Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 149718 (ALL)
SHIV PRASAD YADAV v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME LKO. AND 2 OTHERS
A482/5478/2025 · 2025-07-16
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 149718 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 149718 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:40677 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5478 of 2025 Applicant :- Shiv Prasad Yadav Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Lko. And 2 Others Counsel for Applicant :- Sanjay Srivastava,Dharam Prakash Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ससंजय शश्रीविप्रास्तवि तरप्रा वविदप्रान अवतररिक शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अभय कक मप्रारि धससंह कको सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलकोकन वकयप्रा।
2. धिप्रारिप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससंवहतप्रा कके अन्तररत पस्तकत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारिप्रा पप्रारर्थी नके परम ससूचनप्रा ररिपकोरर ससंख्यप्रा 261 सन 2023 अन्तररत धिप्रारिप्रा 419, 420, 467, 468, 471, 120-B, 504, 506 भप्रा०दसं०ससं०, रप्रानप्रा-ककोतविप्रालश्री नररि, जनपद बलरिप्रामपकरि, कके अनकक्रिम मम वविदप्रान मकख्य न्यप्रावयक मधजस्रटकेर, बलरिप्रामपकरि दप्रारिप्रा पप्राररित आदकेश वदनप्रासंक 03.05.2025, ककी विवैधितप्रा कको चकननौतश्री दश्री हवै, धजसकके दप्रारिप्रा पप्रारर्थी दप्रारिप्रा पस्तकत उन्मकोचन पप्राररनप्रा पत वनरिस्त करि वदयप्रा रयप्रा रप्रा।
3. वविदप्रान अपरि शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके पप्रारिसंवभक आपधत्ति रिखश्री वक पप्रारर्थी कको उन्मकोचन पप्राररनप्रा पत वनरिस्त करिनके कके आदकेश कके वविरुद्ध धिप्रारिप्रा 397 दसं०प०ससं० कके अन्तररत सत न्यप्रायप्रालय कके समक्ष पकनरिश्रीक्षण पस्तकत करिनके कप्रा विवैधिप्रावनक अधधिकप्रारि पप्राप्त हवै।
4. उपरिकोक आपधत्ति कके उत्तिरि मम पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके कहप्रा वक विह इस पप्राररनप्रा पत परि बल नहहीं दकेनप्रा चप्राहतके हह तरप्रा पप्रारर्थी सत न्यप्रायप्रालय कके समक्ष पकनरिश्रीक्षण पस्तकत करिकेरप्रा।
5. तदनकसप्रारि, यह पप्राररनप्रा पत बल न दकेनके कके आधिप्रारि परि वनरिस्त वकयप्रा जप्रातप्रा हवै।
6. पप्रारर्थी कको वविचप्रारिण न्यप्रायप्रालय कके समक्ष पकनरिश्रीक्षण पस्तकत करिनके कके उदकेश्य सके पप्राररनप्रा पत कके सप्रार पस्तकत पमप्रावणत पवतयप्रासं, छप्रायप्रापवतयप्रासं अवभलकेख परि रिखतके हहए विप्रापस करि दश्री जप्राएसं। Order Date :- 16.7.2025 Himanshu Digitally signed by :- HIMANSHU SHUKLA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench