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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 149492 (ALL)

SALMAN v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND 4 OTHERS

A482/5460/2025 · 2025-07-11

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:39695 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 482 No. - 5460 of 2025 Applicant :- Salman Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And 4 Others Counsel for Applicant :- Mohd.Mateen Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारर्थी कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री ममो० मतश्रीन , वविदप्रान अपर शप्रासककीय अधधिविकप्रा शश्री अभय कक मप्रार धससिंह एविसिं वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 तप्रा 3 कके वविदप्रान अधधिविकप्रा शश्री इकबप्राल अहमद कमो सकनप्रा तरप्रा पतप्राविलश्री कप्रा अविलमोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससिंवहतप्रा कके अन्तररत पस्तकत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारप्रा पप्रारर्थी नके परम ससूचनप्रा ररपमोरर ससिंख्यप्रा 0200 सन 2019 अन्तररत धिप्रारप्रा 363, 366A भप्रा०दसिं०ससिं० वि धिप्रारप्रा 17/18 ललवरक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससिंरकण अधधिवनयम , रप्रानप्रा तकलसश्रीपकर , जनपद बलरप्रामपकर कके अनकक्रिम मम पस्तकत आरमोप पत वदनप्रासिंक 13.11.2019 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर आपरप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 06 सन 2020 मम वविदप्रान अपर सत न्यप्रायप्राधिश्रीश, बलरप्रामपकर दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 24.01.2020 धजससके उक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा एविसिं पप्रारर्थी कमो वविचप्रारण कके धलए तलब वकयप्रा रयप्रा , कके वनरस्तश्रीकरण ककी पप्राररनप्रा इस आधिप्रार पर ककी रई हहै वक पकधों कके मध्य वदनप्रासिंक 27.05.2025 कमो समझझौतप्रा हमो रयप्रा हहै। 3. उपरमोक पकरण वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 दप्रारप्रा वदनप्रासिंक 16.10.2019 कमो ससिंसस्रत परम ससूचनप्रा ररपमोरर कके आधिप्रार पर ससिंसस्रत हहआ रप्रा धजसमम कहप्रा रयप्रा वक वदनप्रासिंक 15.10.2019 ककी रप्रात वशकप्रायतकतप्रार ककी अवियस्क पकतश्री वकसश्री अजप्रात व्यवक कके सप्रार घर सके भप्रार रयश्री। 4. धिप्रारप्रा 164 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत असिंवकत अपनके बयप्रान मम पश्रीवड़ितप्रा (वविपकश्री ससिंख्यप्रा 3) नके यह कहप्रा वक विह पप्रारर्थी कमो पहलके सके जप्रानतश्री रश्री तरप्रा अपनश्री मजर्थी सके उसकके सप्रार रयश्री रश्री। पप्रारर्थी नके उसकके सप्रार बकरप्रा कप्राम नहहीं वकयप्रा। 5. वविपकश्री ससिंख्यप्रा 3 नके अपनप्रा वचवकत्सककीय परश्रीकण करप्रानके सके अस्विश्रीकप्रार कर वदयप्रा। 6. पकधों कके मध्य एक सकलहनप्रामप्रा वदनप्रासिंक 27.05.2025 कमो वनष्पप्रावदत हमो रयप्रा धजसमम वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 तरप्रा 3 नके कहप्रा हहै वक दमोनधों पक एक हश्री कस्बके मम रहतके हल तरप्रा दमोनधों कके मध्य आपस मम अच्छप्रा व्यविहप्रार हहै। परम ससूचनप्रा ररपमोरर रप्रासिंवि कके कक छ व्यवकयधों कके बहकप्राविके मम आकर धलखप्राई रई रश्री तरप्रा अब समप्राज कके ससिंभप्रान्त व्यवकयधों ककी मध्यस्रतप्रा सके पकधों मम सकलह हमो रयश्री हहै। सकलहनप्रामप्रा मम यह भश्री असिंवकत हहै वक वविपकश्री ससिंख्यप्रा 3 वियस्क हहै, उसकप्रा वविविप्राह हमो चककप्रा हहै तरप्रा विह अपनके ससकरप्राल मम रह रहश्री हहै और विह पप्रारर्थी कके वविरुद्ध मककदमप्रा नहहीं लड़िनप्रा चप्राहतश्री। 7. वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 तरप्रा 3 ककी तरफ सके वविपकश्री ससिंख्यप्रा 2 नके पवतशपर-पत पस्तकत करकके पप्राररनप्रा-पत कप्रा समररन वकयप्रा हहै। 8. बहमोरश्री लप्राल बनप्राम उत्तर पदकेश रप्राज्य और अन्य; 2024 एससश्रीसश्री ऑनलप्राइन इलप्राहप्राबद 4596 मम इस न्यप्रायप्रालय नके धिप्रारप्रा 482 दण्ड पवक्रियप्रा ससिंवहतप्रा ककी व्यप्रापकतप्रा ककी जप्रासिंच करतके हहए मप्राननश्रीय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा दक्सप्राबकेन बनप्राम रकजरप्रात रप्राज्य 2022 एससश्रीसश्री ऑनलप्राइन एससश्री 936, पश्री. रप्रामचसिंद्र रप्रावि बनप्राम कनप्राररक रप्राज्य, (2002) 4 एससश्रीसश्री 578, नररसिंदर धससिंह बनप्राम पसिंजप्राब रप्राज्य, (2014) 6 एससश्रीसश्री 466, परबतभप्राई अहश्रीर बनप्राम रकजरप्रात रप्राज्य, (2017) 9 एससश्रीसश्री 641, पश्री. धिमररप्राज बनप्राम षणमकरम, 2022 एससश्रीसश्री ऑनलप्राइन एससश्री 1186, मध्य पदकेश रप्राज्य बनप्राम लक्ष्मश्री नप्रारप्रायण, (2019) 5 एससश्रीसश्री 688, रप्रामरमोपप्राल बनप्राम मध्य पदकेश रप्राज्य, (2022) 14 एससश्रीसश्री 531, रप्रामप्रावितप्रार बनप्राम मध्य पदकेश रप्राज्य, (2022) 13 एससश्रीसश्री 635 और कवपल रकपप्रा बनप्राम रप्राज्य (वदलश्री एनसश्रीरश्री), 2022 एससश्रीसश्री ऑनलप्राइन एससश्री 1030 कके वनणरयधों कप्रा अविलमोकन वकयप्रा हहै और उन वनणरयधों सके यह धसद्धप्रासिंत वनकप्रालके हल वक धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० दप्रारप्रा मप्रान्यतप्रा पप्राप उच्च न्यप्रायप्रालयधों ककी अन्तवनरवहत शवकयप्रासिं व्यप्रापक हल तरप्रा विके लरभर सभश्री सस्रवतयधों कप्रा ध्यप्रान रख सकतश्री हल , जहप्रासिं वकसश्री परश्रीकण, जप्रासिंच यप्रा कप्रायरविप्राहश्री मम उच्च न्यप्रायप्रालय दप्रारप्रा हस्तककेप आविश्यक हमो जप्रातप्रा हहै, वकन्तक इस शवक कप्रा पयमोर वविविकेकपसूणर तरप्रा सचकेत रूप सके वकयप्रा जप्रानप्रा चप्रावहए। उच्च न्यप्रायप्रालय धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत अपनके अधधिकप्रार ककेत कप्रा पयमोर कर परम ससूचनप्रा ररपमोरर और वविविकेचनप्रा कमो रद्ध कर सकतके हल तरप्रा यवद न्यप्रावयक पवक्रियप्रा कके दकरुपयमोर कप्रा मप्रामलप्रा स्पष्ट रूप सके बनतप्रा हहै तमो आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री कमो समप्राप कर सकतके हल। आपरप्राधधिक कप्रायरविप्राहश्री कमो रद्द करनके कके ससिंदभर मम ऐसश्री शवकयधों कप्रा पयमोर सप्राविधिप्रानश्री सके वकयप्रा जप्रानप्रा चप्रावहए, धजसमम समप्राज ककी अन्तश्चकेतनप्रा पर अपरप्राधि ककी पकक वत और पभप्रावि ; चमोर ककी रसिंभश्रीरतप्रा, अवभयकक और पश्रीवड़ित कके बश्रीच समझझौतके ककी स्विहैसच्छक पकक वत , अवभयकक व्यवकयधों कप्रा आचरण और अन्य पप्राससिंवरक वविचप्रार शप्रावमल हधों। यद्यवप न्यप्रायप्रालयधों कमो जघन्य और रसिंभश्रीर अपरप्राधिधों सके ससिंबसिंधधित कप्रायरविप्राहश्री कमो रद्ध करनके कप्रा कप्रायर सप्राविधिप्रानश्री सके करनप्रा चप्रावहए , लकेवकन उच्च न्यप्रायप्रालय कमो यह जप्रासिंच करनके सके नहहीं रमोकप्रा जप्रा सकतप्रा हहै वक क्यप्रा पयप्रारप सप्राक्ष्य हल जमो आरमोपधों कमो धसद्ध करनके मम सहप्रायक हमो सकतके हल। उच्च न्यप्रायप्रालय उन मप्रामलधों मम भश्री कप्रायरविप्राहश्री कमो रद्ध कर सकतप्रा हहै जहप्रासिं पकधों नके आजश्रीविन कप्रारप्राविप्रास ककी अधधिकतम सजप्रा विप्रालके जघन्य अपरप्राधि कके धलए दमोषधसद्ध कके बप्राद समझझौतप्रा कर धलयप्रा हहै। धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतररत अन्तवनरवहत शवकयधों कप्रा पयमोर करनके ककी उद्दकेश्य न्यप्राय कके उद्दश्यधों कमो सकरवकत करनप्रा हमोरप्रा। उच्च न्यप्रायप्रालय ककी पयप्रारप न्यप्राय करनके ककी शवकयधों कमो पवतबसिंधधित करनके विप्रालप्रा कमोई पवतबसिंधिक वनयम नहहीं हमो सकतप्रा हहै , क्यधोंवक धिप्रारप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके तहत वनवहत शवकयधों कप्रा पवतबसिंधिप्रात्मक वनविरचन रसिंभश्रीर अन्यप्राय कप्रा कप्रारण बन सकतप्रा हहै। 9. तदनकसप्रार, पप्राररनप्रा पत स्विश्रीकप्रार वकयप्रा जप्रातप्रा हहै। परम ससूचनप्रा ररपमोरर ससिंख्यप्रा 0200 सन 2019 अन्तररत धिप्रारप्रा 363, 366A भप्रा०दसिं०ससिं० वि धिप्रारप्रा 17/18 ललवरक अपरप्राधिधों सके बप्रालकधों कप्रा ससिंरकण अधधिवनयम , रप्रानप्रा तकलसश्रीपकर, जनपद बलरप्रामपकर कके अनकक्रिम मम पस्तकत आरमोप पत वदनप्रासिंक 13.11.2019 तरप्रा उक कके आधिप्रार पर आपरप्राधधिक विप्राद ससिंख्यप्रा 06 सन 2020 मम वविदप्रान अपर सत न्यप्रायप्राधिश्रीश, बलरप्रामपकर दप्रारप्रा पप्राररत आदकेश वदनप्रासिंक 24.01.2020 धजससके उक अपरप्राधि कप्रा ससिंजप्रान धलयप्रा एविसिं पप्रारर्थी कमो वविचप्रारण कके धलए तलब वकयप्रा रयप्रा , तरप्रा उपरमोक आपरप्राधधिक विप्राद ककी ससिंपसूणर कप्रायरविप्राहश्री पप्रारर्थी कके वविरुद्ध वनरस्त ककी जप्रातश्री हहै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 11.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench