Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 152788 (ALL)
Mohd. Shafiq v. State of U.P. THRU PRINCIPAL SEC. HOME AND ANOTHER
A482/5824/2025 · 2025-07-23
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 152788 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 152788 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:42399 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5824 of 2025 Applicant :- Mohd. Shafiq Opposite Party :- State Of U.P. Thru Principal Sec. Home And Another Counsel for Applicant :- Angrej Nath Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश अंगकेज नप्रार शशुक्लप्रा तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश हअंसरप्राज विरप्रार्मा कको सशुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा सअंवहतप्रा कके अन्तरर्मात पस्तशुत इस पप्रारर्मानप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके परर ससूचनप्रा ररपकोरर्मा सअंख्यप्रा 173 सन 2022, अन्तरर्मात धिप्रारप्रा 427, 504, 506, 352 भप्रा०दअं०सअं० रप्रानप्रा पसूरप्राकलन्दर, जनपद अयकोध्यप्रा, कके अनशुक्रिर रम वविदप्रान अवतररक रशुख्य न्यप्रावयक रधजस्रटकेर, अयकोध्यप्रा/फफै जप्राबप्राद कके सरक आरकोप पत तरप्रा सअंजप्रान आदकेश वदनप्राअंक 22.08.2023 कके आधिप्रार पर उत्पन्न विप्राद सअंख्यप्रा 3069/2023, कके वनरस्तशकरण ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हफै।
3. उपरकोक पकरण वविपकश सअंख्यप्रा 2 दप्रारप्रा वदनप्राअंक 20.04.2022 कको धलखप्राई रई परर ससूचनप्रा ररपकोरर्मा कके आधिप्रार पर सअंसस्रत हहआ , धजसरम वविपकश सअंख्यप्रा 2 नके कहप्रा वक वशकप्रायतकतप्रार्मा नके सअंदशप कशु रप्रार धसअंह एविअं वदव्यप्राअंशसू धसअंह कके सप्रार वरलकर वदनप्राअंक 07.10.2020 तरप्रा वदनप्राअंक 19.10.2020 कको रप्रारप्रा सअंख्यप्रा 368 ककेतफल 0.708 हकेक्रकेयर एविअं उसश रप्रारके कप्रा अन्य अंश ककेतफल 0.708 हकेक्रकेयर रकोहरर्मार अलश तरप्रा उनकके भप्राई रकोहम्रद रजशद सके क्रिय वकयप्रा रप्रा। वविक्रिके तप्रारण कके तशसरके भप्राई रकोहम्रद शफकीक (पप्रारर्थी) दप्रारप्रा उपधजलप्राधधिकप्रारश कके यहप्राअं अंश वनधिप्रार्मारण कप्रा रशुकदरप्रा वकयप्रा रयप्रा और उपधजलप्राधधिकप्रारश नके दकोननों पकनों कको यरप्रासस्रवत बनप्राए रखनके कप्रा आदकेश वदयप्रा। पप्रारर्थी नके उक आदकेश कप्रा पप्रालन नहहीं वकयप्रा एविअं वशकप्रायतकतप्रार्मा दप्रारप्रा क्रिय ककी रई जरशन पर लरश हहई सरसनों ककी फसल कको वदनप्राअंक 18.04.2022 ककी सशुबह कशु छ व्यवकयनों कके सप्रार वरलकर चकोरश सके कप्रार लश एविअं उठप्रा लश तरप्रा खकेत कको रटफैक्रर सके जशुतविप्राकर स्रप्रावपत वपलर आवद कको तकोड़कर कप्राफकी नशुकसप्रान कर वदयप्रा।
4. वविविकेचनप्रा कके उपरप्राअंत वविविकेचक नके वदनप्राअंक 23.09.2022 कको पप्रारर्थी कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 427, 504, 506, 352 भप्रा०दअं०सअं० कके अपरप्राधि कके धलए आरकोप पत पस्तशुत वकयप्रा एविअं वदनप्राअंक 22.08.2023 कको वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके अपरप्राधि कप्रा सअंजप्रान धलयप्रा।
5.
आरकोप पत तरप्रा आपरप्राधधिक कप्रायर्माविप्राहश ककी विफैधितप्रा कको चशुननौतश दकेतके हहए पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके तकर्मा वदयप्रा वक परर ससूचनप्रा ररपकोरर्मा सके यह स्पष्ट हफै वक पकनों कके रध्य सम्पधत्ति कप्रा वविविप्राद हफै, धजसकके सअंबअंधि रम उपधजलप्राधधिकप्रारश नके यरप्रासस्रवत कप्रा आदकेश पप्राररत वकयप्रा हहआ हफै। पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके तकर्मा वदयप्रा वक वशकप्रायतकतप्रार्मा नके स्वियअं हश उपधजलप्राधधिकप्रारश कके आदकेश कप्रा उलअंघन वकयप्रा एविअं पप्रारर्थी कके वहस्सके ककी जरशन जकोत लश एविअं सशरप्राअंकन कके खअंबनों कको नशुकसप्रान पहहहुँचप्रायप्रा। उन्हनोंनके यह भश कहप्रा वक इस सअंबअंधि रम पप्रारर्थी नके पशुधलस हकेल्पलप्राइन कके नम्बर 112 पर ककॉल करकके एक वशकप्रायत ककी, वकन्तशु पप्रारर्थी ककी परर ससूचनप्रा ररपकोरर्मा दजर्मा नहहीं ककी रई। पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके ऐसप्रा ककोई तकर्मा नहहीं वकयप्रा वक पप्रारर्थी ककी तरफ सके धिप्रारप्रा 173 बश०एन०एस०एस० कके अन्तरर्मात ककोई पप्रारर्मानप्रा पत पस्तशुत वकयप्रा रयप्रा हफै।
6. परर ससूचनप्रा ररपकोरर्मा रम कहके रए करननों एविअं वविविकेचक दप्रारप्रा सअंकधलत सप्रारगश सके परर -दृष्टयप्रा पप्रारर्थी दप्रारप्रा सअंजकेय अपरप्राधि कप्राररत करनप्रा पररलवकत हकोतप्रा हफै। परर ससूचनप्रा ररपकोरर्मा दशविप्रानश पकक वत कके विप्राद कके सअंबअंधि रम नहहीं हफै, वकन्तशु परर ससूचनप्रा ररपकोरर्मा सके यह पतशत हकोतप्रा हफै वक पकनों कके रध्य सम्पधत्ति वविविप्राद हकोनके कके कप्रारण एक सअंजकेय अपरप्राधि कको कप्राररत वकयप्रा रयप्रा हफै। ऐसश पररसस्रवत रम जबवक सम्पधत्ति वविविप्राद आपरप्राधधिक कक त्य कप्रा कप्रारण बनप्रा हफै तरप्रा सम्पधत्ति वविविप्राद कके सअंबअंधि रम परर ससूचनप्रा ररपकोरर्मा अंवकत नहहीं ककी रई हफै, आपरप्राधधिक कप्रायर्माविप्राहश कके वनरस्तशकरण कप्रा ककोई आधिप्रार नहहीं हफै।
7. उपरकोक सरशकप्रा कके आलकोक रम न्यप्रायप्रालय कप्रा यह रत हफै वक आरकोप पत तरप्रा सअंजप्रान एविअं तलबश आदकेश रम ककोई तशुवर अरविप्रा अविफैधिप्रावनकतप्रा नहहीं हफै।
8. पप्रारर्मानप्रा पत बलहशन हफै, तदनशुसप्रार, वनरस्त वकयप्रा जप्रातप्रा हफै। Order Date :- 23.7.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench