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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 151826 (ALL)
RAM ARAJ v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 3 OTHERS
A482/5817/2025 · 2025-08-01
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 151826 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:44604 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5817 of 2025 Applicant :- Ram Araj Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And 3 Others Counsel for Applicant :- Balak Ram Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री बप्रालक रप्राम , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धससिंह चचौहप्रान एविसिं वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 तरप्रा 5 कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्रीमतश्री हकेमलतप्रा विमप्रार्मा कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रयप्रा ससिंवहतप्रा कके अन्तरर्मात पस्तसुत इस पप्रारर्मानप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा ससिंख्यप्रा 097 सन 2018 अन्तरर्मात धिप्रारप्रा 363, 366, 506 भप्रा०दसिं०ससिं० वि धिप्रारप्रा 7 / 8 ललवरक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससिंरकण अधधिवनयम , रप्रानप्रा ककोतविप्रालश्री अकबरपसुर, जनपद अम्बकेडकरनरर कके अनसुक्रम मम पस्तसुत आरकोप पत ससिंख्यप्रा CS-186 सन 2018 वदनप्रासिंक 21.06.2018 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर वविशकेष सत परश्रीकण विप्राद ससिंख्यप्रा 55 सन 2018 मम वविदप्रान वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 23.07.2018, धजससके उक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा एविसिं पप्रारर्थी कको वविचप्रारण कके धलए तलब वकयप्रा रयप्रा, कके वनरस्तश्रीकरण ककी पप्रारर्मानप्रा इस आधिप्रार पर ककी रई हहै वक पकधों कके मध्य समझचौतप्रा हको रयप्रा हहै।
3. उपरकोक पकरण वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 दप्रारप्रा वदनप्रासिंक 09.04.2018 कको धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा कके आधिप्रार पर ससिंसस्रत हहआ रप्रा धजसमम कहप्रा रयप्रा वक पप्रारर्थी वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 ककी अवियस्क पसुतश्री (वविपकश्री ससिंख्यप्रा 5) कको भरप्रा लके रयप्रा।
4. वविविकेचनप्रा कके उपरप्रान्त वदनप्रासिंक 21.06.2018 कको पप्रारर्थी कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 363, 366 भप्रा०दसिं०ससिं० तरप्रा धिप्रारप्रा 7/8 ललवरक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससिंरकण अधधिवनयम , 2012 कके असिंतरर्मात आरकोप-पत पस्तसुत हहआ तरप्रा वदनप्रासिंक 23.07.2018 कको वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा रयप्रा।
5. पकरण कके लसिंवबत रहनके कके दचौरप्रान वदनप्रासिंक 31.05.2025 कके पकधों मम एक समझचौतप्रा हको रयप्रा हहै धजसमम यह कहप्रा रयप्रा हहै वक वशकप्रायतकतप्रार्मा तरप्रा पश्रीवड़ितप्रा इस पकरण मम ककोई कप्रायर्माविप्राहश्री नहहीं चप्राहतके हल।
6. वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 तरप्रा 5 दप्रारप्रा एक अन्य लघसु पवतशपर -पत पस्तसुत करतके हहए पप्रारर्मानप्रा कप्रा समरर्मान वकयप्रा रयप्रा हहै। पवतशपर -पत कके सप्रार धिप्रारप्रा 161 दसिं०प०ससिं० कके
असिंतरर्मात असिंवकत पश्रीवड़ितप्रा कके बयप्रानधों ककी पवतयप्रासिं ससिंलग्न ककी रयश्री हल धजसमम उसनके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध ककोई आरकोप नहहीं लरप्रायप्रा रप्रा तरप्रा उसनके वविवशष्ट रूप सके कहप्रा रप्रा वक पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार कसु छ भश्री रलत नहहीं वकयप्रा।
7.
इस तथ्य कको ध्यप्रान मम रखतके हहए वक पकधों कके बश्रीच वविविप्राद व्यवकरत पकक वत कप्रा हहै और सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा बश्री.एस. जकोशश्री एविसिं अन्य बनप्राम हररयप्राणप्रा रप्राज्य एविसिं अन्य (2003) 4 एससश्रीसश्री 675, वनधखल मचरसिंर बनप्राम सश्रीबश्रीआई एविसिं अन्य (2008) 9 एससश्रीसश्री 677, मनकोज शमप्रार्मा बनप्राम रप्राज्य एविसिं अन्य (2008) 16 एससश्रीसश्री 1, जप्रान धससिंह बनप्राम पसिंजप्राब स्रकेशन (2010) 15 एससश्रीसश्री 118 और नररसिंदर धससिंह एविसिं अन्य बनप्राम पसिंजप्राब रप्राज्य एविसिं अन्य (2014) 6 एससश्रीसश्री 466 कके पकरणधों मम वनधिप्रार्माररत अनसुपप्रात कके अनसुसप्रार , पकरण कके तथ्यधों एविसिं पररसस्रवतयधों कको दृवष्टरत रखतके हहए आपरप्राधधिक कप्रायर्माविप्राहश्री कको रद्द करनप्रा उवचत हकोरप्रा क्यधोंवक आपरप्राधधिक कप्रायर्माविप्राहश्री कको जप्रारश्री रखनप्रा वनररर्माक हकोरप्रा।
8. तदनसुसप्रार, पप्रारर्मानप्रा पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। परम ससूचनप्रा ररपकोरर्मा ससिंख्यप्रा 097 सन 2018 अन्तरर्मात धिप्रारप्रा 363, 366, 506 भप्रा०दसिं०ससिं० वि धिप्रारप्रा 7 / 8 ललवरक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससिंरकण अधधिवनयम , रप्रानप्रा ककोतविप्रालश्री अकबरपसुर , जनपद अम्बकेडकरनरर कके अनसुक्रम मम पस्तसुत आरकोप पत ससिंख्यप्रा CS-186 सन 2018 वदनप्रासिंक 21.06.2018 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर वविशकेष सत परश्रीकण विप्राद ससिंख्यप्रा 55 सन 2018 मम वविदप्रान वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 23.07.2018, धजससके उक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा एविसिं पप्रारर्थी कको वविचप्रारण कके धलए तलब वकयप्रा रयप्रा तरप्रा उपरकोक आपरप्राधधिक विप्राद ककी ससिंपसूणर्मा कप्रायर्माविप्राहश्री पप्रारर्थी कके वविरुद्ध वनरस्त ककी जप्रातश्री हहै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 1.8.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench