Research › Search › Judgment
Allahabad High Court · body
2025 DAILYLAW 14954 (ALL)
SURESH YADAV v. STATE OF U.P.
BAIL/3662/2025 · 2025-04-22
Gautam Chowdhary
body2025
[ 2025 DAILYLAW 14954 (ALL) · dailylaw.ai ]
[ 2025 DAILYLAW 14954 (ALL) · dailylaw.ai ]
Judgment text
Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.
Neutral Citation No. - 2025:AHC:61314
Court No. - 86 Case :- CRIMINAL MISC. BAIL APPLICATION No. - 3662 of 2025 Applicant :- Suresh Yadav Opposite Party :- State of U.P. Counsel for Applicant :- Anil Kumar,Mohit Singh Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Dr. Gautam Chowdhary,J.
1. वररममान दमाणणण्डिक प्रककीरर जममानर प्रमाररनमा पत , आववेदक ससुरवेश यमादव ककी ओर सवे मसु०अ०स० 758/2024, अन्रररर धमारमा 140(2) बब.एन.एस, रमानमा रमामरढ़ रमाल , जजलमा रगोरखपसुर मम जममानर पर मसुक्त करनवे हवेरसु प्रस्रसुर ककयमा रयमा हहै।
2. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा एववं कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा कगो ससुनमा ररमा पतमावलब कमा पररशबलन ककयमा।
3. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा नवे रकर प्रस्रसुर ककयमा कक आववेदक कगो इस प्रकरर मम रलर एववं फजर्जी ढवंर सवे झझूठमा फवं समायमा रयमा हहै , उसनवे कजरर अपरमाध कमाररर नहहीं ककयमा हहै, पबकड़िरमा नवे अपनवे धमारमा 183 बब.एन.एस.एस. कवे बयमान मम बरमायमा कक " मवेरवे पकर हहैदरमाबमाद मम रहरवे हहै। वगो हम दगोनगो कगो कभब पझूछरवे नहहीं हहै, मवेरवे बवेटवे कमा नमाम प्रसमान्र हहै वह 3 समाल कमा हहै मम अपनब मजर्जी सवे ससुरवेश कवे समार रहब रब हम दगोनगो पकर पत्नब जहैसवे रहरवे रवे हम दगोनगो बवेण्डि पककौड़िमा व चमाय कमा ठवेलमा लरमारवे रवे मवेरवे समार कगोई घटनमा नहहीं घटनब हहै। महै ससुरवेश कवे समार हब रहमानमा चमाहरब हहहूँ। महै चढमानवे सवे आपसब घरवेलझू झरड़िमा ककी वजह सवे मम घसुसवे मम कवे श कर दब रब। बयमान कमा सत्य हगोनमा स्वबकमार हहै।"
4. उक्त पबकड़िरमा कवे धमारमा 183 बब.एन.एस.एस. सवे ऐसमा प्ररबर हगोरमा हहै कक पबकड़िरमा एक सहमर पक्षकमार हहै और पबकड़िरमा नवे अपनवे बयमान मम समाफ बरमायमा कक आववेदक नवे उसकवे समार कगोई जगोर जबरदस्रब नहहीं ककयमा हहै। आववेदक कनदर्दोष हहै ररमा वह इस प्रकरर मम कद० 26.12.2024 सवे कमारमारमार मम कनरुद्ध हहै इसजलए आववेदक कगो जममानर पर छगोड़ि कदयमा जमाय।
5. कवदमान अपर शमासककीय अजधवक्तमा नवे आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दो कमा प्रबल कवरगोध कररवे हहए रकर प्रस्रसुर ककयमा कक आववेदक दमारमा कमाररर अपरमाध सवंजवेय एववं रवंम्भबर प्रकक कर कमा हहै, इसजलए आववेदक कगो जममानर पर न छगोड़िमा जमायवे।
6. आववेदक कवे कवदमान अजधवक्तमा कवे रकर्दोवं कवे पररप्रवेक्ष्य मम पतमावलब पर उपलब्ध समारवमान रथ्ययों एववं पररणस्रकरययों कमा समग्र रूप सवे अवलगोकन करनवे कवे बमाद , सबझूरयों ककी प्रकक कर और ककसब भब ठगोस कवरगोधमात्मक समामग्रब ककी अनसुपणस्रकर एववं उपलब्ध समामग्रब सवे छवेड़िछमाड़ि ककी सवंभमावनमा न हगोनवे कवे रथ्य कगो दवेखरवे हहए मवेरब रमाय मम आववेदक कगो जममानर पर मसुक्त करनवे कमा उपयसुक्त आधमार हहै।
7.
अरतः वमाद कवे रसुर दगोष पर कबनमा कगोई कटप्परब ककए हहए आववेदक कगो उपरगोक्त वकररर अपरमाध मम सवंबवंजधर न्यमायमालय ककी सन्रसुकष्टि पर व्यकक्तरर बवंध-पत एववं उसब धनरमाकश कवे दगो प्रकरभझू प्रस्रसुर करनवे पर कनम्नजलजखर शरर्दोवं कवे समार जममानर पर छगोड़ि कदयमा जमाय।
1. आववेदक कवववेचनमा यमा परबक्षर कवे दकौरमान अकभयगोजन समाक्ष्ययों कवे समार छवेड़िछमाड़ि नहहीं करवेरमा।
2. आववेदक अकभयगोजन समाकक्षययों व पबकड़िरमा/ कशकमायरकरमार कगो ण्डिरमायवेरमा /धमकमायवेरमा नहहीं।
3. आववेदक न्यमायमालय कवे आदवेशयों कमा पमालन करवेरमा, वह परबक्षर कवे दकौरमान कबनमा कगोई अनमावश्यक स्ररन जलए कनयर करजर पर न्यमायमालय मम उपणस्रर हगोरमा ररमा परबक्षर मम ईममानदमारब सवे सहयगोर करवेरमा।
4. आववेदक जममानर पर ररहमा हगोनवे कवे बमाद जममानर ककी स्वरवंतरमा कमा दसुरूपयगोर नहब करवेरमा और ककसब भब अपरमाजधक रकरकवजध मम जलप्त नहहीं हगोरमा न कगोई अपरमाजधक कक त्य करवेरमा।
5. आववेदक प्रत्यक्ष यमा अप्रत्यक्ष रूप सवे ममामलवे कवे रथ्ययों सवे पररकचर ककसब भब व्यकक्त यमा पसुजलस अजधकमाररययों कगो कगोई प्रलगोभन यमा धमककी नहहीं दवेरमा न हब उनसवे कगोई वमायदमा करवेरमा, जजसकवे कमारर उन्हम न्यमायमालय मम रथ्ययों कगो उजमारर करनवे सवे कवरर रहनमा पण्डिवेड उपरगोक्त शरर्दोवं मम सवे ककसब कवे उलवंघन कवे ममामलवे मम , परबक्षर न्यमायमालय आववेदक ककी जममानर कनयममानसुसमार रद्द करनवे कगो स्वरवंत हहै। Order Date :- 23.4.2025 S.Mishra Digitally signed by :- SHASHI MISHRA High Court of Judicature at Allahabad