसु तलब वकयप्रा , ककी विवैधितप्रा कको चसुनचौतश्री दश्री रयश्री हवै।
3. वविदप्रान अवतररिक शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके उपरिकोक पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरिकोधि इस आधिप्रारि परि वकयप्रा हवै वक धिप्रारिप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत क्षकेतप्राधधिकप्रारि कप्रा उपयकोर करितके हहए न्यप्रायप्रालय पप्रारर्थी परि लरप्रायके रयके आरिकोपपों ककी सत्यतप्रा कको नहहीं दकेख सकतश्री हवै। न्यप्रायप्रालय कको कके विल यह दकेखनप्रा हवै वक पतप्राविलश्री परि उपलब्धि पपतपों तरप्रा जप्रासिंच मम ससिंकधलत सप्राक्ष्यपों कके आधिप्रारि परि पप्रारर्थी कके वविरुद्ध परम दृष्टयप्रा अपरिप्राधि बनतप्रा हवै यप्रा नहहीं।
4. उपरिकोक आदकेश ककी विवैधितप्रा कको चसुनचौतश्री इस आधिप्रारि परि दश्री रयश्री हवै वक पप्रारर्थी कके वविरुद्ध लरप्रायके रयके आरिकोप असत्य हह। मप्राननश्रीय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय कके वनणरय कम दश्रीय जप्रासिंच ब्यसूरिको बनप्राम आयरन धससिंह आवद, 2023 एससश्रीसश्री ऑनलप्राइन एससश्री 379 मम अविधिप्राररित हवै वक धिप्रारिप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत शवकयपों कप्रा उपयकोर करितके हहए न्यप्रायप्रालय कको लघसु वविचप्रारिण (वमनश्री रटप्रायल) करिनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हवै। इसमम अवभयकोजन / जप्रासिंच एजमसश्री कको आरिकोपपों कको सप्रावबत करिनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हवै। दसिं०प०ससिं० ककी धिप्रारिप्रा 482 कके असिंतररत शवकयपों कप्रा उपयकोर करितके समय न्यप्रायप्रालय कके पप्रास बहहत सश्रीवमत अधधिकप्रारि क्षकेत हवै औरि मप्रात यह वविचप्रारि करिनके ककी आविश्यकतप्रा हवै वक "क्यप्रा आरिकोपश्री कके वविरुद्ध आरके बढ़नके कके धलए ककोई पयप्रारप्त सप्रामगश्री उपलब्धि हवै , धजसकके धलए आरिकोपश्री परि मसुकदमप्रा चलप्रानके ककी आविश्यकतप्रा हवै यप्रा नहहीं"।
5.
यह पप्राररनप्रा-पत इस वनदरश कके सप्रार वनस्तप्राररित वकयप्रा जप्रातप्रा हवै वक यवद पप्रारर्थी वविचप्रारिण न्यप्रायलय कके समक्ष उपसस्रत हकोकरि जमप्रानत परि ररिहप्राई हकेतसु पप्राररनप्रा पत दकेतप्रा हवै तको उसके मप्राननश्रीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय दप्रारिप्रा सतमदरि कसु मप्रारि असिंवतल बनप्राम सश्री.बश्री.आई., (2021) 10 एससश्रीसश्री 773 मम अविधिप्राररित वविधधिक धसद्धप्रासिंतपों कके आलकोक मम शश्रीघ्रतप्रापसूविरक वनणर्थीत वकयप्रा जप्रायकेरप्रा।
6. पप्राररनप्रा-पत तद्नसुसप्रारि वनस्तप्राररित वकयप्रा जप्रातप्रा हवै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 29.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench