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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 151969 (ALL)

SUMAN SRIVASTAVA v. STATE OF U.P. THRU. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER

A482/5770/2025 · 2025-07-23

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:42274 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5770 of 2025 Applicant :- Suman Srivastava Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Secy. Home Deptt. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Kaushal Kishore Tewari,Shakti Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शनी ककौशल वकशशोर वतिविप्रारनी तिरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा परम शनी रप्राजकेश कक मप्रार रससिंह कशो सकनप्रा तिरप्रा पतप्राविलनी कप्रा अविलशोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससिंवहतिप्रा कके अन्तिररति पस्तिकति इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपशोरर ससिंख्यप्रा 490 सन 2023 अन्तिररति धिप्रारप्रा 420, 406, 467, 468, 471, 120-B भप्रा०दसिं०ससिं० रप्रानप्रा-मलप्राविप्रासिं, जनपद- हरदशोई, कके अनकक्रिम मम वविदप्रान अवतिररक रसवविल न्यप्रायप्राधिनीश (पविर खसिंड), हरदशोई दप्रारप्रा पप्राररति आदकेश वदनप्रासिंक 11.04.2025 रजसकके दप्रारप्रा उपरशोक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान रलयप्रा तिरप्रा पप्रारर्थी कशो वविचप्रारण हकेतिक तिलब वकयप्रा रयप्रा, ककी विवैधितिप्रा कशो चकनकौतिनी दनी रई हवै। 3. उपरशोक पकरण वविपकनी ससिंख्यप्रा 2-सहप्रायक वविकप्रास अरधिकप्रारनी ब्ललॉक मलप्राविप्रासिं, जनपद हरदशोई दप्रारप्रा वदनप्रासिंक 11.12.2023 कशो दशो नप्रावमति व्यवकयय अवमति कक मप्रार एविसिं वदनकेश कक मप्रार कके वविरुद्ध रलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपशोरर कके आधिप्रार पर ससिंसस्रति हहआ, रजसमम यह कहप्रा रयप्रा हवै वक एक सफप्राईकमर्थी शनी पकप्राश नके जन-सकनविप्राई पशोररल पर यह वशकप्रायति ककी वक नप्रावमति अवभयकक अवमति कक मप्रार नके अपनके सरके सम्बसिंरधियय कके सहयशोर सके धिशोखप्राधिडनी कर कके शनी पकप्राश कके बबक खप्रातिके मम अपनके पररविप्रारनीजनय कप्रा मशोबप्राइल नम्बर ररजस्रर करविप्रा रलयप्रा तिरप्रा कप्रायप्रारलयनी अवभलकेखय मम उक खप्रातिके कशो असिंवकति करनके कके उपरप्रासिंति लरभर रु० 12,00,000/- ककी धिनरप्रावश, जशो विकेतिन कके रूप मम खप्रातिके मम आई रनी, आहररति कर लनी। 4. वविविकेचक नके पनीवडति व्यवक शनी पकप्राश कप्रा करन असिंवकति वकयप्रा , रजसमम उसनके कहप्रा वक उसकप्रा विकेतिन विरर 2018 सके रुकप्रा हहआ रप्रा। नप्रावमति अवभयकक अवमति कक मप्रार सफप्राईकवमरयय कके कप्रायरविप्राहक रजलप्राध्यक रके तिरप्रा उन्हयनके वचवकत्सककीय पमप्राणपत बनविप्रा कके पनीवडति कप्रा विकेतिन वदलविप्रानके कप्रा भरशोसप्रा वदयप्रा, उन्हयनके पनीवडति कप्रा एक नयप्रा बबक खप्रातिप्रा यकवनयन बबक मम खकलविप्रायप्रा , रजसमम डनी०पनी०आर०ओ० कप्रायप्रारलय सके रु० 12,68,000/- आए तिरप्रा अवमति कक मप्रार नके धिशोखप्राधिडनी करकके सप्रारप्रा पवैसप्रा वनकप्राल रलयप्रा। वविविकेचनप्रा कके उपरप्रासिंति वविविकेचक नके नप्रावमति अवभयकक अवमति कक मप्रार तिरप्रा पप्रारररननी कके वविरुद्ध वदनप्रासिंक 27.01.2025 कशो आरशोप पत पस्तिकति वकयप्रा। अवमति कक मप्रार कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 406, 420, 467, 468, 471 भप्रा०दसिं०ससिं० मम तिरप्रा पप्रारररननी कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 406, 420, 467, 468, 471, 120-ख भप्रा०दसिं०ससिं० मम आरशोप पत पस्तिकति हहआ हवै। वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके वदनप्रासिंक 11.04.2025 कशो अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान रलयप्रा। उक आदकेश मम यह कहप्रा हवै वक पतप्राविलनी पर अपर वनदकेशक पशप्रासन पसिंचप्रायतिनीरप्राज उत्तर पदकेश ककी जप्राजाँच आख्यप्रा ससिंलग्न हवै तिरप्रा रजलप्रा शप्रासककीय अरधिविकप्रा ककी वविरधिक रप्राय भनी ससिंलग्न हवै। पतप्राविलनी पर बबकय सके ससिंबसिंरधिति समस्ति वविविरण सम्बसिंरधिति वविभप्रार सके पपत पप्राप्त कर दप्रारखल वकए रए हब। धिप्रारप्रा 120-ख भप्रा०दसिं०ससिं० कप्रा आरशोप मप्रात पप्रारररननी कके वविरुद्ध लरप्रायप्रा रयप्रा हवै, जबवक इस अपरप्राधि कके रलए एक सके अरधिक व्यवकयय कप्रा हशोनप्रा आविश्यक हवै। अतितः वविचप्रारण न्यप्रायप्राल नके दशोनय अवभयककय कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 406, 420, 467, 468, 471 तिरप्रा 120-ख भप्रा०दसिं०ससिं० कके अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान लकेकर उन्हम वविचप्रारण हकेतिक तिलब वकयप्रा रयप्रा। वविविकेचनप्रा कके दकौरप्रान ससिंकरलति उपरशोक ससिंरति सप्राक्ष्य धिप्रारप्रा 482 कके पप्राररनप्रा पत कके सप्रार ससिंलग्न नहहीं वकयप्रा रयप्रा जबवक इस न्यप्रायप्रालय ककी अन्तिवनरवहति शवकयय कके पयशोर कके रलयके पप्राररनप्रा पत पस्तिकति करतिके समय पप्रारररननी कके रलए यह आविश्यक रप्रा वक विह समस्ति ससिंरति सप्रामगनी पप्राररनप्रा पत कके सप्रार ससिंलग्न करके। 5. पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा नके आरशोप पत तिरप्रा ससिंजप्रान आदकेश ककी विवैधितिप्रा कशो चकनकौतिनी दकेतिके हहए कहप्रा वक पप्रारररननी परम ससूचनप्रा ररपशोरर मम नप्रावमति अवभयककप्रा नहहीं हवै तिरप्रा पनीवडति व्यवक नके अपनके बयप्रान मम भनी पप्रारररननी कके वविरुद्ध कशोई करन नहहीं वकयप्रा हवै। ऐसनी पररसस्रवति मम वविविकेचक नके पप्रारररननी कके वविरुद्ध आरशोप पत पस्तिकति करनके मम तकवर कप्राररति ककी हवै। पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा नके यह भनी तिकर वदयप्रा वक जब वविविकेचक नके पप्रारररननी कके वविरुद्ध आपरप्रारधिक रडयसिंत कके आरशोप कप्रा करन आरशोप पत मम नहहीं वकयप्रा रप्रा तिशो वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कशो इस अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान पप्रारररननी कके वविरुद्ध नहहीं लकेनप्रा चप्रावहए रप्रा तिरप्रा जबवक आरशोप पत मम मप्रात पप्रारररननी कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 120-ख कके आरशोप कप्रा करन वकयप्रा रयप्रा हवै तिरप्रा सह -अवभयकक कके वविरुद्ध यह आरशोप नहहीं लरप्रायप्रा रयप्रा रप्रा, पप्रारररननी कप्रा वविचप्रारण आपरप्रारधिक रडयसिंत कके आरशोपय कके रलए नहहीं हशो सकतिप्रा हवै। 6. पप्राररनप्रा पत कप्रा वविरशोधि करतिके हहए शनी रप्राजकेश कक मप्रार रससिंह वविदप्रान अपर शप्रासककीय अरधिविकप्रा परम नके पप्राररनप्रा पत कप्रा घशोर वविरशोधि वकयप्रा तिरप्रा उन्हयनके कके स डप्रायरनी कके ससिंरति असिंश न्यप्रायप्रालय कके समक रखके, रजससके यह पतिनीति हहआ वक वशकप्रायतिकतिप्रार नके अपनके अवतिररक करन मम कहप्रा वक अपनके बकप्रायप्रा विकेतिन भकरतिप्रान कके ससिंबसिंधि मम विह मवहलप्रा बप्राबसू (सकमन)-पप्रारररननी सके वमलप्रा , रजन्हयनके उससके अनकपसस्रवति एविसिं इलप्राज कके पपत उपलब्धि करप्रानके कशो कहप्रा। इसकके बप्राद अन्य लशोरय कके बतिप्रानके कके अनकसप्रार वशकप्रायतिकतिप्रार सफप्राईकमर्थी अध्यक सह-अवभयकक अवमति कके पप्रास रयप्रा। अवमति नके वशकप्रायतिकतिप्रार कप्रा आधिप्रार कप्राडर लकेकर वचवकत्सककीय पपत बनविप्राए तिरप्रा उसकप्रा एक नयप्रा बबक खप्रातिप्रा यकवनयन बबक ऑफ इसिंवडयप्रा मम खकलविप्रायप्रा। अवमति नके कप्रायप्रारलय मम कक छ कप्रारजय पर वशकप्रायतिकतिप्रार कके असिंरसूठके कके वनशप्रान लरविप्राए तिरप्रा इसकके बप्राद पप्रारररननी नके वशकप्रायतिकतिप्रार कशो बतिप्रायप्रा वक उसकप्रा विकेतिन उसकके बबक खप्रातिके मम चलप्रा रयप्रा हवै। वशकप्रायतिकतिप्रार नके कहप्रा वक उसकप्रा विकेतिन स्रकेर बबक कके खप्रातिके मम जप्रातिप्रा रहप्रा हवै, जबवक उस खप्रातिके मम कशोई विकेतिन नहहीं रयप्रा। 7. वविविकेचक नके कके स डप्रायरनी मम असिंवकति वकयप्रा हवै वक पप्रारररननी नके अपनके रलरखति बयप्रानय मके यह कहप्रा वक वशकप्रायतिकतिप्रार कप्रा स्रकेर बबक कप्रा खप्रातिप्रा बसिंद हशो रयप्रा रप्रा तिरप्रा उसनके स्वियसिं यह अनकरशोधि वकयप्रा रप्रा वक उसककी धिनरप्रावश यकवनयन बबक कके नए खप्रातिके मम हस्तिप्रासिंतिररति ककी जप्राए तिरप्रा तित्कप्रालनीन रजलप्रा पसिंचप्रायतिरप्राज अरधिकप्रारनी कके मकौरखक वनदरश कके आधिप्रार पर पप्रारररननी नके वशकप्रायतिकतिप्रार कप्रा यकवनयन बबक कके खप्रातिके मम धिनरप्रावश असिंतिररति करविप्रादनी। वशकप्रायतिकतिप्रार नके यह स्विनीकप्रार वकयप्रा वक वशकप्रायतिकतिप्रार कके खप्रातिप्रा पररवितिरन कके ससिंबसिंधि मम उसके कशोई रलरखति आदकेश /वनदरश नहहीं वदयप्रा रयप्रा रप्रा। इस आधिप्रार पर वविविकेचक नके यह वनष्करर वनकप्रालप्रा वक पप्रारररननी सह -अवभयकक अवमति कके सप्रार एक सप्रावज़िश मम ससम्मरलति रनी , रजसकके अन्तिररति पनीवडति व्यवक कप्रा खप्रातिप्रा पररवितिरन वबनप्रा वकसनी रलरखति आदकेश कके कर वदयप्रा रयप्रा और उसकके सप्रार धिशोखप्राधिडनी ककी रई। 8. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा नके पविनीन उफर सशोनसू बनप्राम हररयप्राणप्रा रप्राज्य आपरप्रारधिक अपनील ससिंख्यप्रा 1571/2021 मम मप्रानननीय उच्चतिम न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा पप्राररति वनणरय वदनप्रासिंक 07.12.2021 कप्रा आशय रलयप्रा, रजसमम यह कहप्रा रयप्रा हवै वक आपरप्रारधिक रडयसिंत कके अपरप्राधि ककी दशोररसवद्ध कके रलए अवभयशोजन कशो यह सप्राक्ष्य दकेनप्रा आविश्यक हवै वक रडयसिंतकतिप्रारओसिं कके मध्य आपरप्रारधिक उदकेश्य ककी सहमवति बननी रनी। उनकप्रा करन हवै वक पस्तिकति पकरण मम ऐसप्रा कशोई सप्राक्ष्य नहहीं आयप्रा हवै। 9. पविनीन उफर सशोनसू कप्रा पकरण वविचप्रारण कके उपरप्रासिंति वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा पप्राररति दशोररसवद्ध आदकेश, रजससके उच्च न्यप्रायप्रालय नके पकष्ट कर वदयप्रा रप्रा, ककी विवैधितिप्रा कके परनीकण कके वविरुद्ध पस्तिकति अपनील मम पप्राररति वकयप्रा रयप्रा रप्रा। पस्तिकति पकरण मम अभनी वविचप्रारण हशोनप्रा बप्राककी हवै तिरप्रा यह वविचप्रारण कके बप्राद हनी दकेखप्रा जप्रा सकतिप्रा हवै वक अवभयशोजन आपरप्रारधिक रडयसिंत कके आरशोप कशो पकष्ट करनके कके रलए समकवचति सप्राक्ष्य दके पप्रायप्रा यप्रा नहहीं। धिप्रारप्रा 482 कके पप्राररनप्रा पत कप्रा वनणरय करतिके हहए उच्च न्यप्रायप्रालय सप्राक्ष्य ककी पयप्रारप्ततिप्रा कप्रा परनीकण नहहीं कर सकतिप्रा हवै तिरप्रा यह कप्रायर वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कशो हनी करनप्रा हशोरप्रा। अतितः इस स्तिर पर सप्राक्ष्य ककी पयप्रारप्ततिप्रा आरशोप पत तिरप्रा ससिंजप्रान आदकेश ककी विवैधितिप्रा कशो चकनकौतिनी दकेनके कप्रा पयप्रारप्त आधिप्रार पदप्रान नहहीं करतिप्रा हवै। 10. धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतिररति आरशोप पत तिरप्रा तिलबनी आदकेश ककी विवैधितिप्रा कप्रा परनीकण करतिके हहए इस न्यप्रायप्रालय कशो मप्रात यह दकेखनके हशोतिप्रा हवै वक क्यप्रा वविविकेचनप्रा मम वमलनी सप्रामगनी कके आधिप्रार पर अवभयकक कके वविरुद्ध आरशोप पत पस्तिकति करनके एविसिं उसकके वविचप्रारण कप्रा समकवचति आधिप्रार हवै अरविप्रा नहहीं तिरप्रा आरशोपय ककी सत्यतिप्रा कप्रा परनीकण इस स्तिर पर नहहीं वकयप्रा जप्रा सकतिप्रा हवै। वशकप्रायतिकतिप्रार कके अवतिररक करन तिरप्रा पप्रारररननी कके स्वियसिं कके करन सके परम-दृष्टयप्रा कररति अपरप्राधि कके रलए रडयसिंत मम पप्रारररननी कप्रा ससम्मरलति हशोनप्रा पररलवकति हशोतिप्रा हवै। 11. कम दनीय जप्रासिंच ब्यसूरशो बनप्राम आयरन रससिंह आवद , 2023 एससनीसनी ऑनलप्राइन एससनी 379 मम अविधिप्राररति हवै वक आरशोपय ककी सच्चप्राई ककी जप्रासिंच मप्रात वविचप्रारण कके दकौरप्रान सप्राक्ष्य लकेनके कके उपरप्रासिंति हनी ककी जप्रा सकतिनी हवै तिरप्रा धिप्रारप्रा 482 द.प.ससिं कके पप्राररनप्रा -पत कशो तिय करतिके हहए यह न्यप्रायप्रालय लघक वविचप्रारण नहहीं कर सकतिप्रा हवै। 12. जहप्राजाँ-तिक पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा कके इस तिकर कप्रा पश्न हवै वक वविविकेचक नके मप्रात पप्रारररननी कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 120-ख कके आरशोप कप्रा करन वकयप्रा हवै तिरप्रा सह-अवभयकक कके वविरुद्ध ऐसके आरशोप हशोनप्रा नहहीं पप्रायप्रा एविसिं पप्रारररननी कके अकके लके कके वविरुद्ध आपरप्रारधिक रडयसिंत कप्रा वविचप्रारण नहहीं चल सकतिप्रा, क्ययवक इस अपरप्राधि कके रलए एक सके अरधिक व्यवकयय ककी ससिंरलप्ततिप्रा अवनविप्रायर हवै एविसिं वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कशो इस अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान नहहीं लकेनप्रा चप्रावहए रप्रा , अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान लकेतिके समय वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय कशो उसकके समक रखनी रई समस्ति अवभयशोजन सप्रामगनी कशो दकेखनप्रा हशोतिप्रा हवै तिरप्रा उस सप्रामगनी सके रजस भनी अपरप्राधि कप्रा कप्राररति हशोनप्रा पररलवकति हशो , वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय उसकप्रा ससिंजप्रान लके सकतिप्रा हवै। मप्रात इस कप्रारण सके वक आरशोप पत मम वकसनी धिप्रारप्रा कप्रा विणरन नहहीं हवै, वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय उस अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान लकेनके कके वविरुद्ध बप्रारधिति नहहीं हवै। 13. आलशोच्य आदकेश मम वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके पप्रारररननी तिरप्रा सह -अवभयकक अवमति कक मप्रार, दशोनय व्यवकयय कके वविरुद्ध अन्य अपरप्राधिय सवहति धिप्रारप्रा 120-ख कके अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान लकेनके कप्रा समकवचति कप्रारण दशप्रारयप्रा हवै तिरप्रा इसमम कशोई अविवैधिप्रावनकतिप्रा नहहीं हवै। 14. पप्राररनप्रा पत बलहनीन हवै, तिदनकसप्रार, वनरस्ति वकयप्रा जप्रातिप्रा हवै। Order Date :- 23.7.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench