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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 152661 (ALL)
VIVEK KUMAR SINGH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER
A482/6104/2025 · 2025-07-29
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 152661 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:43546 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 6104 of 2025 Applicant :- Vivek Kumar Singh Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Sandeep Kumar Pandey,Shitla Prasad Tiwari Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससंदश्रीप कक मप्रार पप्राण्डकेय तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री ममो० आधसफ खप्रान कमो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलमोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससंवहितप्रा कके अन्तररत पस्तकत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थीरण नके परम ससूचनप्रा ररपमोरर ससंख्यप्रा 0165 सन 2023 अन्तररत धिप्रारप्रा 506, 304-A भप्रा०दसं०ससं० रप्रानप्रा आलमबप्रार जनपद लखनऊ कके अनकक्रिम मम पस्तकत आरमोप पत ससंख्यप्रा 01 सन 2023 वदनप्रासंक 24.08.2023 तरप्रा उसकके आधिप्रार पर वविदप्रान न्यप्रावयक मधजस्रटकेर ततृतश्रीय, लखनऊ दप्रारप्रा आपरप्राधधिक विप्राद ससंख्यप्रा 57458 सन 2024 मम पप्राररत आदकेश वदनप्रासंक 10.05.2024 धजसकके दप्रारप्रा उपरमोक अपरप्राधि कप्रा ससंजप्रान धलयप्रा तरप्रा पप्रारर्थी कमो वविचप्रारण हिकेतक तलब वकयप्रा, ककी विवैधितप्रा कमो चकननौतश्री दश्री रयश्री हिवै।
3. वविदप्रान अवतररक शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके उपरमोक पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरमोधि इस आधिप्रार पर वकयप्रा हिवै वक धिप्रारप्रा 482 दसं०प०ससं० कके असंतररत ककेतप्राधधिकप्रार कप्रा उपयमोर करतके हिहए न्यप्रायप्रालय पप्रारर्थी पर लरप्रायके रयके आरमोपपों ककी सत्यतप्रा कमो नहिहीं दकेख सकतश्री हिवै। न्यप्रायप्रालय कमो कके विल यहि दकेखनप्रा हिवै वक पतप्राविलश्री पर उपलब्धि पपतपों तरप्रा जप्रासंच मम ससंकधलत सप्राक्ष्यपों कके आधिप्रार पर पप्रारर्थी कके वविरुद्ध परम दृष्टयप्रा अपरप्राधि बनतप्रा हिवै यप्रा नहिहीं।
4. उपरमोक आदकेश ककी विवैधितप्रा कमो चकननौतश्री इस आधिप्रार पर दश्री रयश्री हिवै वक पप्रारर्थी कके वविरुद्ध लरप्रायके रयके आरमोप असत्य हिह। मप्राननश्रीय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय कके वनणरय कम दश्रीय जप्रासंच ब्यसूरमो बनप्राम आयरन धससंहि आवद, 2023 एससश्रीसश्री ऑनलप्राइन एससश्री 379 मम अविधिप्राररत हिवै वक धिप्रारप्रा 482 दसं०प०ससं० कके असंतररत शवकयपों कप्रा उपयमोर करतके हिहए न्यप्रायप्रालय कमो लघक वविचप्रारण (वमनश्री रटप्रायल) करनके ककी आविश्यकतप्रा नहिहीं हिवै। इसमम अवभयमोजन / जप्रासंच एजमसश्री कमो आरमोपपों कमो सप्रावबत करनके ककी आविश्यकतप्रा नहिहीं हिवै। दसं०प०ससं० ककी धिप्रारप्रा 482 कके असंतररत शवकयपों कप्रा उपयमोर करतके समय न्यप्रायप्रालय कके पप्रास बहिहत सश्रीवमत अधधिकप्रार ककेत हिवै और मप्रात यहि वविचप्रार करनके ककी आविश्यकतप्रा हिवै वक "क्यप्रा आरमोपश्री कके वविरुद्ध आरके बढ़नके
कके धलए कमोई पयप्रारप्त सप्रामगश्री उपलब्धि हिवै , धजसकके धलए आरमोपश्री पर मककदमप्रा चलप्रानके ककी आविश्यकतप्रा हिवै यप्रा नहिहीं"।
5.
यहि पप्राररनप्रा-पत इस वनदरश कके सप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हिवै वक यवद पप्रारर्थी वविचप्रारण न्यप्रायलय कके समक उपसस्रत हिमोकर जमप्रानत पर ररहिप्राई हिकेतक पप्राररनप्रा पत दकेतप्रा हिवै तमो उसके मप्राननश्रीय उच्चतम न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा सतमदर कक मप्रार असंवतल बनप्राम सश्री.बश्री.आई., (2021) 10 एससश्रीसश्री 773 मम अविधिप्राररत वविधधिक धसद्धप्रासंतपों कके आलमोक मम शश्रीघ्रतप्रापसूविरक वनणर्थीत वकयप्रा जप्रायकेरप्रा।
6. पप्राररनप्रा-पत तद्नकसप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हिवै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 29.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench