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Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 150004 (ALL)
PAWAN SINGH AND 3 OTHERS v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. DEPTT. OF HOME LKO. AND ANOTHER
A482/5508/2025 · 2025-07-22
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 150004 (ALL) · dailylaw.ai ]
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Judgment text
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Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:41692 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5508 of 2025 Applicant :- Pawan Singh And 3 Others Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Deptt. Of Home Lko. And Another Counsel for Applicant :- Dharmendra Kumar,Rajeev Shukla Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थीगण कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री डश्री. कके . पप्राण्डकेय, वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा परम शश्री रप्राजकेश कक मप्रार धससिंह एविसिं वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अजय कक मप्रार चचौधिरश्री कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससिंवहतप्रा कके अन्तगरत पस्तकत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थीगण नके परम ससूचनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 373 सन 2015 अन्तगरत धिप्रारप्रा 147, 504, 506 भप्रा०दसिं०ससिं०, रप्रानप्रा मकसिंशश्रीगसिंज, जनपद अमकेठश्री कके अनकक्रिम मम पस्तकत आरकोप पत ससिंख्यप्रा 80 सन 2015 वदनप्रासिंक 12.10.2015 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर आपरप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 317 सन 2022, जको वक वविदप्रान अपर मकख्य न्यप्रावयक मधजस्रटकेर / धसवविल जज (सश्री०डश्री०) परम, सकल्तप्रानपकर कके न्यप्रायप्रालय मम लसिंवबित हह, कके वनरस्तश्रीकरण ककी पप्राररनप्रा इस आधिप्रार पर ककी गई हह वक पकक्षों कके मध्य वदनप्रासिंक 22.05.2025 कको समझचौतप्रा हको गयप्रा हह।
3. पप्रारर्थी ससिंख्यप्रा 1 सके 4 तरप्रा वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 कके दप्रारप्रा वनष्पप्रावदत मसूल सकलहनप्रामप्रा पप्राररनप्रा-पत कके सप्रार ससिंलग्न हह धजसमम यह कहप्रा गयप्रा हह वक अबि आज सके वकसश्री पक कको एक दसूसरके सके ककोई वविविप्राद आपस मम शकेष नहहीं रहप्रा हह और न हश्री एक दसूसरके सके पवत ककोई कप्रानसूनश्री कप्रायरविप्राहश्री चप्राहतके हह।
4. वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 नके एक पवतशपर-पत पस्तकत करकके पप्राररनप्रा-पत कप्रा समररन वकयप्रा हह।
5. इस तथ्य कको ध्यप्रान मम रखतके हहए वक पकक्षों कके बिश्रीच वविविप्राद व्यवकगत पकक वत कप्रा हह और सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा बिश्री.एस. जकोशश्री एविसिं अन्य बिनप्राम हररयप्राणप्रा रप्राज्य एविसिं अन्य (2003) 4 एससश्रीसश्री 675, वनधखल मचरसिंर बिनप्राम सश्रीबिश्रीआई एविसिं अन्य (2008) 9 एससश्रीसश्री 677, मनकोज शमप्रार बिनप्राम रप्राज्य एविसिं अन्य (2008) 16 एससश्रीसश्री 1, जप्रान धससिंह बिनप्राम पसिंजप्राबि स्रकेशन (2010) 15 एससश्रीसश्री 118 और नररसिंदर धससिंह एविसिं अन्य बिनप्राम पसिंजप्राबि रप्राज्य एविसिं अन्य (2014) 6 एससश्रीसश्री 466 कके पकरणक्षों मम वनधिप्रारररत अनकपप्रात कके अनकसप्रार , पकरण कके तथ्यक्षों एविसिं पररसस्रवतयक्षों कको दृवष्टिगत रखतके हहए
आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री कको रद्द करनप्रा उवचत हकोगप्रा क्यक्षोंवक आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री कको जप्रारश्री रखनप्रा वनरररक हकोगप्रा।
6.
तदनकसप्रार, पप्राररनप्रा पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हह। परम ससूचनप्रा ररपकोरर ससिंख्यप्रा 373 सन 2015 अन्तगरत धिप्रारप्रा 147, 504, 506 भप्रा०दसिं०ससिं०, रप्रानप्रा मकसिंशश्रीगसिंज, जनपद अमकेठश्री कके अनकक्रिम मम पस्तकत आरकोप पत ससिंख्यप्रा 80 सन 2015 वदनप्रासिंक 12.10.2015 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर आपरप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 317 सन 2022, जको वक वविदप्रान अपर मकख्य न्यप्रावयक मधजस्रटकेर / धसवविल जज (सश्री०डश्री०) परम, सकल्तप्रानपकर कके न्यप्रायप्रालय मम लसिंवबित हह , तरप्रा उपरकोक आपरप्राधधिक विप्राद ककी ससिंपसूणर कप्रायरविप्राहश्री पप्रारर्थीगण कके वविरुद्ध वनरस्त ककी जप्रातश्री हह। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 22.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench