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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 150540 (ALL)
RITESH TIWARI AND 4 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND ANOTHER
A482/5558/2025 · 2025-07-22
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 150540 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:41912 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5558 of 2025 Applicant :- Ritesh Tiwari And 4 Others Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Vivek Kumar Tripathi,Atul Kumar Singh,Sudhir Kumar Misra Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससुधिश्रीर कसु मप्रार वमशप्रा , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अभय कसु मप्रार धससिंह एविसिं वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ममो० खसुशर्थीद अख्तर कमो ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलमोकन वकयप्रा।
2. वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 नके एक पवतशपर-पत तरप्रा एक पपूरक शपर-पत पस्तसुत वकयप्रा, धजिसके अवभलकेख पर धलयप्रा जिप्रातप्रा हहै।
3. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससिंवहतप्रा कके अन्तगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थीगण नके परम सपूचनप्रा ररपमोरर ससिंख्यप्रा 0627 सन 2022 अन्तगरत धिप्रारप्रा 498 , 323, 504, A 506 भप्रा०दसिं०ससिं० एविसिं धिप्रारप्रा 3/4 दहकेजि पवतषकेधि अधधिवनयम, रप्रानप्रा ऊसिं चप्राहप्रार, जिनपद रप्रायबरकेलश्री कके अनसुक्रिम मम पस्तसुत आरमोप पत ससिंख्यप्रा 592 सन 2022 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर आपरप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 8242 सन 2024 मम वविदप्रान परम अपर मसुख्य न्यप्रावयक मधजिस्रटकेर, रप्रायबरकेलश्री दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 14.05.2024 धजिससके उक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा एविसिं पप्रारर्थीगण कमो वविचप्रारण कके धलए तलब वकयप्रा गयप्रा एविसिं आदकेश वदनप्रासिंक 24.04.2025, कके वनरस्तश्रीकरण ककी पप्राररनप्रा इस आधिप्रार पर ककी गई हहै वक पकक कके मध्य समझझौतप्रा हमो गयप्रा हहै।
4. उपरमोक पकरण वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 दप्रारप्रा वदनप्रासिंक 19.10.2022 कमो पप्रारर्थीगण सवहत 6 व्यवकयक कके वविरुद्ध धलखप्राई गई परम सपूचनप्रा ररपमोरर कके आधिप्रार पर ससिंसस्रत हहआ हहै धजिसमम कहप्रा गयप्रा हहै वक वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 और पप्रारर्थी कप्रा वविविप्राह वदनप्रासिंक 07.05.2021 कमो हहआ रप्रा धजिस वविविप्राह सके वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 नके एक पसुत कमो जिन्म वदयप्रा। इसकके पश्चप्रात सभश्री अवभयसुकगण वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 कमो दहकेजि कके धलए पतप्रावड़ित कर रहके रके। वविविकेचनप्रा कके उपरप्रान्त वदनप्रासिंक 30.11.2022 कमो पप्रारर्थीगण कके वविरुद्ध आरमोप-पत पस्तसुत हहआ तरप्रा वविचप्रारण न्यप्रायप्रालय नके वदनप्रासिंक 14.05.2024 कमो अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा।
5.
पप्राररनप्रा-पत मम कहप्रा गयप्रा हहै वक वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 तरप्रा पप्रारर्थी ससिंख्यप्रा 1 कके बश्रीच विहैविप्रावहक मतभकेदक कके कप्रारण परम सपूचनप्रा ररपमोरर असिंवकत करप्रायश्री गयश्री रश्री तरप्रा पप्रारर्थी ससिंख्यप्रा 1 नके वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 कके वविरुद्ध धिप्रारप्रा 9 वहन्दपू वविविप्राह अधधिवनयम कके असिंतगरत
पप्राररविप्राररक विप्राद ससिंख्यप्रा 1420 सन 2022 पस्तसुत वकयप्रा रप्रा वकन्तसु उसकके उपरप्रान्त वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 एविसिं पप्रारर्थी ससिंख्यप्रा 1 कके बश्रीच ससुलह हमो गयश्री और इस कप्रारण सके पप्रारर्थी ससिंख्यप्रा 1 नके उक विहैविप्रावहक विप्राद पर बल नहहीं वदयप्रा एविसिं विप्राद परम अपर पधिप्रान न्यप्रायप्राधिश्रीश पप्राररविप्राररक न्यप्रायप्रालय, रप्रायबरकेलश्री दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 30.10.2023 सके वनरस्त हमो गयप्रा।
6. वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 नके एक पवतशपर-पत पस्तसुत करकके पप्राररनप्रा -पत कके करनक कमो स्विश्रीकप्रार वकयप्रा हहै तरप्रा यह कहप्रा हहै वक उसनके परम सपूचनप्रा ररपमोरर अपनके अवभभप्राविकक कके दबप्रावि मम धलखप्रा दश्री रश्री वकन्तसु उसकके पश्चप्रात पकक कके मध्य ससुलह हमो गयश्री हहै। पपूरक शपर-पत मम यह कहप्रा गयप्रा हहै वक अब वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 अपनके पवत कके सप्रार रह रहश्री हहै तरप्रा उन दमोनक सके एक और पसुत कप्रा जिन्म हहआ हहै।
7. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक जिब वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 नके शपर-पत पस्तसुत करकके पप्राररनप्रा-पत कप्रा समररन वकयप्रा हहै तमो ऐसश्री सस्रवत मम उन्हम भश्री इस पप्राररनप्रा-पत कके वविरुद्ध कमोई आपधत्ति नहहीं हहै।
8. इस तथ्य कमो ध्यप्रान मम रखतके हहए वक पकक कके बश्रीच वविविप्राद व्यवकगत पकक वत कप्रा हहै और सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा बश्री.एस. जिमोशश्री एविसिं अन्य बनप्राम हररयप्राणप्रा रप्राज्य एविसिं अन्य (2003) 4 एससश्रीसश्री 675, वनधखल मचरसिंर बनप्राम सश्रीबश्रीआई एविसिं अन्य (2008) 9 एससश्रीसश्री 677, मनमोजि शमप्रार बनप्राम रप्राज्य एविसिं अन्य (2008) 16 एससश्रीसश्री 1, जप्रान धससिंह बनप्राम पसिंजिप्राब स्रकेशन (2010) 15 एससश्रीसश्री 118 और नररसिंदर धससिंह एविसिं अन्य बनप्राम पसिंजिप्राब रप्राज्य एविसिं अन्य (2014) 6 एससश्रीसश्री 466 कके पकरणक मम वनधिप्रारररत अनसुपप्रात कके अनसुसप्रार, पकरण कके तथ्यक और पररसस्रवतयक कमो दृवष्टिगत रखतके हहए आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री कमो रद्द करनप्रा उवचत हमोगप्रा क्यकवक आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री कमो जिप्रारश्री रखनप्रा वनरररक हमोगप्रा।
9.
तदनसुसप्रार, पप्राररनप्रा पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जिप्रातप्रा हहै। परम सपूचनप्रा ररपमोरर ससिंख्यप्रा 0627 सन 2022 अन्तगरत धिप्रारप्रा 498 , 323, 504, 506 A भप्रा०दसिं०ससिं० एविसिं धिप्रारप्रा 3/4 दहकेजि पवतषकेधि अधधिवनयम, रप्रानप्रा ऊसिं चप्राहप्रार, जिनपद रप्रायबरकेलश्री कके अनसुक्रिम मम पस्तसुत आरमोप पत ससिंख्यप्रा 592 सन 2022 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर आपरप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 8242 सन 2024 मम वविदप्रान परम अपर मसुख्य न्यप्रावयक मधजिस्रटकेर, रप्रायबरकेलश्री दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 14.05.2024 धजिससके उक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा एविसिं पप्रारर्थीगण कमो वविचप्रारण कके धलए तलब वकयप्रा गयप्रा एविसिं आदकेश वदनप्रासिंक 24.04.2025 तरप्रा उपरमोक आपरप्राधधिक विप्राद ककी ससिंपपूणर कप्रायरविप्राहश्री पप्रारर्थीगण कके वविरुद्ध वनरस्त ककी जिप्रातश्री हहै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 22.7.2025/Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench