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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 149725 (ALL)

AJAY PATEL v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO.

NA528/700/2025 · 2025-07-09

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:38864 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 700 of 2025 Applicant :- Ajay Patel Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. Counsel for Applicant :- Avinash Kumar Sharma Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री अवविनप्राश कक मप्रार शमप्रार्मा तरप्रा रप्राज्य सरकप्रार कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससंतकेन्द्र कक मप्रार शश्रीविप्रास्तवि कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससंवहितप्रा /528 भप्रारतश्रीय नप्रागररक सकरकप्रा ससंवहितप्रा कके अन्तगर्मात पस्तकत इस पप्रारर्मानप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके वनम्नधलधखित 19 मप्रामललों मम अलग -अलग वनजश्री बसंधिपत पस्तकत करनके कके बजप्राय एक वनजश्री बसंधिपत पस्तकत वकयके जप्रानके ककी पप्रारर्मानप्रा ककी हिह:- ( ) i मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 195/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 331(4) भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा ससंगप्रामगढ, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( ) ii मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 229/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 331(4), 305 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा महिकेशगसंज, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( iii) मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 161/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 331(4), 305 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा महिकेशगसंज, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( iv) मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 197/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 331(4), 305 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा ससंगश्रीपकर, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( ) v मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 194/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 331(4), 305 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा ससंगप्रामगढ, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( vi) मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 333/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 331(4), 305 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा ककसं डप्रा, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( vii) मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 103/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 457, 380 भप्रा०द०ववि०, रप्रानप्रा लप्रालगसंज, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( viii) मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 400/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 305 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा लश्रीलप्रापकर, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( ) ix मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 398/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 305 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा लश्रीलप्रापकर, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( ) x मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 342/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 305 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा लश्रीलप्रापकर, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( ) xi मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 341/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 305 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा लश्रीलप्रापकर, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( xii) मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 288/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 331(4), 305 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा लश्रीलप्रापकर, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( xiii) मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 275/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 331(4), 305 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा लश्रीलप्रापकर, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( ) xiv मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 243/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 457, 380 भप्रा०द०ववि०, रप्रानप्रा लप्रालगसंज, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( xv) मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 259/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 317(2), 317(4), 317(5), 109(3) और (4) भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा ससंगप्रामगढ, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( ) xvi मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 108/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 380, 457 भप्रा०द०ववि०, रप्रानप्रा ससंगश्रीपकर, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( xvii) मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 146/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 331(4), 305 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा ससंगप्रामगढ, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( ) xviii मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 187/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 331(4), 305 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा ससंगप्रामगढ, धजलप्रा पतप्रापगढ। ( xix) मककदमप्रा अपरप्राधि ससंख्यप्रा 209/2024, असंतगर्मात धिप्रारप्रा 331(4), 305 भप्रारतश्रीय न्यप्राय ससंवहितप्रा, रप्रानप्रा ससंगप्रामगढ, धजलप्रा पतप्रापगढ। 3. मप्राननश्रीय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा पप्राररत वनरर्माय @ Hani Nishad @ . Mohammad Imran Vikky Vs The State of [ ( .) .8914-8915/2018] Uttar Praesh SLP Crl No कप्रा अविलसंब लकेतके हिहए पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके कहिप्रा वक पप्रारर्थी कको भश्री समस्त मप्रामललों मम एक व्यवकगत बसंधिपत तरप्रा दको पवतभभू दप्राधखिल करनके पर जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयप्रा जप्रानप्रा चप्रावहिए। 4. पप्रारर्थी कको सभश्री 19 मप्रामललों मम जमप्रानत पर ररहिप्रा वकयके जप्रानके कप्रा आदकेश हिको चककप्रा हिह तरप्रा उसकके पक मम असंवतम जमप्रानत आदकेश वदनप्रासंक 26.06.2025 कको हिहआ रप्रा वकन्तक अब तक विहि अपनके ससंसप्राधिनलों कके अभप्रावि कके कप्रारर बसंधिपत एविसं पवतभभू पस्तकत नहिहीं कर पप्रायप्रा हिह। 5. उपरकोक तथ्यलों तरप्रा वविधधि व्यविस्रप्रा कको दृवष्टिगत रखितके हिहए यहि पप्रारर्मानप्रा- पत इस वनदरश कके सप्रार वनस्तप्राररत वकयप्रा जप्रातप्रा हिह वक पप्रारर्थी दप्रारप्रा रुपयके 1,00,000/- कप्रा एक व्यवकगत बसंधिपत तरप्रा उसश्री धिनरप्रावश कके दको पवतभभू पस्तकत वकयके जप्रानके पर उसके ऊपर धिप्रारप्रा 5 मम विवरर्मात सभश्री 19 पकररलों मम जमप्रानत पर ररहिप्रा कर वदयप्रा जप्रायकेगप्रा तरप्रा पप्रारर्थी कको पत्यकेक पकरर कके धलए अलग बसंधिपत एविसं पवतभभू दकेनके ककी आविश्यकतप्रा नहिहीं हिकोगश्री। Order Date :- 9.7.2025 Sumit Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench