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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 151359 (ALL)
RAJENDAR v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER
A482/5698/2025 · 2025-07-17
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 151359 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:40758 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5698 of 2025 Applicant :- Rajendar Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Anil Singh Counsel for Opposite Party :- G.A.,G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अवनल धससिंह , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धससिंह चचौहप्रान एविसिं वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री आययष वदविकेदश्री कको सयनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रयप्रा ससिंवहतप्रा कके अन्तररत पस्तयत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 132 सन 2017 अन्तररत धिप्रारप्रा 336, 354 , 506 A भप्रा०दसिं०ससिं०, रप्रानप्रा बप्राजप्रार खप्रालप्रा, जनपद लखनऊ कके अनयक्रम मम पस्तयत आरकोप पत वदनप्रासिंक 03.06.2017 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर आपरप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 54600 सन 2017 मम वविदप्रान अपर मयख्य न्यप्रावयक मधजस्रटकेर कक ससिंख्यप्रा 32, लखनऊ दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 09.11.2017 धजससके उक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा एविसिं पप्रारर्थी कको वविचप्रारण कके धलए तलब वकयप्रा रयप्रा, कके वनरस्तश्रीकरण ककी पप्राररनप्रा इस आधिप्रार पर ककी रई हहै वक पकक्षों कके मध्य वदनप्रासिंक 20.07.2024 कको समझचौतप्रा हको रयप्रा हहै।
3. उपरकोक पकरण वदनप्रासिंक 17.03.2017 कको धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररपकोरर कके आधिप्रार पर ससिंसस्रत हहआ धजसमम कहप्रा रयप्रा हहै वक पप्रारर्थी वशकप्रायतकतर्थी कके पडकोस मम रहतप्रा हहै, विह वदन भर बन्दसूक धलए घसूमतप्रा हहै तरप्रा वशकप्रायतकतर्थी सके दयरयरविहप्रार करतप्रा हहै एविसिं उसककी इज्जत लकेनप्रा चप्राहतप्रा हहै।
4. वविविकेचनप्रा कके उपरप्रान्त वविविकेचक नके वदनप्रासिंक 03.06.2017 कको आरकोप-पत पस्तयत वकयप्रा तरप्रा वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके वदनप्रासिंक 09.11.2017 कको अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान लकेकर पप्रारर्थी कको वविचप्रारण हकेतय तलब वकयप्रा।
5. वविचप्रारण कके दचौरप्रान वदनप्रासिंक 20.07.2024 कको पकक्षों कके मध्य एक समझचौतप्रा वनष्पप्रावदत हको रयप्रा हहै धजसमम यह कहप्रा रयप्रा हहै वक अब दकोनक्षों पकक्षों कके मध्य ककोई मनमयरप्रावि नहहीं हहै और विह आपस मम पकेम रयविहप्रार सके रह रहके हह। वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 पप्रारर्थी कके वविरुद्ध अब ककोई कप्रायरविप्राहश्री नहहीं चप्राहतश्री हहै।
6. वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 नके एक पवतशपर-पत पस्तयत करकके पप्राररनप्रा-पत कप्रा समररन वकयप्रा हहै।
7. इस तथ्य कको ध्यप्रान मम रखतके हहए वक पकक्षों कके बश्रीच वविविप्राद रयवकरत पकक वत कप्रा हहै और सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा बश्री.एस.
जकोशश्री एविसिं अन्य बनप्राम हररयप्राणप्रा रप्राज्य एविसिं अन्य (2003) 4 एससश्रीसश्री 675, वनधखल मचरसिंर बनप्राम सश्रीबश्रीआई एविसिं अन्य (2008) 9 एससश्रीसश्री 677, मनकोज शमप्रार बनप्राम रप्राज्य एविसिं अन्य (2008) 16 एससश्रीसश्री 1, जप्रान धससिंह बनप्राम पसिंजप्राब स्रकेशन (2010) 15 एससश्रीसश्री 118 और नररसिंदर धससिंह एविसिं अन्य बनप्राम पसिंजप्राब रप्राज्य एविसिं अन्य (2014) 6 एससश्रीसश्री 466 कके पकरणक्षों मम वनधिप्रारररत अनयपप्रात कके अनयसप्रार, पकरण कके तथ्यक्षों एविसिं पररसस्रवतयक्षों कको दृवष्टिरत रखतके हहए आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री कको रद्द करनप्रा उवचत हकोरप्रा क्यक्षोंवक आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री कको जप्रारश्री रखनप्रा वनरररक हकोरप्रा।
8. तदनयसप्रार, पप्राररनप्रा पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। परम ससूचनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 132 सन 2017 अन्तररत धिप्रारप्रा 336, 354 , 506 A भप्रा०दसिं०ससिं०, रप्रानप्रा बप्राजप्रार खप्रालप्रा, जनपद लखनऊ कके अनयक्रम मम पस्तयत आरकोप पत वदनप्रासिंक 03.06.2017 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर आपरप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 54600 सन 2017 मम वविदप्रान अपर मयख्य न्यप्रावयक मधजस्रटकेर कक ससिंख्यप्रा 32, लखनऊ दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 09.11.2017 धजससके उक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा एविसिं पप्रारर्थी कको वविचप्रारण कके धलए तलब वकयप्रा रयप्रा, तरप्रा उपरकोक आपरप्राधधिक विप्राद ककी ससिंपसूणर कप्रायरविप्राहश्री पप्रारर्थीरण कके वविरुद्ध वनरस्त ककी जप्रातश्री हहै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 17.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench