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2025:CGHC:14384 अ्ቚतिवे्ቕ छ्ቈीसगढ़ उ्ሴ न्यायालय
, बि(लासपुर
बि,्ቓ.य सुरति/ बि0,ांक-19/03/2025 बि,्ቓ.य उ्ሾोबि6 बि0,ांक-25/03/2025 0ाቄኌ89क अपील ्ቅमांक
-588
/2009
1. ललिल ढीमर बिपा-ग्ቓेश ढीमर, उ्-लगभग 30 व6., बि,वासी-(ुड़ेरा, था,ा-खरोरा, जिEला-रायपुर, छ्ቈीसगढ़ -----अपीलाथF बिवरू्ሾ छ्ቈीसगढ़ शास,, ्ቛारा था,ा-पलारी, जिEला-रायपुर, छ्ቈीसगढ़ -----उ्ቈरवा0ी अपीलाथF ्ቛारा : ्ቦी अबि,ल िሺसह राEपू, अतिNव्ሹा । शास,/उ्ቈरवा0ी ्ቛारा : ्ቦी एच.ए.पी.एस. भाबिSया, पै,ल अतिNव्ሹा । मा,,ीय न्यायमूቔኌ ्ቦी संEय कु मार Eायसवाल !! सी.ए.वी. बि,्ቓ.य !! 1. 089 ्ቚबि्ቅया संबिहा, 1973 की Nारा-374 (2) के ह ्ቚस्ु इस 0ाቄኌ89क अपील में बिवचार्ቓ न्यायालय-बि्ቛीय अपर स्ቔ न्यायाNीश, (लौ0ा (ाEार, छ्ቈीसगढ़ ्ቛारा स्ቔ ्ቚकर्ቓ ्ቅमांक-25/2009 “छ्ቈीसगढ़ शास, बिवरू्ሾ ललिल POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.03.25 17:10:09 +0530
2 / 10 {Cr. A. No.-588 of 2009} ढीमर व अन्य एक” में पारिर बि,्ቓ.य बि0,ांक-31/07/2009 को चु,ौी 0ी गई है । जिEसके ह अपीलाथF को बि,म्,ा,ुसार 0ो6जिस्ቍ कर 0ቄኌ89 बिकया गया है । जिEसे आगे सं/ेप में “्ቚ्ाNी, बि,्ቓ.य” से सम्(ोतिN बिकया Eा रहा हैः- 0ो6जिसति्ቍ 089ा0ेश Nारा-304 (भाग-0ो) भारीय 089 संबिहा, 1860 07 व6. का स्ቦम कारावास एवं 1,000/-रूपये का अथ.089 था अथ.089 राशिश अ0ा , कर,े की 0शा में 01 व6. के अतिरिर्ሹ स्ቦम कारावास की सEा से 0ቄኌ89 बिकया गया ।
2. मामले के सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर ्ቛारा पृथक से 0ाቄኌ89क अपील ्ቅमांक-810/2009 ्ቚस्ु की गई थी । उसके ्ቛारा कारावास की सEा पू्ቓ. कर लिलए Eा,े के कार्ቓ उसे बि0,ांक-13/07/2012 को Eेल से रिरहा कर बि0या गया । इस न्यायालय के आ0ेश बि0,ांक-03/02/2016 के ह उसकी अपील बि,राकृ कर 0ी गई है ।
3. बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा अपीलाथF पर Nारा-302/34 एवं Nारा-201 भारीय 089 संबिहा का आरोप बिवरतिच बिकया गया था । ्ቚ्ाNी, बि,्ቓ.य के ह उसे Nारा-201 भारीय 089 संबिहा के आरोप से 0ो6मु्ሹ बिकया गया था उसकी 0ो6जिसति्ቍ Nारा-304 (भाग-0ो) भारीय 089 संबिहा में की गयी है ।
4. अशिभयोE, का मामला सं/ेप में इस आशय का है बिक मृक Eीवराख, घS,ा बि0,ांक- 11/08/2008 को अप,े 0ामा0 मंगल (अ०सा०-1) के घर ्ቇाम-को0वा आया हुआ था । 0ाबिम,ी (अ०सा०-2) मंगल की पत्,ी था Eीवराख, की पु्ቔी है । वे ्ቇाम-को0वा में बिकराये के मका, में रहे थे । घS,ा के बि0, शाम को E( मंगल काम
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A. No.-588 of 2009} से अप,े घर लौSा ो उसकी पत्,ी 0ाबिम,ी उसे (लायी बिक उसके बिपा Eीवराख, आए हुए हैं Eो स89ी भ्ሾी र्ቛ गये हैं । मंगल उन्हें 0ेख,े वहां पहुंचा ो पाया बिक Eीवराख, शरा( के ,शे में (ेहोश पड़े थे । मंगल उन्हें घर ला,े के लिलए वाह, का इंEार कर,े लगा । इसी 0ौरा, अपीलाथF ललिल ढीमर और सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर मोSर सायकल से वहां आए । मंगल ,े उ,से Eीवराख, को मोSर सायकल से घर पहुंचा,े के लिलए उ,के साथ (ैठाया था उ,के Eा,े के प्ቐा मंगल स्वयं अन्य साN, से घर लौS आया । ( क उसका ससुर Eीवराख, घर ,हीं पहुंचा था । मंगल ,े सोचा बिक उसका ससुर Eीवराख,, ्ቛू ल(ा(ू झड़ीराम के यहां चले गए होंगे, इसलिलए उस,े ज्या0ा खोE(ी, ,हीं की । अगले बि0, बि0,ांक- 12/08/2008 को सु(ह मंगल को सूच,ा बिमली बिक को0वा के ,हर बिक,ारे एक शव पड़ा है । मंगल वहां पहुंचा और 0ेखा बिक शव उसके ससुर Eीवराख, का ही था । शव उलSी अवस्था में पड़ा था और उसके गले में गमछा (ंNा हुआ था । मंगल ,े त्काल था,े में सूच,ा बि0या, जिEस पर मग. ्ቚ0श. पी-1 कायम कर शव का पंच,ामा ्ቚ0श. पी- 3 ैयार बिकया गया । 9ॉक्Sर ममा ठाकु र (अ०सा०-10) ्ቛारा शव का परी/्ቓ कर ्ቚतिवे0, ्ቚ0श. पी-18 0ेे हुए (ाया गया बिक Eीवराख, के गले की ह्ቂी में ्ቛै क्चर था, उसकी ्ቇास,ली 0(ी हुई थी, मृत्यु गला 0(ा,े के कार्ቓ हुई थी, जिEसकी ्ቚकृ ति हत्यात्मक थी । ( पुलिलस ्ቛारा घS,ास्थल का ,क्शा ्ቚ0श. पी-4 ैयार बिकया गया । अपीलाथF ललिल से मोSर सायकल की Eब्ी कर ्ቚ0श. पी-5 था उसके शS. की Eब्ी कर ्ቚ0श. पी-6 ैयार की गई । शव परी/्ቓ उपरां पुलिलस आर/क के पेश कर,े पर मृक के गले में (ंNे गमछे की Eब्ी ्ቚ0श. पी-7 की गई । मग. Eांच कर ्ቚथम सूच,ा प्ቔ ्ቚ0श. पी-13 की कायमी की गई । साति/यों के (या, लिलये गये । संपू्ቓ. बिववेच,ा पू्ቓ.
उपरां अशिभयोगप्ቔ पेश बिकया गया ।
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5. अशिभयोE, की ओर से अप,े प/ समथ., में कु ल-10 साति/यों का परी/्ቓ था 17 0स्ावेE ्ቚ0श. तिचन्हांबिक करवाये गये । Nारा-313 089 ्ቚबि्ቅया संबिहा के ह (या, में अपीलाथF ,े अप,े बिवपरी साति/यों के कथ,ों को इन्कार करे हुए कहा है बिक वह बि,0‚6 है और उसे झूठा ्ቛं साया गया । उसकी ओर से (चाव में बिकसी सा/ी का परी/्ቓ ,हीं करवाया गया । उभयप/ काे सु,ा Eाकर बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा अपीलाथF को इस बि,्ቓ.य की कቄኌ89का-1 के अ,ुसार 0ो6जिस्ቍ कर 0ቄኌ89 बिकया गया है । जिEसे इस अपील में चु,ौी 0ी गई है ।
6. अपीलाथF प/ के बिव्ቛा, अतिNव्ሹा का क. है बिक उसके बिवरू्ሾ संपू्ቓ. मामला के वल
"अंतिम (ार साथ 0ेखे Eा,े" के जिस्ሾां पर आNारिर है । मृक Eीवराख, को अपीलाथF एवं सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर के साथ मोSर सायकल में मंगल (अ०सा०-1) ्ቛारा ,हीं (ैठाया गया था । "अंतिम (ार साथ 0ेखे Eा,े" के िሮ(0ु पर मंगल (अ०सा०-1) और स्वं्ቔ सा/ी शंभूराम (अ०सा०- 6) के (या, में महत्वपू्ቓ. रूप से बिवरोNाभास की ቄኌस्थति है । मंगल का स्वयं अप,े ससुर Eीवराख, से बिववा0 की ቄኌस्थति रही है क्योंबिक मृक Eीवराख, शरा( पी,े का आ0ी था और अक्सर मंगल के घर आकर रहा था, जिEससे मंगल और मृक Eीवराख, के मध्य बिववा0 की ቄኌस्थति (,ी रही थी । Eीवराख, के कार्ቓ ही मंगल को अप,े माा-बिपा से अलग होकर बि,वास कर,ा पड़ रहा था । अपीलाथF एवं सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर का मृक Eीवराख, से कभी कोई 0ुश्म,ी या रंजिEश ,हीं रही है । स्वं्ቔ सा/ी शंभूराम (अ०सा०-6) ,े मंगल के इस कथ, की पुबि‡ ,हीं की है बिक अपीलाथF एवं सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर के साथ Eीवराख, को मंगल ,े मोSर सायकल में (ैठाया रहा
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A. No.-588 of 2009} हो । इस ्ቚकार से, उसके बिवरू्ሾ साቌኚय ,हीं है । बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा साቌኚय की उतिच रूप से समी/ा , करे हुए अपीलाथF को ्ቔुबिSपूव.क 0ो6जिस्ቍ कर 0ቄኌ89 बिकया गया है । अपीलाथF की 0ो6जिसति्ቍ सं0ेह से परे स्प‡, पया.् और बिव्ቫस,ीय साቌኚय पर आNारिर ,हीं है । “्ቚ्ाNी, बि,्ቓ.य” ቄኌस्थर रखे Eा,े योग्य ,हीं है । अः अपील स्वीकार कर उसे 0ो6मु्ሹ बिकया Eाये ।
7. उ्ቈरवा0ी/शास, प/ की ओर से उपቄኌस्थ बिव्ቛा, अतिNव्ሹा ,े इस अपील का बिवरोN करे हुए क. बिकया है बिक अशिभयोE, साति/यों ,े पू्ቓ. रूप से अशिभयोE, मामले का समथ., बिकया है जिE,पर अबिव्ቫास बिकये Eा,े का कोई कार्ቓ ,हीं है । बिवचार्ቓ न्यायालय का “्ቚ्ाNी, बि,्ቓ.य” साቌኚय की उतिच समी/ा पर आNारिर है । अशिभयोE, ,े अपीलाथF के बिवरू्ሾ अप,ा मामला सं0ेह से परे ्ቚमाशि्ቓ बिकया है । अपीलाथF प/ ्ቛारा अपील में उठाये गये क. स्वीकार योग्य ,हीं है । अः अपील खारिरE बिकया Eाये ।
8. उभयप/ का क. सु,ा गया और अशिभलेख का सूቌኚमापूव.क परिरशील, बिकया गया ।
9. इस मामले में मृक Eीवराख, के 0ामा0 मंगल (अ०सा०-1), पु्ቔी 0ाबिम,ी (अ०सा०-2), ्ቇाम को0वा बि,वासी होरीलाल (अ०सा०-3), घ,ाराम (अ०सा०-5) के कथ, था 9ॉक्Sर ममा ठाकु र (अ०सा०-10) ्ቛारा ्ቚमाशि्ቓ शव परी/्ቓ ्ቚतिवे0, ्ቚ0श. पी-18 से बिवचार्ቓ न्यायालय का यह बि,ष्क6. उतिच पाया Eाा है बिक Eीवराख, की मृत्यु गला 0(ा,े से हुई थी । इस ्ቚकार, उसकी मृत्यु की ्ቚकृ ति मा,वघाी थी ।
10. महत्वपू्ቓ. ्ቚ् यह है बिक क्या Eीवराख, की मृत्यु कारिर कर,े में अपीलाथF सቄኌम्मलिल था? 6 / 10 {Cr. A. No.-588 of 2009}
11. अशिभयोE, का संपू्ቓ.
मामला ्ቚत्य/ साቌኚय पर आNारिर , होकर (ቄኌ•क परिरቄኌस्थतिEन्य साቌኚय पर आNारिर है । इस मामले में मृक Eीवराख, के गले से Eो गमछा Eब् बिकया गया है, उसे घS,ा में ्ቚयु्ሹ (ाया गया है, िሮकु उ्ሹ गमछे का कोई रासायबि,क परी/्ቓ ्ቚतिवे0, ्ቚमाशि्ቓ ,हीं है । इसी ्ቚकार, अपीलाथF ललिल ढीमर से एक मोSर सायकल की Eब्ी बिकए Eा,े का उ्ቤेख बिकया गया है, िሮकु घS,ा में उस मोSर सायकल की संलिल्ा स्थाबिप कर,े हेु कोई भी अन्य साቌኚय ्ቚस्ु ,हीं बिकया गया है । इसके साथ ही, अपीलाथF ललिल से Eब् की गई शS. के सं(ंN में भी ऐसी कोई रासायबि,क परी/्ቓ ्ቚतिवे0, पेश ,हीं है जिEससे घS,ा में उसकी संलिल्ा को मा,ा Eा सके । बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा 0ो6जिसति्ቍ का आNार एकमा्ቔ "अंतिम (ार साथ 0ेखे Eा,े" का थ्य है । इस िሮ(0ु के 0ो मुख्य सा/ी मृक Eीवराख, का 0ामा0 मंगल (अ०सा०-1) और स्वं्ቔ सा/ी शंभूराम (अ०सा०-6) को (ाया गया हैं ।
12. मंगल (अ०सा०-1) ,े अशिभयोE, मामले की पुबि‡ करे हुए कहा है बिक वह अप,ी पत्,ी के (ा,े पर E( स89ी भ्ሾी में पहुंचा, ो वहां अप,े ससुर Eीवराख, को ,शे के हाल में (ैठा पाया था, Eो चल,े-बि्ቛर,े की ቄኌस्थति में ,हीं था । उसी समय अपीलाथF ललिल और सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर मोSर सायकल में वहां पहुंचे । मंगल ,े उन्हें Eीवराख, को ्ቇाम को0वा क छोड़,े को कहा, जिEस पर वे उसे अप,े (ीच (ैठाकर मोSर सायकल में ले गये । मंगल स्वयं 15-20 बिम,S प्ቐा मेSा9ोर में (ैठकर घर लौSा ो 0ेखा बिक उसका ससुर Eीवराख, घर ,हीं पहुंचा है । उस,े सोचा बिक Eीवराख, अप,े रिरश्े0ार के यहां रूक गया होगा, िሮकु 0ूसरे बि0, सु(ह उसके ससुर Eीवराख, का शव बिमला ।
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13. मंगल (अ०सा०-1) के ्ቚतिपरी/्ቓ में यह थ्य स्प‡ रूप से आया है बिक उसका या उसके ससुर Eीवराख, का अपीलाथF या सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर से कोई बिववा0 या रंजिEश ,हीं था । उस,े यह भी कहा है बिक सह- अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ.
लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर के ससुराल को0वा वालों के यहां वह 04 साल बिकराये से रह चुका है । इस ्ቚकार, उसका सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर से यही सं(ंN परिरलति/ हुआ है बिक पहले सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर के ससुराल में वह बिकराये से रह चुका है । इस मामले में एक उ्ቤेख,ीय और महत्वपू्ቓ. (ा यह है बिक मंगल ्ቛारा 0E. मग. सूच,ा ्ቚ0श. पी-1 में सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर का ,ाम उ्ቤेलिख है, िሮकु अपीलाथF ललिल का ,ाम ,हीं है (ቄኌ•क 9ब्(ू का साथी उ्ቤेलिख है । बि्ቛर ललिल को बिकस आNार पर अशिभयोE, ्ቛारा संलिल् मा,ा गया, इसके (ा( स्प‡ साቌኚय ,हीं है ।
14. मंगल (अ०सा०-1) ,े अप,े ्ቚतिपरी/्ቓ में यह भी स्प‡ बिकया है बिक E( उसका ससुर उसे शरा( भ्ሾी में बिमला था ो ससुर Eीवराख, सायकल रखा था जिEसे चला पा,े की ቄኌस्थति में ,हीं था । उस,े यह भी कहा है बिक E( शरा( भ्ሾी में अपीलाथF था सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर आये थे और वहां शरा( पीये थे, वहां पर शंभूमराम (अ०सा०-6) का ठेला था ।
15. शंभूराम (अ०सा०-6) ,े अप,े न्यायालयी, (या, में इ,ा ही कहा है बिक स89ी के शरा( भ्ሾी में उसका अ89े का ठेला है, Eहां मंगल का ससुर शरा( पीया था । सा/ी ,े मुख्य परी/्ቓ में ही (ाया है बिक मंगल ,े अप,े ससुर Eीवराख, को मेSा9ोर में भेEा था । इस ्ቚकार से, वह इस थ्य की पु‡ी ,हीं करा बिक
8 / 10 {Cr. A. No.-588 of 2009} Eीवराख, को मंगल ,े अपीलाथF व सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर के साथ मेSा9ोर में भेEा हो । अशिभयोE, ्ቛारा प/्ቖोही घोबि6 बिकये Eा,े के प्ቐा भी शंभूराम (अ०सा०-6) ,े इस थ्य की पुबि‡ ,हीं की है बिक अपीलाथF व सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर के साथ मोSर सायकल में मंगल ,े Eीवराख, को भेEा रहा हो । इस रह से, मंगल का यह कथ, बिक उस,े अप,े ससुर Eीवराख, को अपीलाथF व सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ.
लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर के साथ मोSर सायकल में भेEा था, बिकसी भी अन्य साቌኚय ्ቛारा पु‡ ,हीं पाया Eाा ।
16. मंगल (अ०सा०-1) के अ,ुसार, वह ससुर को अपीलाथF व सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर के साथ मोSर सायकल में भेE,े के प्ቐा स्वयं अन्य मेSा9ोर में अप,े घर लौSा था । E(बिक स्वं्ቔ सा/ी शंभूराम (अ०सा०-6) ,े कहा है बिक मंगल अप,े ससुर Eीवराख, को अप,े साथ मेSा9ोर में ही ले गया था । ऐसी 0शा में, मंगल का कथ, संबि0ग्N हो Eाा है । मंगल ,े मग. में यह थ्य भी 0E. कराया है बिक E( वह घर लौSा ( क उसका ससुर Eीवराख, घर ,हीं पहुंचा था ( उस,े सोचा बिक Eीवराख, अप,े रिरश्े0ार के यहां पलारी में रूक गया होगा । E(बिक स्वयं मंगल का यह कह,ा रहा है बिक E( स89ी के शरा( भ्ሾी में उसका ससुर Eीवराख, उसे बिमला था ो वह पै0ल चल,े-बि्ቛर,े की हाल में ,हीं था और , ही सायकल चला पा,े की ቄኌस्थति में था । यबि0 उस,े अपीलाथF व सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर के साथ Eीवराख, को मोSर सायकल में भेEा था ो Eीवराख, कहां चला गया, इस (ा की Eा,कारी वह अपीलाथF व सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर से ले सका था, िሮकु उस रा उस,े अपीलाथF था सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर से
9 / 10 {Cr. A. No.-588 of 2009} अप,े ससुर Eीवराख, की कोई Eा,कारी ,हीं लिलया । जिEससे मंगल का आचर्ቓ और कथ, 0ो,ों संबि0ग्N और अबिव्ቫस,ीय हो Eाे हैं ।
17.
मृक Eीवराख, के 0ामा0 मंगल (अ०सा०-1) को (चाव प/ ्ቛारा यह भी सुझाव बि0या गया है बिक वह अप,े ससुर Eीवराख, के शरा( पी,े की आ0 से परेशा, था और इसी बिववा0 के कार्ቓ वह अप,े माा-बिपा से अलग रहा था । जिEस सुझाव को मंगल ,े ,कार बि0या है, िሮकु उसकी पत्,ी 0ाबिम,ी (अ०सा०-2) ,े ्ቚतिपरी/्ቓ में इस सुझाव को स्वीकार बिकया है । उससे भी मंगल का आचार्ቓ संबि0ग्N ,Eर आा है । इस कार्ቓ उसके एकमा्ቔ इस (या, को सं0ेह से परे बिव्ቫस,ीय ,हीं पाया Eाा बिक उस,े अंतिम (ार अप,े ससुर Eीवराख, को अपीलाथF था सह-अशिभयु्ሹ 9ब्(ू उ्ቛ. लोके ्ቫर ्ቚसा0 ढीमर के साथ मोSर सायकल में (ैठाकर वापस भेEा रहा हो । इस ्ቚकार, अपीलाथF की 0ो6जिसति्ቍ का Eो "अंतिम (ार साथ 0ेखे Eा,े" का आNार रहा है, वह सं0ेह से परे ्ቚमाशि्ቓ ,हीं पाया Eाा ।
18. अः अपीलाथF की 0ो6जिसति्ቍ स्प‡, पया.् और बिव्ቫस,ीय साቌኚय पर आNारिर ,हीं है । अपीलाथF के बिवरू्ሾ अशिभयोE, अप,ा मामला सं0ेह से परे ्ቚमाशि्ቓ कर,े में अस्ቛल रहा है । ऐसी 0शा में, “्ቚ्ाNी, बि,्ቓ.य” ቄኌस्थर रखे Eा,े योग्य ,हीं पाया Eाा ।
19. अः अपील स्वीकार की Eाी है । “्ቚ्ाNी, बि,्ቓ.य” अपास् बिकया Eाा है था अपीलाथF को सं0ेह का लाभ 0ेे हुए आरोबिप अपराN से 0ो6मु्ሹ बिकया Eाा है ।
20. अपीलाथF को Eमा, पर (ाया गया है । 089 ्ቚबि्ቅया संबिहा, 1973 की Nारा-437 ’क’ के ह उसका Eमा,-मुचलका और 06 माह के लिलए
10 / 10 {Cr. A. No.-588 of 2009} ्ቚभावशील रहेगा त्प्ቐा् अन्य न्यायालय में उपቄኌस्थ हो,े की आवश्यका ,ा रह,े पर मु्ሹ समझा Eायेगा ।
21. बि,्ቓ.य की ्ቚति के साथ बिवचार्ቓ न्यायालय को मूल अशिभलेख आवश्यक काय.वाही हेु सूच,ाथ. एवं पाल,ाथ. शी्ቈापूव.क ्ቚेबि6 हो । सही/- (संEय कु मार Eायसवाल) न्यायाNीश पोम,