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Allahabad High Court · body

2025 DAILYLAW 149140 (ALL)

HIMANSHI RAJPOOT v. STATE OF U.P. THRU. PRIN. SECY. HOME DEPTT. LKO. AND ANOTHER

NA528/697/2025 · 2025-07-11

Subhash Vidyarthi

body2025

Judgment text

Extracted from the PDF above. The PDF is authoritative.

Neutral Citation No. - 2025:AHC-LKO:39708 Court No. - 15 Case :- APPLICATION U/S 528 BNSS No. - 697 of 2025 Applicant :- Himanshi Rajpoot Opposite Party :- State Of U.P. Thru. Prin. Secy. Home Deptt. Lko. And Another Counsel for Applicant :- Atul Verma,Hari Krishna Verma,Sanjeet Kumar Patel,Sudhanshu Verma Counsel for Opposite Party :- G.A. Hon'ble Subhash Vidyarthi,J. 1. पप्रारररननी कके वविदप्रान अरधिविकप्रा शनी हररि कक ष्ण विरप्रार तरप्रा वविदप्रान अवतररिक शप्रासककीय अरधिविकप्रा शनी अभय रससिंह कको ससुनप्रा तरप्रा पतप्राविलनी कप्रा अविलकोकन वकयप्रा। 2. धिप्रारिप्रा 528 भप्रारितनीय नप्रागररिक ससुरिकप्रा ससिंवहतप्रा कके असिंतगरत पस्तसुत इस पप्राररनप्रा पत दप्रारिप्रा पप्रारररननी नके परर ससूचनप्रा ररिपकोरर ससिंख्यप्रा 42 सन 2025 अन्तगरत धिप्रारिप्रा 191(2), 191(3), 190, 115(2), 352, 351(2) बनी०एन०एस० वि धिप्रारिप्रा 3(1) ( da), 3(1)( dha), 3(2)( ) va . ./ . . S C S T ACt रप्रानप्रा रप्राल जनपद लखनऊ कके अनसुक्रर रम पस्तसुत आरिकोप पत वदनप्रासिंक 31.03.2025 तरप्रा उसकके आधिप्रारि परि वविदप्रान वविशकेष न्यप्रायप्राधिनीश एस०सनी०/ एस०रनी० एक्र, लखनऊ दप्रारिप्रा पप्राररित आदकेश वदनप्रासिंक 07.04.2025 रजसकके दप्रारिप्रा उपरिकोक अपरिप्राधि कप्रा ससिंजप्रान रलयप्रा तरप्रा पप्रारररननी कको वविचप्रारिण हकेतसु तलब वकयप्रा, ककी विवैधितप्रा कको चसुननौतनी दनी गयनी हवै। 3. वविदप्रान अवतररिक शप्रासककीय अरधिविकप्रा नके उपरिकोक पप्राररनप्रा -पत कप्रा वविरिकोधि इस आधिप्रारि परि वकयप्रा हवै वक धिप्रारिप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतगरत ककेतप्रारधिकप्रारि कप्रा उपयकोग करितके हहए न्यप्रायप्रालय पप्रारर्थी परि लगप्रायके गयके आरिकोपपों ककी सत्यतप्रा कको नहहीं दकेख सकतनी हवै। न्यप्रायप्रालय कको कके विल यह दकेखनप्रा हवै वक पतप्राविलनी परि उपलब्धि पपतपों तरप्रा जप्रासिंच रम ससिंकरलत सप्राक्ष्यपों कके आधिप्रारि परि पप्रारर्थी कके वविरुद्ध परर दृष्टयप्रा अपरिप्राधि बनतप्रा हवै यप्रा नहहीं। 4. उपरिकोक आदकेश ककी विवैधितप्रा कको चसुननौतनी इस आधिप्रारि परि दनी गयनी हवै वक पप्रारर्थी कके वविरुद्ध लगप्रायके गयके आरिकोप असत्य हह। रप्रानननीय सविर्वोच्च न्यप्रायप्रालय कके वनणरय कम दनीय जप्रासिंच ब्यसूरिको बनप्रार आयरन रससिंह आवद, 2023 एससनीसनी ऑनलप्राइन एससनी 379 रम अविधिप्राररित हवै वक धिप्रारिप्रा 482 दसिं०प०ससिं० कके असिंतगरत शवकयपों कप्रा उपयकोग करितके हहए न्यप्रायप्रालय कको लघसु वविचप्रारिण (वरननी रटप्रायल) करिनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हवै। इसरम अवभयकोजन / जप्रासिंच एजमसनी कको आरिकोपपों कको सप्रावबत करिनके ककी आविश्यकतप्रा नहहीं हवै। दसिं०प०ससिं० ककी धिप्रारिप्रा 482 कके असिंतगरत शवकयपों कप्रा उपयकोग करितके सरय न्यप्रायप्रालय कके पप्रास बहहत सनीवरत अरधिकप्रारि ककेत हवै औरि रप्रात यह वविचप्रारि करिनके ककी आविश्यकतप्रा हवै वक "क्यप्रा आरिकोपनी कके वविरुद्ध आगके बढ़नके कके रलए ककोई पयप्रारप्त सप्रारगनी उपलब्धि हवै , रजसकके रलए आरिकोपनी परि रसुकदरप्रा चलप्रानके ककी आविश्यकतप्रा हवै यप्रा नहहीं"। 5. यह पप्राररनप्रा-पत इस वनदरश कके सप्रार वनस्तप्राररित वकयप्रा जप्रातप्रा हवै वक यवद पप्रारर्थी वविचप्रारिण न्यप्रायलय कके सरक उपसस्रत हकोकरि जरप्रानत परि ररिहप्राई हकेतसु पप्राररनप्रा पत दकेतप्रा हवै तको उसके रप्रानननीय उच्चतर न्यप्रायप्रालय दप्रारिप्रा सतमदरि कसु रप्रारि असिंवतल बनप्रार सनी.बनी.आई., (2021) 10 एससनीसनी 773 रम अविधिप्राररित वविरधिक रसद्धप्रासिंतपों कके आलकोक रम शनीघ्रतप्रापसूविरक वनणर्थीत वकयप्रा जप्रायकेगप्रा। 6. पप्राररनप्रा-पत तद्नसुसप्रारि वनस्तप्राररित वकयप्रा जप्रातप्रा हवै। [Subhash Vidyarthi,J.] Order Date :- 11.7.2025 Ankit Digitally signed by :- ANKIT SHARMA High Court of Judicature at Allahabad, Lucknow Bench