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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 152625 (ALL)

RAM NAJAR SINGH AND ANOTHER v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 2 OTHERS

A482/6098/2025 · 2025-07-29

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:43741 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 6098 of 2025 Applicant :- Ram Najar Singh And Another Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 2 Others Counsel for Applicant :- Sachin Verma Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री सवचिन विरप्रार, वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री वदिविप्राकर धससिंह एविसिं वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 और 3 कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री पविश्रीण कक रप्रार पप्राण्डकेय कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 482 दिण्ड पवक्रियप्रा ससिंवहतप्रा कके अन्तगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थीगण नके परर ससूचिनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 98 सन 2006 अन्तगरत धिप्रारप्रा 452, 325, 323, 504, 506 भप्रा०दिसिं०ससिं०, रप्रानप्रा सरकेनश्री, जनपदि रप्रायबरकेलश्री कके अनकक्रिर रम पस्तकत आरकोप पत ससिंख्यप्रा 52 सन 2006 वदिनप्रासिंवकत 21.06.2006 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर वविशकेष सत परश्रीकण ससिंख्यप्रा 250 सन 2021, जको वक वविदप्रान वदतश्रीय अपर धजलप्रा एविसिं सत न्यप्रायप्राधिश्रीश कके न्यप्रायप्रालय रम लसिंवबत हह, कके वनरस्तश्रीकरण ककी पप्राररनप्रा इस आधिप्रार पर ककी गई हह वक पकक्षों कके रध्य सरझझौतप्रा हको गयप्रा हह। 3. पप्रारर्थी ससिंख्यप्रा 1 वि 2 तरप्रा वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 सके 3 कके दप्रारप्रा वनष्पप्रावदित रसूल सकलहनप्रारप्रा पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार ससिंलग्न हह धजसरम यह कहप्रा गयप्रा हह वक उभयपक अब भवविष्य रम वकसश्री भश्री विप्रादि वविविप्रादि सके अपनके कको दिसूर रखमगके एविसिं सझौहप्रादिरपसूणर एक दिसूसरके कप्रा सम्रप्रान करमगके। परर पक खसूब भलश्रीभप्रासिंवत सकोचि सरझकर वबनप्रा जकोर दिबप्रावि कके उपरकोक रककदिरप्रा कको विप्रापस लकेतके हहए उपरकोक रककदिरम कको सरप्राप्त कर दिमगके। उभयपक रप्राननश्रीय न्यप्रायप्रालय कके सरक तस्दिश्रीक करतके हह वक भवविष्य रम आपसश्री ककोई विप्रादि-वविविप्रादि नहहीं करमगके। 4. वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 और 3 नके एक पवतशपर-पत पस्तकत करकके पप्राररनप्रा-पत कप्रा सरररन वकयप्रा हह। 5. इस तथ्य कको ध्यप्रान रम रखतके हहए वक पकक्षों कके बश्रीचि वविविप्रादि व्यवकगत पकक वत कप्रा हह और सविर्वोच्चि न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा बश्री.एस. जकोशश्री एविसिं अन्य बनप्रार हररयप्राणप्रा रप्राज्य एविसिं अन्य (2003) 4 एससश्रीसश्री 675, वनधखल रचिरसिंर बनप्रार सश्रीबश्रीआई एविसिं अन्य (2008) 9 एससश्रीसश्री 677, रनकोज शरप्रार बनप्रार रप्राज्य एविसिं अन्य (2008) 16 एससश्रीसश्री 1, जप्रान धससिंह बनप्रार पसिंजप्राब स्रकेशन (2010) 15 एससश्रीसश्री 118 और नररसिंदिर धससिंह एविसिं अन्य बनप्रार पसिंजप्राब रप्राज्य एविसिं अन्य (2014) 6 एससश्रीसश्री 466 कके पकरणक्षों रम वनधिप्रारररत अनकपप्रात कके अनकसप्रार , पकरण कके तथ्यक्षों एविसिं पररसस्रवतयक्षों कको दृवष्टिगत रखतके हहए आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री कको रद्द करनप्रा उवचित हकोगप्रा क्यक्षोंवक आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री कको जप्रारश्री रखनप्रा वनरररक हकोगप्रा। 6. तदिनकसप्रार, पप्राररनप्रा पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हह। परर ससूचिनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 98 सन 2006 अन्तगरत धिप्रारप्रा 452, 325, 323, 504, 506 भप्रा०दिसिं०ससिं०, रप्रानप्रा सरकेनश्री, जनपदि रप्रायबरकेलश्री कके अनकक्रिर रम पस्तकत आरकोप पत ससिंख्यप्रा 52 सन 2006 वदिनप्रासिंवकत 21.06.2006 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर वविशकेष सत परश्रीकण ससिंख्यप्रा 250 सन 2021, जको वक वविदप्रान वदतश्रीय अपर धजलप्रा एविसिं सत न्यप्रायप्राधिश्रीश कके न्यप्रायप्रालय रम लसिंवबत हह तरप्रा उपरकोक आपरप्राधधिक विप्रादि ककी ससिंपसूणर कप्रायरविप्राहश्री पप्रारर्थीगण कके वविरुद्ध वनरस्त ककी जप्रातश्री हह। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 29.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench