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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 150833 (ALL)
DHARAM PAL SINGH v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME LKO. AND ANOTHER
A482/5595/2025 · 2025-07-11
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 150833 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:39912 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5595 of 2025 Applicant :- Dharam Pal Singh Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Of Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Diwakar Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वदिविप्राकर शशुक्लप्रा ककी तरफ सके उपससरत वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री नसनदित शश्रीविप्रासतवि एविवं वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री सशुरुवचि वत्रिपप्राठश्री तरप्रा वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री वदिविप्राकर धसवंह कको सशुनप्रा तरप्रा पत्रिप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दिण्ड पवक्रियप्रा सवंवहतप्रा कके अवंतररत पसतशुत इस पप्राररनप्रा पत्रि दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके मशुकदिमप्रा अपरप्राधि सवंख्यप्रा 242 सन 2000 अवंतररत धिप्रारप्रा 394 भप्रा०दिवं०सवं० रप्रानप्रा जश्री.आर.पश्री. धजलप्रा सश्रीतप्रापशुर कके आधिप्रार पर सवंससरत विप्रादि सवंख्यप्रा 340 सन 2001, नयप्रायप्रालय मशुख्य नयप्रावयक मधजसटटकेट, सश्रीतप्रापशुर मम पप्राररत आदिकेश वदिनप्रावंक 01.03.2001 धजसकके दप्रारप्रा अपरप्राधि कप्रा सवंजप्रान धलयप्रा रयप्रा , आरकोप-पत्रि आदिकेश धजससके पप्रारर्थी कप्रा सवंजप्रान धलयप्रा रयप्रा, तरप्रा उपरकोक विप्रादि मम पप्राररत आदिकेश वदिनप्रावंक 23.06.2024 धजससके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध रगैर जमप्रानतश्री विप्रारण्ट वनररत वकयप्रा रयप्रा , ककी विगैधितप्रा कको चिशुननौतश्री दिश्री रयश्री हगै।
3. पकरण मम तकर करतके हहए पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके अपनके तकरवं कको इस अनशुतकोष तक सश्रीवमत वकयप्रा वक पप्रारर्थी कके वविरुद्ध वनररत रगैर जमप्रानतश्री विप्रारण्ट पर रकोक लरप्रा दिश्री जप्राय तको पप्रारर्थी वविचिप्रारण नयप्रायप्रालय कके समक्ष उपससरत हकोकर अपनके वविरुद्ध आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री मम सहयकोर करके।
4. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा कप्रा तकर हगै वक घटनप्रा कके समय पप्रारर्थी रकेलविके पशुधलस मम कप्रायररत रप्रा तरप्रा वितरमप्रान मम विह उत्तर पदिकेश पशुधलस मम कप्रायररत हगै। पप्रारर्थी दप्रारप्रा नयप्रावयक पवक्रियप्रा सके भप्रारनके कप्रा कभश्री ककोई आधिप्रार नहहीं रहप्रा एविवं उसकको पसतशुत विप्रादि कके समन कभश्री तप्रामश्रील नहहीं हहए एविवं इस कप्रारण सके विह वविचिप्रारण नयप्रायप्रालय कके समक्ष उपससरत नहहीं हको पप्रायप्रा। पशुधलसकमर्थी हकोनके कके कप्रारण पप्रारर्थी कके नयप्रावयक कप्रायरविप्राहश्री सके भप्रारनके ककी ककोई आशवंकप्रा नहहीं हगै।
5. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्राररनप्रा-पत्रि कप्रा वविरकोधि वकयप्रा वकनतशु उनहहोंनके कहप्रा वक यवदि पप्रारर्थी वविचिप्रारण नयप्रायप्रालय कके समक्ष उपससरत हकोकर कप्रायरविप्राहश्री मम सहभप्रावरतप्रा दिके तको उनहम ककोई आपधत्त नहहीं हगै।
6. तद्नशुसप्रार, यह पप्राररनप्रा-पत्रि आवंवशक रूप सके सविश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हगै। विप्रादि सवंख्यप्रा 340 सन 2001 मम वविदप्रान मशुख्य नयप्रावयक मधजसटटकेट, सश्रीतप्रापशुर दप्रारप्रा पप्राररत आदिकेश वदिनप्रावंक 23.10.2024, धजसकके दप्रारप्रा पप्रारर्थी कके वविरुद्ध रगैर जमप्रानतश्री विप्रारण्ट वनररत हहआ, वनरसत वकयप्रा जप्रातप्रा हगै।
7.
पप्रारर्थी कको वनदिरश वदियप्रा जप्रातप्रा हगै वक विह वविचिप्रारण नयप्रायप्रालय कके समक्ष वनयत अरलश्री वतधर वदिनप्रावंक 15.07.2025 कको वविचिप्रारण नयप्रायप्रालय कके समक्ष उपससरत हकोकर वविचिप्रारण ककी अवग्रिम कप्रायरविप्राहश्री मम सहयकोर करकेरप्रा तरप्रा उसकके उपरप्रानत पप्राररत अनय आदिकेशहों धजसकके दप्रारप्रा पप्रारर्थी कके वविरुद्ध रगैर जमप्रानतश्री विप्रारण्ट वनररत वकयप्रा रयप्रा , पप्रारर्थी उस वदिन वविचिप्रारण नयप्रायप्रालय कके समक्ष उपससरत हकोरप्रा तरप्रा वविचिप्रारण नयप्रायप्रालय कके समक्ष यह बवंधिपत्रि पसतशुत करकेरप्रा वक वविचिप्रारण ककी कप्रायरविप्राहश्री मम विह सवियवं अरविप्रा यरप्रा आविश्यकतप्रानशुसप्रार उसकके अधधिविकप्रा उपससरत हहोंरके। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 11.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench