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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 150036 (ALL)
AJAY KUMAR JHA v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. ADDL. CHIEF SECY. HOME LKO. AND 2 OTHERS
A482/5497/2025 · 2025-07-16
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 150036 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:40723 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5497 of 2025 Applicant :- Ajay Kumar Jha Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Addl. Chief Secy. Home Lko. And 2 Others Counsel for Applicant :- Sanjay Srivastava,Dharam Prakash Counsel for Opposite Party :- G.A.,Shikhar Deep Singh,Vipin Kumar Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससंजय शश्रीविप्रास्तवि , वविदप्रान अवतररिक शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अभय कक मप्रारि धससंह तरप्रा वविपकश्री ससंख्यप्रा 2 कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री वशखरि दश्रीप धससंह कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारिप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससंवहतप्रा कके अन्तररत पस्तकत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारिप्रा पप्रारर्थी नके परम ससूचनप्रा ररिपकोरर ससंख्यप्रा 324 सन 2022 अन्तररत धिप्रारिप्रा 409 419, 420, 467, 468, 471, 120-B भप्रा०दसं०ससं०, रप्रानप्रा-उतरिरौलप्रा, जनपद बलरिप्रामपकरि, कके अनकक्रिम मम वविदप्रान मकख्य न्यप्रावयक मधजस्रटकेर , बलरिप्रामपकरि दप्रारिप्रा पप्राररित आदकेश वदनप्रासंक 21.05.2025, ककी विवैधितप्रा कको चकनरौतश्री दश्री हवै, धजसकके दप्रारिप्रा पप्रारर्थी कके वविरुद्ध रवैरि जमप्रानतश्री विप्रारिसंर वनररत हहआ। पप्रारर्थी नके मकख्य न्यप्रावयक मधजस्रटकेर बलरिप्रामपकरि कको यह वनदरश दकेनके कप्रा भश्री अनकरिकोधि वकयप्रा हवै वक उसकके दप्रारिप्रा पस्तकत उन्मकोचन पप्राररनप्रा पत वनरर्थीत वकयप्रा जप्राए।
3. उपरिकोक पकरिर वदनप्रासंक 04.12.2022 कको वविपकश्री ससंख्यप्रा 2 दप्रारिप्रा पप्रारर्थी सवहत चप्रारि व्यवकययों कके वविरुद्ध धलखप्राई रई परम ससूचनप्रा ररिपकोरर कके आधिप्रारि परि ससंसस्रत हहआ। वविविकेचनप्रा कके उपरिप्रासंत वदनप्रासंक 30.09.2024 कको आरिकोप पत पस्तकत हहआ। वदनप्रासंक 29.01.2025 कको वविचप्रारिर न्यप्रायप्रालय नके अपरिप्राधि कप्रा ससंजप्रान लकेकरि अवभयककरर कको वविचप्रारिर हकेतक तलब वकयप्रा।
4.
पप्रारर्थी नके आरिकोप पत, ससंजप्रान आदकेश तरप्रा तलबश्री आदकेश ककी विवैधितप्रा कको
इस न्यप्रायप्रालय कके समक धिप्रारिप्रा 482 दसं०प०ससं० कके अन्तररत पप्राररनप्रा पत ससंख्यप्रा 3349/2025 दप्रारिप्रा चकनरौतश्री दश्री। उक यप्रावचकप्रा वदनप्रासंक 23.04.2025 कके आदकेश सके वनस्तप्राररित हहई, धजसमम यह असंवकत हवै वक पकरिर मम कक छ तकर करिनके कके पश्चप्रात पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक पप्रारर्थी कको वविचप्रारिर न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रत हकोकरि जमप्रानत पप्राररनप्रा पत पस्तकत करिनके ककी अनकमवत दश्री जप्राए। न्यप्रायप्रालय नके उक अनकरिकोधि कको स्विश्रीकप्रारि करितके हहए यप्रावचकप्रा इस वनदरश कके सप्रार वनस्तप्राररित ककी वक पप्रारर्थी वविचप्रारिर न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रत हकोकरि जमप्रानत पप्राररनप्रा पत पस्तकत करिके तरप्रा जमप्रानत पप्राररनप्रा पत पस्तकत करिनके अरविप्रा 30 वदन ककी अविधधि तक , जको भश्री पहलके समप्राप्त हको जप्राए , पप्रारर्थी कके वविरुद्ध ककोई उत्पश्रीडप्रानप्रात्मक कप्रायरविप्राहश्री न ककी जप्राए। पप्रारर्थी कको उन्मकोचन कप्रा पप्राररनप्रा पत पस्तकत करिनके ककी भश्री स्वितसंततप्रा दश्री। पप्रारर्थी नके उक आदकेश कके अनकपप्रालन मम वविचप्रारिर न्यप्रायप्राल कके समक उपसस्रत हकोकरि जमप्रानत पप्राररनप्रा पत पस्तकत नहहीं वकयप्रा तरप्रा उसनके अपनके अधधिविकप्रा कके मप्राध्यम सके वदनप्रासंक 13.05.2025 कको उन्मकोचन पप्राररनप्रा पत पस्तकत करि वदयप्रा। पप्रारर्थी कके उपसस्रत न हकोनके कके कप्रारिर वविचप्रारिर न्यप्रायप्रालय नके वदनप्रासंक 31.05.2025 कको आदकेश पप्राररित वकयप्रा वक अवभयकक अनकपसस्रत हवै तरप्रा अनकपसस्रवत सके छसू र हकेतक ककोई पप्राररनप्रा पत पस्तकत नहहीं वकयप्रा रयप्रा हवै। अतत पकरिर वदनप्रासंक 04.06.2025 कको अवभयकक ककी उपसस्रवत हकेतक वनयत वकयप्रा रयप्रा तरप्रा पप्रारर्थी कके वविरुद्ध रवैरि जमप्रानतश्री विप्रारिसंर जप्रारिश्री करिनके कप्रा आदकेश हहआ।
5.
पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके आदकेश वदनप्रासंक 31.05.2025 ककी विवैधितप्रा कको चकनरौतश्री दकेतके हहए यह तकर वदयप्रा वक जब अवभयकक वविचप्रारिर न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रत नहहीं हहआ हवै तरप्रा उसनके मप्रात उन्मकोचन हकेतक पप्राररनप्रा पत पस्तकत वकयप्रा हवै तको ऐसश्री सस्रवत मम उसके उपसस्रवत सके छसू र दकेनके कके पप्राररनप्रा पत दकेनके ककी ककोई आविश्यकतप्रा नहहीं रश्री तरप्रा वविचप्रारिर न्यप्रायप्रालय कको उन्मकोचन पप्राररनप्रा पत रकरदकोष परि वनस्तप्राररित करिप्रानप्रा चप्रावहए रप्रा। पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा कप्रा तकर हवै वक पप्रारर्थी नके उन्मकोचन पप्राररनप्रा पत इस न्यप्रायप्रालय दप्रारिप्रा पप्राररित आदकेश वदनप्रासंक 23.04.2025 कके अनकपप्रालन मम वदयप्रा
रप्रा तरप्रा ऐसश्री पररिसस्रवत मम वविचप्रारिर न्यप्रायप्रालय नके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध रवैरि जमप्रानतश्री विप्रारिसंर वनररत करिनके मम अविवैधिप्रावनकतप्रा कप्राररित ककी हवै।
6. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके यह भश्री तकर वदयप्रा वक एक दकरररनप्रा मम रप्रायल हकोनके कके कप्रारिर पप्रारर्थी वदनप्रासंक 15.05.2025 कको अस्पतप्राल मम भतर्थी हहआ, जहप्राहाँ उसकप्रा ऑपरिकेशन हहआ , पप्रारर्थी अस्पतप्राल सके वदनप्रासंक 25.05.2025 कको बप्राहरि आयप्रा तरप्रा अभश्री-भश्री पप्रारर्थी चलनके-वफिरिनके मम असमरर हवै औरि इस कप्रारिर विह वविचप्रारिर न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रत नहहीं हको सकप्रा।
7. वविदप्रान अपरि शप्रासककीय अधधिविकप्रा तरप्रा वविपकश्री ससंख्यप्रा 2 कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके तकर वदयप्रा वक आदकेश वदनप्रासंक 23.04.2025 दप्रारिप्रा इस न्यप्रायप्रालय नके पप्रारर्थी कको वविचप्रारिर न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रत हकोकरि जमप्रानत हकेतक पप्राररनप्रा पत दकेनके ककी छसू र दश्री रश्री। उन्मकोचन पप्राररनप्रा पत वविचप्रारिर न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रत हकोनके कके उपरिप्रासंत हश्री पस्तकत वकयप्रा जप्रा सकतप्रा रप्रा तरप्रा इस न्यप्रायप्रालय नके ऐसप्रा ककोई वनदरश नहहीं वदयप्रा रप्रा वक पप्रारर्थी ककी उपसस्रवत कके वबनप्रा हश्री उसकप्रा उन्मकोचन पप्राररनप्रा पत वनरर्थीत वकयप्रा जप्राए।
8. पप्रारर्थी नके परम ससूचनप्रा ररिपकोरर ककी विवैधितप्रा कको चकनरौतश्री दकेतके हहए इस न्यप्रायप्रालय कके समक आपरिप्राधधिक पककीरर ररिर यप्रावचकप्रा ससंख्यप्रा 5515/2023 पस्तकत ककी रश्री, जको पप्रारर्थी ककी तरिफि सके वकसश्री कके उपसस्रत न हकोनके कके कप्रारिर वदनप्रासंक 04.12.2023 कको वनरिस्त करि दश्री रई।
9. वविदप्रान अपरि शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक पप्रारर्थी तरप्रा एक अन्य सह- अवभयकक रिजत कक मप्रारि नके इस न्यप्रायप्रालय कके समक अवग्रिम जमप्रानत हकेतक पप्राररनप्रा पत ससंख्यप्रा 1770/2024 पस्तकत वकयप्रा रप्रा जको वदनप्रासंक 19.12.2024 कको वनरिस्त हको रयप्रा रप्रा।
10.
उपरिकोक तथ्ययों ककी समश्रीकप्रा सके यह स्पष्ट हकोतप्रा हवै वक इस न्यप्रायप्रालय दप्रारिप्रा पप्राररनप्रा पत अन्तररत धिप्रारिप्रा 482 दसं०प०ससं० ससंख्यप्रा 3349/2025 मम पप्राररित आदकेश वदनप्रासंक 23.04.2025 कके अनकक्रिम मम पप्रारर्थी कको जमप्रानत पप्राररनप्रा
पस्तकत करिनके ककी छसू र दश्री रई रश्री तरप्रा जमप्रानत पप्राररनप्रा पत पस्तकत करिनके अरविप्रा 30 वदन ककी अविधधि, जको भश्री पहलके समप्राप्त हको , तक उत्पश्रीडप्रानप्रात्मक कप्रायरविप्राहश्री सके रिकोक लरप्राई रई रश्री। यद्यवप पप्राररनप्रा पत मम यह भश्री कहप्रा रयप्रा रप्रा वक पप्रारर्थी उन्मकोचन हकेतक पप्राररनप्रा पत पस्तकत करि सकतप्रा हवै , वकन्तक यह पप्राररनप्रा पत वविधधिनकसप्रारि हश्री पस्तकत वकयप्रा जप्रा सकतप्रा हवै तरप्रा वविधधि मम ऐसप्रा ककोई पप्राविधिप्रान नहहीं हवै वक पप्रारर्थी वविचप्रारिर न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रत हहए वबनप्रा उन्मकोचन पप्राररनप्रा पत पस्तकत करि सकके रप्रा। आदकेश वदनप्रासंक 23.04.2025 मम दश्री रई 30 वदन ककी अविधधि बढ़विप्रानके कके धलए भश्री पप्रारर्थी नके उक यप्रावचकप्रा मम ककोई पप्राररनप्रा पत नहहीं वदयप्रा हवै। 30 वदन ककी अविधधि समप्राप्त हकोनके कके पश्चप्रात पप्रारर्थी नके वबनप्रा वविचप्रारिर न्यप्रायप्रालय कके समक उपसस्रवत हहए उन्मकोचन पप्राररनप्रा पत पस्तकत वकयप्रा।पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा कप्रा करन हवै वक पप्रारर्थी दकरररनप्रा मम रप्रायल हकोनके कके कप्रारिर वविचप्रारिर न्यप्रायप्राल कके समक उपसस्रवत नहहीं हको सकप्रा, वकन्तक यह तथ्य वविचप्रारिर न्यप्रायप्रालय कके समक नहहीं लप्रायप्रा रयप्रा हवै।
11. ऐसश्री पररिसस्रवत मम वविचप्रारिर न्यप्रायप्राल नके पप्रारर्थी कके वविरुद्ध रवैरि जमप्रानतश्री विप्रारिसंर वनररत करिनके मम ककोई अविवैधिप्रावनकतप्रा कप्राररित नहहीं ककी हवै।
12. तदनकसप्रारि आदकेश वदनप्रासंक 31.05.2025 मम हस्तककेप करिनके कप्रा ककोई आधिप्रारि नहहीं हवै।
13. पप्राररनप्रा पत बलहश्रीन हवै तदनकसप्रारि वनरिस्त वकयप्रा जप्रातप्रा हवै। Order Date :- 16.7.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench