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2025:CGHC:12388 अ्ቚतिवे्ቕ छ्ቈीसगढ़ उ्ሴ न्यायालय
, बि)लासपुर
बि-्ቓ/य सुरति0 बि1-ाँक-05/03/2025 बि-्ቓ/य उ्ሾोबि7 बि1-ाँक-12/03/2025 1ाቄኌ9:क अपील ्ቅमाँक
-548
/2009
1. बिकस- कु मार बिपा-संु से-, उ्-28, बि-वासी-उघरा, था-ा-)ेमेरा, जिBला-1ुग/, छ्ቈीसगढ़ -----अपीलाथC बिवरू्ሾ छ्ቈीसगढ़ शास-, ्ቛारा था-ा-)ेमेरा, जिBला-1ुग/, छ्ቈीसगढ़ -----उ्ቈरवा1ी अपीलाथC ्ቛारा : ्ቦी अबिम कु मार साहू, अतिKव्ሹा । शास-/उ्ቈरवा1ी ्ቛारा : ्ቦी एच.ए.पी.एस. भाबिQया, पै-ल अतिKव्ሹा । मा--ीय न्यायमूቔኌ ्ቦी संBय कु मार Bायसवाल !! सी.ए.वी. बि-्ቓ/य !! 1. 19: ्ቚबि्ቅया संबिहा, 1973 की Kारा-374 (2) के ह ्ቚस्ु इस 1ाቄኌ9:क अपील में बिवचार्ቓ न्यायालय-स्ቔ न्यायाKीश, )ेमेरा, जिBला-1ुग/, छ्ቈीसगढ़ ्ቛारा स्ቔ ्ቚकर्ቓ ्ቅमांक-11/2008 “छ्ቈीसगढ़ शास- बिवरू्ሾ बिकस- कु मार” में POMAN DEWANGAN Digitally signed by POMAN DEWANGAN Date: 2025.03.12 16:05:27 +0530
2 / 15 {Cr. A. No.-548 of 2009} पारिर बि-्ቓ/य बि1-ांक-29/07/2009 को चु-ौी 1ी गई है । जिBसके ह अपीलाथC को बि-म्-ा-ुसार 1ो7जिस्ቍ कर 1ቄኌ9: बिकया गया है । जिBसे आगे सं0ेप में
“्ቚ्ाKी- बि-्ቓ/य” से सम्)ोतिK बिकया Bा रहा हैः- 1ो7जिसति्ቍ 19:ा1ेश Kारा-376 भारीय 19: संबिहा, 1860 07 का स्ቦम कारावास एवं 500/- रूपये का अथ/19: था अथ/19: राशिश अ1ा - कर-े की 1शा में 02 माह के अतिरिर्ሹ कारावास की सBा से 1ቄኌ9: बिकया गया । Kारा-450 भारीय 19: संबिहा, 1860 02 का स्ቦम कारावास एवं 200/- रूपये का अथ/19: था अथ/19: राशिश अ1ा - कर-े की 1शा में 01 माह के अतिरिर्ሹ कारावास की सBा से 1ቄኌ9: बिकया गया । 1ो-ों मूल सBायें साथ-साथ चलेंगी ।
2. यह उ्ቤेख-ीय थ्य है बिक “्ቚ्ाKी- बि-्ቓ/य” के ह अपीलाथC को बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा Kारा-506 (भाग-1ो) भारीय 19: संबिहा के अपराK से 1ो7मु्ሹ बिकया गया है ।
3. अशिभयोB- मामला सं0ेप में इस ्ቚकार है बिक पीबिmा (अ०सा०-1) Bो 16 व7/ से कम उ् की अवयस्क थी, वह ्ቇाम-उघरा, था-ा-)ेमेरा में अप-े परिरवार के साथ बि-वासर थी । उसके माा-बिपा खेी करे थे । बि1-ांक-22/03/2007 से 27/03/2007 के 1रम्या- B) उसके माा-बिपा घर पर -हीं होे और वह अके ली रही थी । ) अपीलाथC, उसके घर में घुसकर, उसका हाथ-)ांह पकmकर, Bमी- पर पQककर, उससे )लात्कार करा रहा और बिकसी को )ा-े पर Bा- से मार 1े-े की Kमकी 1ेा था । वह लोक-ल्ሸा के भय से घQ-ा बिकसी
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A. No.-548 of 2009} को -हीं )ायी । B) वह 07 माह की गभ/वी हो गई और अपीलाथC उसे पत्-ी )-ा-े से इन्कार कर बि1या ) उस-े घQ-ा अप-ी माँ (अ०सा०-4) था अन्य ्ቇामवाजिसयों को )ायी । त्प्ቐा बि1-ांक-19/10/2007 को था-ा-)ेमेरा में अपीलाथC के बिवरू्ሾ -ामB1 रिरपोQ/ 1B/ करवायी, जिBसपर ्ቚथम सूच-ा प्ቔ ्ቚ1श/ पी-1 कायम कर उसका :ॉक्Qरी परी0्ቓ करवाया गया । पीबिmा के बि-शा-1ेही पर घQ-ास्थल का मौका -क्शा ्ቚ1श/ पी-4 ैयार बिकया गया । पQवारी से -क्शा ्ቚ1श/ पी-5 ैयार करवाया गया । पीबिmा के Bन्मतिशिथ )ा) कोQवारी पंBी की Bब्ी ्ቚ1श/ पी-8 ैयार की गयी । अपीलाथC का भी :ॉक्Qरी परी0्ቓ करवाया गया । साति0यों के )या- लिलये गये । बिववेच-ा पू्ቓ/ कर अशिभयोगप्ቔ पेश बिकया गया।
4. अशिभयोB- की ओर से अप-े प0 समथ/- में कु ल-12 साति0यों का परी0्ቓ था 10 1स्ावेB ्ቚ1श/ तिचन्हांबिक करवाये गये । Kारा-313 19: ्ቚबि्ቅया संबिहा के ह )या- में अपीलाथC -े अप-े बिवपरी साति0यों के कथ-ों को इन्कार करे हुए स्वयं को बि-1z7 हो-ा )ाे हुए कहा है बिक उसे ्ቛे7वश झूठा फं साया गया है । अपीलाथC की ओर से )चाव में बिकसी सा0ी का परी0्ቓ -हीं करवाया गया । उभयप0 काे सु-ा Bाकर बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा अपीलाथC को इस बि-्ቓ/य की कቄኌ9:का-1 के अ-ुसार 1ो7जिस्ቍ कर 1ቄኌ9: बिकया गया है । जिBसे इस अपील में चु-ौी 1ी गई है ।
5. अपीलाथC के बिव्ቛा- अतिKव्ሹा का क/ है बिक इस मामले में रिरपोQ/ करी) 07 माह के बिवलम्) से लिलखवायी गयी है । अशिभयोB- यह ्ቚमाशि्ቓ कर-े में असफल रहा है बिक पीबिmा कशिथ घQ-ा के समय 16 व7/ से कम उ् की अवयस्क थी । मामले में परिरति0 सभी सा0ी, पीबिmा के परिरB- और बि-कQम रिरश्े1ार हैं । ्ቚस्ु की
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A. No.-548 of 2009} गई कोQवारी पंBी का संKार्ቓ बि-यबिम -हीं रहा है । पीबिmा प0 का अपीलाथC की )ुआ सोबि-या था अन्य परिरB-ों से झगmा हुआ था । पीबिmा प0 के बिवरू्ሾ पहले उ-के ्ቛारा रिरपोQ/ 1B/ करवायी गयी थी त्प्ቐा पीबिmा ्ቛारा अपीलाथC के बिवरू्ሾ झूठी रिरपोQ/ 1B/ करवायाी गई है । कशिथ गभ/ वाले )्ሴे के Bन्म के )ा) कोई सूच-ा -हीं 1ी गई था कु छ बि1- प्ቐा ही उसकी मृत्यु हो Bा-ा कहा है जिBस )ा) भी बिकसी को कोई सूच-ा -हीं 1ी गई है । पीबिmा के घर अन्य लोगों का भी आ-ा-Bा-ा रहा है । पीबिmा और उसके परिरB- सा0ी जिसखाये-पढ़ाये गवाह हैं, उ-की साቌኚय बिव्ቫस-ीय -हीं है । कोQवारी पंBी का इं्ቖाB भी ्ቚमाशि्ቓ -हीं हुआ है । उ् बि-Kा/र्ቓ )ा) :ॉक्Qरी सलाह के )ावBू1 पीबिmा की उ् Bांच तिचबिकत्सक से -हीं करवायी गयी है । इस ्ቚकार से, अशिभयोB- का पूरा मामला संबि1ग्K रहा है । बिवचार्ቓ न्यायालय ्ቛारा साቌኚय की उतिच रूप से समी0ा - करे हुए अपीलाथC को 1ो7जिस्ቍ कर 1ቄኌ9: बिकया गया है । अपीलाथC की 1ो7जिसति्ቍ सं1ेह से परे स्प्ቖ, पया/् और बिव्ቫस-ीय साቌኚय पर आKारिर -हीं है । “्ቚ्ाKी- बि-्ቓ/य” ቄኌस्थर रखे Bा-े योग्य -हीं है । अः अपील स्वीकार कर उसे 1ो7मु्ሹ बिकया Bाये ।
6. उ्ቈरवा1ी/शास- प0 की ओर से उपቄኌस्थ बिव्ቛा- अतिKव्ሹा -े इस अपील का बिवरोK करे हुए क/ बिकया है बिक अशिभयोB- साति0यों -े पू्ቓ/ रूप से अशिभयोB- मामले का समथ/- बिकया है जिB-पर अबिव्ቫास बिकये Bा-े का कोई कार्ቓ -हीं है । बिवचार्ቓ न्यायालय का “्ቚ्ाKी- बि-्ቓ/य” साቌኚय की उतिच समी0ा पर आKारिर है । अशिभयोB- -े अपीलाथC के बिवरू्ሾ अप-ा मामला सं1ेह से परे ्ቚमाशि्ቓ बिकया है । अपीलाथC प0 ्ቛारा अपील में उठाये गये क/ स्वीकार योग्य -हीं है । अः अपील खारिरB बिकया Bाये ।
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7. उभयप0 का क/ सु-ा गया और अशिभलेख का सूቌኚमापूव/क परिरशील- बिकया गया ।
8.
इस मामले में ्ቚस्ु साቌኚय से यह ቄኌस्थति स्प्ቖ है बिक अशिभयोB- की ओर से परिरति0 पीबिmा (अ०सा०-1) के बिपा की पहले ही मृत्यु हो चुकी है जिBसका परी0्ቓ -हीं हुआ है । माा (अ०सा०-4), चाचा (अ०सा०-5), चाची (अ०सा०-8), 1ूसरा चाचा (अ०सा०-7) उसके बि-कQम परिरB- या रिरश्े1ार हैं । उ-के समाB का एक सा0ी मोह- िሺसह (अ०सा०-11) है । घQ-ा की Bा-कारी कोQवार को 1े-े पर रिरपोQ/ के समय कोQवार राम्ቚसा1 (अ०सा०-6) भी स्वयं पीबिmा (अ०सा०-4) के साथ था-े गया था । इस ्ቚकार से, यह ቄኌस्थति स्प्ቖ है बिक कोQवार राम्ቚसा1 (अ०सा०-6) मामले में पीति: प0 से ्ቚारंभ से Bुmा रहा है । घQ-ा की रिरपोQ/ 07 माह के बिवलम्) से लिलखवायी गयी है । :ॉक्Qर ्ቦीमी राB्ቦी 1ेवKर (अ०सा०-3) -े रिरपोQ/ के प्ቐा बि1-ांक-19/10/2007 को पीबिmा का :ॉक्Qरी परी0्ቓ कर ्ቚतिवे1- ्ቚ1श/ पी-7 1े-ा )ाया है जिBसके अ-ुसार पीबिmा 24 से 26 स्ाह की गभ/वी थी । इसके अलावा उ्ሹ :ॉक्Qर के )या- में ऐसा कोई थ्य -हीं आया है जिBससे इस )ा की पुबि्ቖ हो सके बिक पीबिmा के साथ B)र- )लात्संग बिकया गया रहा हो । मामले में कोई रासायबि-क परी0्ቓ रिरपोQ/ ्ቚस्ु -हीं है और -ा ही कोई :ी.ए-.ए. परी0्ቓ करवाया गया है ।
9. सव/्ቚथम, पीबिmा (अ०सा०-1) के उ् के बिव7य में बिवचार करें ो यह उ्ቤेख-ीय है बिक पीबिmा (अ०सा०-1) अप-े न्यायालयी- )या- में स्वयं की Bन्मतिशिथ -हीं )ायी है । उसकी माँ (अ०सा०-4) भी पीबिmा की Bन्मतिशिथ -हीं )ायी है । :ॉक्Qर ्ቦीमी राB्ቦी 1ेवKर (अ०सा०-3) के अ-ुसार उस-े उ् Bांच )ा) एक्सरे बिवशे7्ሺ की सलाह 1ी थी, बिकन्ु अशिभयोB- ्ቛारा बिकसी बिवशे7्ሺ से पीबिmा
6 / 15 {Cr. A. No.-548 of 2009} (अ०सा०-1) की उ् )ा) कोई Bांच कर रिरपोQ/ पेश -हीं की गई है । अशिभयोB- की ओर से ऐसा कोई भी सा0ी -हीं है Bो पीबिmा की Bन्मतिशिथ की Bा-कारी रख-े वाला हो । उसके Bन्मतिशिथ को ्ቚमाशि्ቓ कर-े वास्े मामले में आኌQकल-ए की कोQवारी पंBी कोQवार राम्ቚसा1 (अ०सा०-6) से Bब्ी ्ቚ1श/ पी-8 के ह Bब् कर-ा )ाया गया है जिBसका एक सा0ी पीबिmा का चाचा (अ०सा०-5) है ।
10.
कोQवार राम्ቚसा1 (अ०सा०-6) -े अप-े परी0्ቓ में मूल कोQवारी पंBी को आኌQकल-ए के रूप में ्ቚस्ु बिकया है । जिBसके अ-ुसार कोQवारी पंBी में
"आर.” -ाम से )्ሴे का -ाम 1B/ है और Bन्मतिशिथ 12/11/1992 1B/ है । जिBसकी सूच-ा )्ሴे के बिपा "पी.” -े 1ी थी बिकन्ु बिपा "पी.” की मृत्यु हो Bा-े से उसका परी0्ቓ -हीं हो सका है । अशिभयोB- के मामले था न्यायालयी- साቌኚय में पीबिmा (अ०सा०-1) का -ाम "आर.के .” )ाया गया है अथा/ कोQवारी पंBी आኌQकल-ए में Bो -ाम 1B/ है उससे शिभ्ቐ -ाम अशिभयोB- के मामले और न्यायालयी- )या- में )ाया गया है । हालांबिक स्वयं पीबिmा (अ०सा०-1) -े अप-े न्यायालयी- )या- के समय कहा है बिक उसे -ा जिसफ/ "आर.के .” के -ाम से )ቄኌ•क "आर.” के -ाम से भी गांव में )ुलाया Bाा है । बिकन्ु अशिभयोB- साቌኚय से पहले बिकसी भी 1स्ावेB में इस )ा) थ्य -हीं आया है बिक पीबिmा (अ०सा०- 1) का -ाम "आर.के .” के अलावा "आर.” भी रहा हो । ऐसी 1शा में, कशिथ कोQवारी पंBी आኌQकल-ए की ्ቚबिवबि्ቖ संबि1ग्K हो Bाी है ।
11. The Supreme Court in the matter of Manak Chand alias Mani v. State of Haryana, 2023 SCC Online SC 1397 has reiterated the
7 / 15 {Cr. A. No.-548 of 2009} law laid down by it in the matter of Birad Mal Singhvi vs. Anand Purohit, 1988 (Supl.) SCC 604 and observed that the date of birth in the register of the school would not have any evidentiary value without the testimony of the person making the entry or the person who gave the date of birth. It was further reiterated that if the date of birth is disclosed by the parents, it would have some evidentiary value but in absence the same cannot be relied upon. For sake of brevity para No. 14 & 15 of the judgment are reproduced hereunder :-
“14.
This Court in Birad Mal Singhvi v. Anand Purohit (1988) Supp SCC 604 had observed that the date of birth in the register of a school would not have any evidentiary value without the testimony of the person making the entry or the person who gave the date of birth. “14. …The date of birth mentioned in the scholar’s register has no evidentiary value unless the person who made the entry or who gave the date of birth is examined. The entry contained in the admission form or in the scholar’s register must be shown to be made on the basis of information given by the parents or a person having special knowledge about the date of birth of the person concerned. If the entry in the scholar’s register regarding date of birth is made on the basis of information given by parents, the entry would have evidentiary value but if it is given by a stranger or by someone else who had no special means of knowledge of the date of birth, such an entry will have no evidentiary value.”
15. In our opinion, the proof submitted by the prosecution with regard to the age of the prosecutrix in the form of the school register was not sufficient to arrive at a finding that the prosecutrix was less than sixteen years of age, especially when there were contradictory evidences
8 / 15 {Cr. A. No.-548 of 2009} before the Trial Court as to the age of the prosecutrix. It was neither safe nor fair to convict the accused, particularly when the age of the prosecutrix was such a crucial factor in the case.”
12. Hon’ble the Apex Court in the matter of Alamelu and another v. State represented by Inspector of Police, (2011) 2 SCC 385 has held that:-
“the transfer certificate which is issued by a government school and is duly signed by Headmaster would be admissible in evidence u/s 35 of the Evidence Act, 1872.
However, the admissibility of such a document would be of not much evidentiary value to prove the age of the prosecutrix in the absence of the material on the basis of which the age was recorded. The Supreme Court held under the facts and circumstances of the case that the date of birth mentioned in the transfer certificate would have no evidentiary value unless the person, who made the entry or who gave the date of birth is examined.”
13. Further, Hon’ble the Apex Court in the matter of Birad Mal Singhvi Vs. Anand Purohit, AIR 1988 SC 1796 has held that:-
“to render a document admissible under Section 35, three conditions must be satisfied, firstly, entry that is relied on must be one in a public or other official book, register or record, secondly, it must be an entry stating a fact in issue or relevant fact; and thirdly, it must be made by a public servant in discharge of his official duty, or any other person in performance of a duty specially enjoined by law. An entry relating to date of birth made in the school register is relevant and admissible under Section 35 of the Act but the entry regarding to the age of a person in a school register is of not much evidentiary value to prove the age of the person in the absence of the material on which the age was recorded.”
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14. How, dakhil-kharij register is treated to be relevant came up for
consideration before the Hon’ble Supreme Court in Babloo Pasi v. State of Jharkhand and another (2008) 13 SCC 133, wherein it has been held as under:-
“22. It is well settled that it is neither feasible nor desirable to lay down an abstract formula to determine the age of a person. The date of birth is to be determined on the basis of material on record and on appreciation of evidence adduced by the parties. The Medical evidence as to the age of a person, though a very useful guiding factor, is not conclusive and has to be considered along with other cogent evidence. 28. It is trite that to render a document admissible under Section 35, three conditions have to be satisfied, namely: (i) entry that is relied on must be one in a public or other official book, register or record; (ii) it must be an entry stating a fact in issue or a relevant fact, and (iii) it must be made by a public servant in discharge of his official duties, or in performance of his duty especially enjoined by law. An entry relating to date of birth made in the school register is relevant and admissible under Section 35 of the Act but the entry regarding the age of a person in a school register is of not much evidentiary value to prove the age of the person in the absence of the material on which the age was recorded. (See: Birad Mal Singhvi v. Anand Purohit (1997) 4 SCC 24).”
15. The Supreme Court in the matter of Sunil v. State of Haryana (2010) 1 SCC 742 has held as under:-
“26. Bishan, PW8, the father of the prosecutrix has also not been able to give correct date of birth of the prosecutrix. In his statement he clearly stated
10 / 15 {Cr. A. No.-548 of 2009} that he is giving an approximate date without any basis or record. In a criminal case, the conviction of the appellant cannot be based on an approximate date which is not supported by any record. It would be quite unsafe to base conviction on an approximate date. 34. On consideration of the totality of the facts and circumstances of this case, it would be unsafe to convict the appellant when there are so many infirmities, holes and lacunas in the prosecution version.
The appellant is clearly entitled to benefit of doubt and consequently the appeal filed by the appellant deserves to be allowed. The appellant is
directed to be released forthwith, if not required in any case.”
16. उपरो्ሹ न्यायादृ्ቖांों के परिर्ቚेቌኚय में उ् )ा) ्ቚस्ु कोQवारी पंBी आኌQकल-ए पर इं्ቖाB की बिव्ቫस-ीया पर बिवचार करें ो यह स्प्ቖ है बिक कोQवारी पंBी के अ-ुसार पीबिmा (अ०सा०-1) के Bन्म की सूच-ा 1े-े वाले बिपा की मृत्यु हो Bा-े से उसका परी0्ቓ -हीं हुआ है । वास्व में पीबिmा का Bो -ाम अशिभयोB- मामले में "आर.के .” )ाया गया है वह कोQवारी पंBी में 1B/ -ा होकर )ቄኌ•क "आर.” -ाम 1B/ है । कोQवार राम्ቚसा1 (अ०सा०-6) का परी0्ቓ करवाया गया है उस-े यह स्वीकार बिकया है बिक उ्ሹ इं्ቖाB Bो व7/-1992 का है उस समय वह कोQवार -हीं था )ቄኌ•क उसके 1ा1ा कोQवार थे और उसके 1ा1ा सेवाबि-वृ्ቈ हो चुके हैं बिकन्ु Bीबिव है । यबि1, इं्ቖाB कर-े वाला कोQवार Bीबिव है ो अशिभयोB- की ओर से उ-का परी0्ቓ क्यों -हीं करवाया गया है? इस )ा) कोई स्प्ቖीकर्ቓ -हीं बि1या गया है ।
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17.
कोQवार राम्ቚसा1 (अ०सा०-6) -े यह अवश्य कहा है बिक व7/-1992 के समय भी कोQवारी पंBी में इं्ቖाB उसके 1ा1ा, उसी से करवाे थे । बिकन्ु त्समय उस इं्ቖाB में उसके 1ा1ा या उसका कोई हस्ा0र हो ऐसा आኌQकल-ए में -हीं )ाया गया है । कोQवारी पंBी में 1B/ Bन्मतिशिथ की सूच-ा 1े-े वाले बिपा और उस समय के इं्ቖाB कर-े वाले कोQवार, 1ो-ों का ही अशिभयोB- की ओर से परी0्ቓ -हीं हो सका है । कोQवार राम्ቚसा1 (अ०सा०-6) -े अप-े ्ቚतिपरी0्ቓ में यह स्वीकार बिकया है बिक उपरो्ሹ कोQवारी पंBी भर Bा-े के प्ቐा था-े में Bमा हो Bाी है, बिकन्ु उ्ሹ पंBी मूल रूप में उसके पास कै से उपलब्K थी, इसका कोई स्प्ቖीकर्ቓ -हीं आया है । उस-े यह भी स्वीकार बिकया है बिक पंBी बिकसी भी अतिKकारी से ्ቚमाशि्ቓ हो-ा चाबिहए, बिकन्ु आኌQकल-ए की पंBी ्ቚमाशि्ቓ -हीं है । उसमें कु ल बिक-े पेB है, यह ्ቚमाशि्ቓ -हीं करवाया गया है । उस-े यह भी स्वीकार बिकया है बिक आኌQकल-ए के भाग ) से ) का हस्ा0र उस तिशिथ पर था-े में करवाया गया था B) कोQवारी पंBी की Bब्ी की गई थी । उस-े यह भी स्वीकार बिकया है बिक आኌQकल-ए की कोQवारी पंBी में पीबिmा की माँ का कोई हस्ा0र -हीं है । पीबिmा की माँ (अ०सा०-4) -े भी कहा है बिक वह पीबिmा की Bन्म की सूच-ा 1े-े स्वयं कोQवार के पास -हीं गई थी । कोQवार राम्ቚसा1 (अ०सा०-6) -े यह भी स्वीकार बिकया है बिक आኌQकल-ए के ्ቚथम पेB में सूच-ा 1े-े वाले के लिलए ቄኌस्लप के -ीचे Bो सूच-ा 1े-े वाले का -ाम और पा वाला स्था- है, वह रिर्ሹ है । पंBीयक के हस्ा0र वाला स्था- भी रिर्ሹ है, Bन्म रजिBस्Qर का पंBीय- ्ቅमांक वाला स्था- भी रिर्ሹ है, बिकन्ु अवलोक- से पाया Bाा है बिक पृ् भाग पर सूच-ा 1े-े वाले का -ाम पर1ेशीराम, उसका पा-उघरा और पंBीयक के Bन्म रजिBस्Qर का पंBीय- ्ቅमांक-3499 1B/ है । मामले में, जिBस ्ቚकार से यह स्प्ቖ हो रहा है
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A. No.-548 of 2009} बिक पूरे कॉलम -हीं भरे गये हैं । सूच-ा 1े-े वाले का परी0्ቓ -हीं हुआ है । 1B/ कर-े वाले त्काली- कोQवार का परी0्ቓ -हीं हुआ है । पीबिmा के -ाम में शिभ्ቐा है । उ-के पृ् को ्ቅमांबिक कर बिकसी अतिKकारी ्ቛारा ्ቚमाशि्ቓ -हीं है । इ- स) ቄኌस्थतियों में आኌQकल-ए का कोQवारी पंBी वैKाबि-क रूप से -ा ो संKारिर पाया Bाा है और -ा ही उसका इं्ቖाB बिव्ቫस-ीय पाया Bाा है ।
18. पीबिmा (अ०सा०-1) -े अप-े न्यायालयी- )या- में पहले ो अप-ी उ् 16 व7/ )ायी है । बिकन्ु न्यायालयी- )या- बि1-ांक-15/07/2009 में यह स्वीकार की है बिक उसकी उ् करी) 19-20 व7/ की हो गई है त्प्ቐा पु-ः कही है बिक उसकी उम 17-18 व7/ की रही है । इस ्ቚकार से, B) :ॉक्Qरी सलाह के )ावBू1 बिवशे7्ሺ से उसकी उ् Bांच -हीं करवायी गई है । कोQवारी पंBी वैK रूप से संKारिर -हीं पायी गयी है । उसका इं्ቖाB बिवतिKव ्ቚमाशि्ቓ -हीं हुआ है । Bमा हो-े के प्ቐा वह पंBी कै से कोQवार के पास आयी, उसका कोई समाKा-्ቚ1 स्प्ቖीकर्ቓ -हीं आया है । यबि1 कोQवार ्ቛारा था-े में सूच-ा 1ी Bाी है ो उस सूच-ा को ्ቇह्ቓ कर-े वाला कौ- व्यबि्ሹ रहा है यह आኌQकल-ए के 1स्ावेB से स्प्ቖ -हीं होा है । इस अवस्था में, कोQवारी पंBी आኌQकल-ए सं1ेह से परे ्ቚमाशि्ቓ -हीं पायी Bाी । उसमें 1B/ Bन्मतिशिथ 12/11/1992 भी सं1ेह से परे ्ቚमाशि्ቓ -हीं पायी Bाी । सम्पू्ቓ/ साቌኚय था पीबिmा के )या- को दृबि्ቖग रखे हुए यह थ्य भी सं1ेह से परे ्ቚमाशि्ቓ -हीं पाया Bाा बिक कशिथ घQ-ा बि1-ांक- 22/03/2007 के समय पीबिmा (अ०सा०-1) की उ् 16 व7/ से कम रही हो ।
19. Bहां क, अपीलाथC ्ቛारा पीबिmा (अ०सा०-1) के साथ )लात्संग बिकये Bा-े का ्ቚ् है? इस सं)ंK में, यह स्प्ቖ है बिक घQ-ा की रिरपोQ/ करी) 07 माह के प्ቐा
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A. No.-548 of 2009} ) करवायी गयी है B) पीबिmा (अ०सा०-1) गभ/वी थी । स्वयं पीबिmा (अ०सा०-1) के साथ-साथ उसके परिरB- साति0यों के )या- था समाB के मोह- िሺसह (अ०सा०-11) और कोQवार राम्ቚसा1 (अ०सा०-6) के )या- में भी यह थ्य स्प्ቖ रूप से आया है बिक B) गभ/वी हो-े की Bा-कारी परिरB-ों था अन्य समाB और गांव वालों को हुआ ) पीबिmा (अ०सा०-1) -े अपीलाथC का -ाम लिलया था । उस बिव7य में, गांव और समाB के 08-10 लोग पीबिmा (अ०सा०-1) के घर भी पूछाछ कर-े गये थे ) उस-े अपीलाथC का ही -ाम लिलया था । साति0यों के )या- से यह भी स्प्ቖ है बिक पीबिmा (अ०सा०-1) के परिरB- और अपीलाथC के परिरB-ों के मध्य में बिववा1 और मारपीQ भी हुआ था । पीबिmा (अ०सा०-1) के अ-ुसार अपीलाथC -े बिववाह कर-े से इन्कार कर बि1या था ) समाB में लोक-ल्ሸा के :र से उन्हों-े रिरपोQ/ की थी । यबि1, अपीलाथC ्ቛारा बिववाह कर लिलया Bाा ो रिरपोQ/ -हीं की Bाी । साति0यों के अ-ुसार अपीलाथC -े गभ/ अप-ा हो-े से इन्कार बिकया था और उसके प्ቐा रिरपोQ/ की गई थी । उभयप0 के मध्य बिववा1 और मारपीQ हुई थी इसकी पहले रिरपोQ/ अपीलाथC के )ुआ सोबि-या की ओर से की गई थी त्प्ቐा पीति: प0 की ओर से बिवचार्ቓीय मामले में रिरपोQ/ 1B/ करवायी गयी है ।
20. इस )ा) कोई :ॉक्Qरी या अन्य Bांच -हीं हो सकी है बिक पीबिmा का Bो गभ/ था, वह अपीलाथC का ही था । स्वयं पीबिmा और उसकी माँ के कथ- अ-ुसार Bन्म के कु छ ही बि1- प्ቐा उस )्ሴे की मृत्यु हो गई थी, जिBसके Bन्म या मृत्यु के बिव7य में बिकसी भी शासकीय अशिभलेख में कहीं-कोई सूच-ा -हीं 1ी गई है । मृत्यु कै से- बिक- कार्ቓों से हुई, इसका भी कु छ पा -हीं चला । अपीलाथC प0 के अ-ुसार
14 / 15 {Cr. A. No.-548 of 2009} पीति: प0 -े अप-ी ल्ሸा )चा-े के लिलए उस )्ሴे को मार बि1या था, जिBस सुझाव को पीबिmा (अ०सा०-1) -े इन्कार कर बि1या है ।
21.
पीबिmा (अ०सा०-1) के अ-ुसार उसके साथ शारीरिरक सं)ंK की कशिथ घQ-ा 06 बि1- क लगाार चली रही, जिBसके )mे भाई और )ह- भी हैं । बिकन्ु घर में अपीलाथC क)-कै से-बिकस रह से आकर )लात्संग करा था, इस बिव7य में स्प्ቖ साቌኚय का अभाव है ।
22. पीबिmा (अ०सा०-1) -े यह भी स्वीकार बिकया है बिक था-ा-)ेमेरा उसके घर से 07-08 बिकलोमीQर की 1ूरी पर है जिBस ओर वह सामा- वगैरह खरी1-े के लिलए आी Bाी थी, बिकन्ु उस-े 07 माह क कोई रिरपोQ/ -हीं की । उस-े यह भी स्वीकार बिकया है बिक उसके घर के आसपास पु-ऊ या1व, )ैसालिख- )ाई, चमेली )ाई, गरी)ा, सरBू, मोबिह वगैरह का घर है और उसके घर में यबि1 कोई तिच्ቤायेगा ो आस-पmोस में सु-ाई 1ेगा । बिफर भी लगाार 06 बि1- क कशिथ घQ-ा चल-े के )ावBू1 पीबिmा (अ०सा०-1) ्ቛारा -ा ो कभी बिवरोK बिकया गया है और -ा ही बिकसी को सूच-ा बि1या गया है । )ቄኌ•क गभ/वी हो-े के 07 माह प्ቐा अपीलाथC के बिवरू्ሾ रिरपोQ/ 1B/ करवाया गया है ।
23. उपरो्ሹ समस् थ्य, ቄኌस्थति और साቌኚय को दृबि्ቖग रखे हुए पीबिmा या उसके परिरB-ों का यह कथ- सं1ेह से परे बिव्ቫस-ीय -हीं पाया Bाा बिक पीबिmा को Bो गभ/ हुआ था, वह अपीलाथC का ही था और अपीलाथC -े B)र1स्ी पीबिmा के साथ )लात्संग बिकया हो । उ्ሹ अवस्था में, अपीलाथC की 1ो7जिसति्ቍ स्प्ቖ, पया/् और बिव्ቫस-ीय साቌኚय पर आKारिर -हीं है । अपीलाथC के बिवरू्ሾ अशिभयोB- का
15 / 15 {Cr. A. No.-548 of 2009} मामला सं1ेह से परे ्ቚमाशि्ቓ -हीं है । ऐसी 1शा में, “्ቚ्ाKी- बि-्ቓ/य” ቄኌस्थर रखे Bा-े योग्य -हीं पाया Bाा ।
24. अः अपील स्वीकार की Bाी है । “्ቚ्ाKी- बि-्ቓ/य” अपास् बिकया Bाा है था अपीलाथC को सं1ेह का लाभ 1ेे हुए आरोबिप अपराK से 1ो7मु्ሹ बिकया Bाा है ।
25. अपीलाथC को Bमा- पर )ाया गया है । 19: ्ቚबि्ቅया संबिहा, 1973 की Kारा-437 ’क’ के ह उसका Bमा--मुचलका और 06 माह के लिलए ्ቚभावशील रहेगा त्प्ቐा् अन्य न्यायालय में उपቄኌस्थ हो-े की आवश्यका -ा रह-े पर मु्ሹ समझा Bायेगा ।
26. बि-्ቓ/य की ्ቚति के साथ बिवचार्ቓ न्यायालय को मूल अशिभलेख आवश्यक काय/वाही हेु सूच-ाथ/ एवं पाल-ाथ/ शी्ቈापूव/क वापस ्ቚेबि7 हो । सही/- (संBय कु मार Bायसवाल) न्यायाKीश पोम-