Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 149585 (ALL)
NIYAZ AHMAD AND 2 OTHERS v. THE STATE OF U.P. THRU. ITS PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER
A482/5456/2025 · 2025-07-09
Subhash Vidyarthi
body2025
[ 2025 DAILYLAW 149585 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 149585 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:38866 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5456 of 2025 Applicant :- Niyaz Ahmad And 2 Others Opposite Party :- The State Of U.P. Thru. Its Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Mohd.Mateen,Jai Shiva Pratap,Vikas Pandey Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J.
1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ममो० मतश्रीन , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री मनश्रीष वविक्रम धससिंह चचौहप्रान कमो ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा पररशश्रीलन वकयप्रा।
2. धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा-पत दप्रारप्रा पप्रारर्थीरण नके परम ससूचनप्रा ररपमोरर ससिं० 217 सनन् 2009 असिंतररत धिप्रारप्रा 123, 133 लमोकपवतवनधधित्वि अधधिवनयम एविसिं 188, 506 भप्रा०दसिं०ससिं०, रप्रानप्रा पसिंचपकेड़विप्रा , धजिलप्रा बलरप्रामपसुर कके अनसुक्रम मम पस्तसुत आरमोप पत ससिं० 58 सनन् 2009 वदनप्रासिंक 21.06.2009, धजिसकके आधिप्रार पर वविदप्रान मसुख्य न्यप्रावयक मधजिस्रटकेर, बलरप्रामपसुर दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंवकत 09.12.2024 धजिसकके दप्रारप्रा उपरमोक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा रयप्रा तरप्रा उच्च न्यप्रायप्रालय मम आपरप्राधधिक विप्राद ससिं०-5606 सनन् 2009 ककी ससिंपसूणर कप्रायरविप्राहश्री ककी विवैधितप्रा कमो चसुनचौतश्री दश्री रयश्री हवै।
3. वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा नके तकर पस्तसुत करतके हहए अपनश्री पप्रारसिंवभक आपधत्ति रखश्री वक पप्रारर्थी कमो धिप्रारप्रा 397 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत सत न्यप्रायप्रालय कके समक्ष पसुनरश्रीक्षण करनके ककी विवैधिप्रावनक अनसुतमोष उपलब्धि हवै।
4. उपरमोक आपधत्ति कमो पस्तसुत वकए जिप्रानके पर पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा नके यह कहप्रा वक विह इस पप्राररनप्रा-पत पर बल नहहीं दकेनप्रा चप्राहतके तरप्रा विह सत न्यप्रायप्राधिश्रीश कके समक्ष पसुनरश्रीक्षण पस्तसुत करमरके।
5. तदनसुसप्रार, यह पप्राररनप्रा-पत बल न वदए जिप्रानके कके कप्रारण वनरस्त वकयप्रा जिप्रातप्रा हवै। Order Date :- 9.7.2025 Sumit Digitally signed by :- SUMIT KAPOOR High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench