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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 150038 (ALL)
SMT. SAJIDA BANO v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER
A483/527/2025 · 2025-07-11
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 150038 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:39776 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 483 No. - 527 of 2025 Applicant :- Smt. Sajida Bano Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Pankaj Kumar Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शनी पपंकज कक मप्रार रसपंह ककी तरफ सके उपससरत वविदप्रान अरधिविकप्रा शनी पपंकज शकक्लप्रा कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलनी कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 483 दण्ड पवक्रियप्रा सपंवहतप्रा कके अपंतररत पसतकत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारररननी नके अपर पधिप्रान न्यप्रायप्राधिनीश, पप्राररविप्राररक न्यप्रायप्रालय, रकोण्डप्रा कको आपरप्रारधिक पककीरर विप्राद सपंख्यप्रा 1072 सन 2022 अपंतररत धिप्रारप्रा 125(3) दपं०प०सपं० कके शनीघ्र वनसतप्रारर कप्रा अनकरकोधि वकयप्रा रयप्रा हहै।
3. पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार सपंलग्न आपरप्रारधिक विप्राद कके आदकेश पतक सके यह पतनीत हकोतप्रा हहै वक पररविप्रार न्यप्रायप्रालय मम पकरर वदनप्रापंक 06.10.2022 सके लपंवबित हहै। वविपकनी कको बिप्रार- बिप्रार नकोवटिस भकेजनके कके बिप्राद भनी जबि विह उपससरत नहहीं हहआ तको पप्राररविप्राररक न्यप्रायप्रालय नके वविपकनी कके वविरुद्ध वदनप्रापंक 23.10.2024 कको रहैर जमप्रानतनीय विप्रारण्टि वनररत वकयप्रा। अनकेक वतररययों कको रहैर जमप्रानतनीय विप्रारण्टि वनररत हकोनके कके पश्चप्रात भनी वविपकनी सपंख्यप्रा 2 पप्राररविप्राररक न्यप्रायप्रालय कके समक उपससरत नहहीं हहआ हहै।
4. वविपकनी सपंख्यप्रा 2 ककी अनकपससरवत मम पप्राररविप्राररक न्यप्रायप्रालय उसकके वविरुद्ध विससूलनी ककी ककोई अवग्रिम कप्रायरविप्राहनी नहहीं कर सकतप्रा हहै। ऐसनी पररससरवत मम यह पप्राररनप्रा-पत इस वनदरश कके सप्रार वनसतप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हहै वक पप्राररविप्राररक न्यप्रायप्रालय पकरलस अधिनीकक रकोण्डप्रा कको वविपकनी सपंख्यप्रा 2 ककी उपससरवत न्यप्रायप्रालय मम सकवनसश्चत करनके कके रलए समकवचत कप्रायरविप्राहनी करनके कके रलए पत पकेवषित करकेरनी एविपं पकरलस अधिनीकक रकोण्डप्रा वविपकनी सपंख्यप्रा 2 ककी उपससरवत न्यप्रायप्रालय मम सकवनसश्चत करनके कके रलए आविश्यक कप्रायरविप्राहनी शनीघ्रतप्रापसूविरक करनप्रा सकवनसश्चत करमरके।
5. वविपकनी सपंख्यप्रा 2 कके न्यप्रायप्रालय मम उपससरत हकोनके कके उपरप्रान्त पप्राररविप्राररक न्यप्रायप्रालय आपरप्रारधिक पककीरर विप्राद सपंख्यप्रा 1072 सन 2022 अपंतररत धिप्रारप्रा 125(3) दपं०प०सपं० ककी कप्रायरविप्राहनी वबिनप्रा वकसनी पक कको अनप्राविश्यक सररन दकेतके हहए शनीघ्रतप्रापसूविरक पसूरर करनप्रा सकवनसश्चत करमरके। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 11.7.2025/Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench