Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 153567 (ALL)
FURKAN v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER
A482/6017/2025 · 2025-07-31
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 153567 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 153567 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:44376 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 6017 of 2025 Applicant :- Furkan Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Rohitash Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1 पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ररोवहितप्रास कक मप्रार धससिंहि तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा करो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलरोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससिंवहितप्रा कके असिंतररत पस्तकत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके त्विररत न्यप्रायप्रालय परम, रप्रायबरकेलश्री दप्रारप्रा विप्राद ससिंख्यप्रा 69 सन 2019 असिंतररत धिप्रारप्रा 8/ 18/ 22 स्विप्रापक औषधधि और मननःपभप्राविश्री पदप्रारर अधधिवनयम रप्रानप्रा मरोहिनरसिंज जनपद रप्रायबरकेलश्री मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 08.05.2025 ककी विवैधितप्रा करो चकननौतश्री दश्री हिवै, धजसकके दप्रारप्रा पप्रारर्थी कके वविरुद्ध रवैर जमप्रानतश्री अधधिपत वनररत हिहआ।
3. उपररोक आदकेश ककी विवैधितप्रा करो चकननौतश्री दकेतके हिहए पप्राररनप्रा -पत मम यहि कहिप्रा रयप्रा हिवै वक पप्रारर्थी एक अन्य मककदमप्रा अपरप्राधि ससिंख्यप्रा 94 सन 2025 असिंतररत धिप्रारप्रा 3 / 5 / 8 रनौ हित्यप्रा वनविप्रारण अधधिवनयम तरप्रा धिप्रारप्रा 11 पशकओसिं कके पवत क्रिक रतप्रा कप्रा वनविप्रारण अधधिवनयम मम वदनप्रासिंक 10.04.2025 सके न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम रप्रा तरप्रा उक पकरण मम इस न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा जमप्रानत पप्राररनप्रा-पत ससिंख्यप्रा 4415 सन 2025 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 21.05.2025 दप्रारप्रा उसके जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयके जप्रानके कप्रा आदकेश हिहआ। उपररोक कप्रारण सके पप्रारर्थी वदनप्रासिंक 08.05.2025 करो वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रत नहिहीं हिरो पप्रायप्रा।
4. एक पकरक शपर-पत कके मप्राध्यम सके पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके यहि करन वकयप्रा हिवै वक विहि वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रत हिरोकर वविचप्रारण मम पकणर सहियरोर करकेरप्रा।
5. न्यप्रायप्रालय कप्रा मत हिवै वक जब पप्रारर्थी एक अन्य पकरण मम वदनप्रासिंक 08.05.2025 करो न्यप्रावयक अवभरकप्रा मम रप्रा , तरो ऐसश्री पररसस्रवत मम उसकके वविरुद्ध वनररत रवैर जमप्रानतश्री अधधिपत करो विप्रापस धलए जप्रानके कप्रा पयप्रारप्त आधिप्रार हिवै , वकन्तक उसके यहि पप्राररनप्रा वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक हिश्री करनश्री चप्रावहिए।
6. तद्नकसप्रार, यहि पप्राररनप्रा-पत इस वनदरश कके सप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हिवै वक
उपररोक समस्त तथ्ययों करो ध्यप्रान मम रखतके हिहए पप्रारर्थी वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कके समक अपनके वविरुद्ध वनररत रवैर जमप्रानतश्री अधधिपत करो वनरस्त वकयके जप्रानके हिकेतक पप्राररनप्रा -पत पस्तकत करकेरप्रा धजसके वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय इस आदकेश मम ककी रयश्री वटिप्पवणययों करो ध्यप्रान मम रखतके हिहए वनस्तप्राररत करकेरश्री। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 31.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench